ChatGPT Gemini Data Privacy: आजकल हम Chatgpt से रेसिपी पूछते हैं, Gemini से ईमेल लिखवाते हैं और Copilot से काम की मदद लेते हैं। ये एआई चैटबॉट्स हमारी ज़िंदगी का हिस्सा बन गए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं, कि ये सिर्फ आपकी मदद नहीं करते, बल्कि आपकी हर बात, हर पसंद और हर आदत को चुपचाप नोट भी करते रहते हैं?
यह डेटा इन कंपनियों के एआई मॉडल्स को और बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल होता है यानी आप अनजाने में अपना डेटा उन्हें तोहफे में दे रहे हैं। लेकिन घबराइए नहीं, कुछ आसान सेटिंग्स बदलकर आप अपनी प्राइवेसी वापस ले सकते हैं।
चैटजीपीटी में कैसे बचाएं अपना डेटा?
सबसे पहले बात करते हैं, ChatGPT की जो शायद सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला एआई चैटबॉट है। इसमें सेटिंग्स में जाकर “इम्प्रूव द मॉडल फॉर एवरीवन” वाला ऑप्शन बंद कर दें, इससे आपकी बातचीत एआई ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल नहीं होगी। अगर आप कोई संवेदनशील बात करना चाहते हैं, तो टेम्पररी चैट का विकल्प चुनें, जो सेव नहीं होती। इसके अलावा महीने में एक बार अपनी पूरी चैट हिस्ट्री डिलीट करने की आदत डालें, यह छोटी सी कोशिश आपकी बड़ी सुरक्षा कर सकती है।
गूगल Gemini-
गूगल Gemini थोड़ा ज़्यादा ध्यान मांगता है, क्योंकि यह सिर्फ चैटबॉट नहीं है, यह आपके जीमेल, ड्राइव, डॉक्स और शीट्स से भी जुड़ा हो सकता है। यानी आपके ईमेल और दस्तावेज़ भी इसकी नज़र में हो सकते हैं। इसे रोकने के लिए जेमिनी ऐप्स एक्टिविटी सेटिंग्स में जाएं और डेटा कलेक्शन बंद करें। साथ ही ऑटो-डिलीट का विकल्प चुनें, तीन महीने की सीमा सबसे सुरक्षित मानी जाती है। पुरानी सारी एक्टिविटी भी डिलीट कर दें और ड्राइव, जीमेल जैसे जो भी कनेक्टेड ऐप्स ज़रूरी न हों उन्हें डिसकनेक्ट कर दें।
माइक्रोसॉफ्ट Copilot-
माइक्रोसॉफ्ट Copilot खासतौर पर ऑफिस के काम में इस्तेमाल होता है, इसलिए यहां डेटा और भी संवेदनशील हो सकता है। इसमें प्रोफाइल में जाकर सेटिंग्स और फिर प्राइवेसी में जाएं। वहां ट्रेनिंग ऑन टेक्स्ट और ट्रेनिंग ऑन वॉयस दोनों ऑप्शन बंद कर दें। मेमोरी फीचर्स को भी डिसेबल करें, ताकि Copilot आपकी पुरानी बातें याद न रखे। समय-समय पर चैट हिस्ट्री को मैन्युअली डिलीट करते रहें।
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डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहना आपका हक है-
एआई चैटबॉट्स जितने उपयोगी हैं, उतने ही सतर्कता मांगते हैं। आप जो भी इनसे शेयर करते हैं, वह कहीं न कहीं स्टोर होता है। थोड़ी सी जागरूकता और कुछ सेटिंग्स में बदलाव आपकी निजी जानकारी को सुरक्षित रख सकते हैं। याद रखें, डिजिटल दुनिया में आपका डेटा आपकी पहचान है और उसकी हिफाज़त करना आपकी ज़िम्मेदारी भी है और हक भी।
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