Mangesh Yadav
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    Mangesh Yadav: IPL सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि सपनों का मंच भी है। इसी मंच पर इस बार एक नई कहानी लिखने जा रहे हैं Mangesh Yadav, जिनकी जिंदगी किसी फिल्म से कम नहीं है। मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव से निकलकर करोड़ों की बोली तक पहुंचने वाला यह सफर आसान नहीं था।

    कौन हैं Mangesh Yadav-

    मंगेश यादव का बचपन काफी साधारण रहा। उनके पिता Ram Awadh Yadav एक ट्रक ड्राइवर हैं, जो रोज सुबह 3 बजे उठकर लंबी दूरी तय करते थे। खतरनाक सड़कों पर गाड़ी चलाना, समय पर सामान पहुंचाना और फिर नए काम की तलाश, उनकी जिंदगी लगातार संघर्ष से भरी रही। इसके बावजूद उन्होंने अपने बेटे के क्रिकेट सपने को कभी टूटने नहीं दिया। कोचिंग फीस, किट और यात्रा खर्च के लिए उन्होंने कई बार कर्ज लिया। कई रातें ऐसी थीं, जब वह पैसों की चिंता में सो भी नहीं पाते थे।

    टेनिस बॉल से शुरू हुआ सफर-

    मंगेश ने शुरुआत टेनिस बॉल क्रिकेट से की। वह छोटे-छोटे टूर्नामेंट खेलकर पैसे कमाते थे और उसी से अपना खर्च चलाते थे। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में उन्होंने बसों और अनरिजर्व ट्रेन से लंबी यात्राएं कीं। उनके लिए सबसे बड़ी जीत यह थी, कि उन्हें बार-बार पिता से पैसे मांगने की जरूरत नहीं पड़ती थी।

    कोच का मिला साथ, बदली जिंदगी-

    16 साल की उम्र में मंगेश का सफर एक नया मोड़ लेता है, जब वह नोएडा पहुंचे। यहां Phoolchand Sharma ने उनकी प्रतिभा को पहचाना। उन्होंने मंगेश को अपने क्लब में रहने और ट्रेनिंग लेने का मौका दिया, वो भी बिना किसी खर्च के। कोच का यह साथ मंगेश के करियर के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। खुद मंगेश मानते हैं, कि अगर यह मदद नहीं मिलती, तो शायद वह आज क्रिकेट नहीं खेल रहे होते।

    IPL 2026 बदली किस्मत-

    IPL 2026 की नीलामी में Royal Challengers Bengaluru ने मंगेश यादव को ₹5.2 करोड़ में खरीदा। यह सिर्फ एक कॉन्ट्रैक्ट नहीं, बल्कि उनके परिवार के सालों के संघर्ष का फल है। आज भी उनका परिवार छिंदवाड़ा के पास एक किराए के घर में रहता था, लेकिन इस डील के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी है। समाज में सम्मान बढ़ा है और वह गर्व महसूस करते हैं कि उनके बेटे ने नाम रोशन किया।

    पिता के लिए सबसे बड़ा गर्व-

    मंगेश के पिता कहते हैं कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक ट्रक ड्राइवर को इतनी इज्जत मिलेगी। बेटे की सफलता ने उनकी पहचान बदल दी है। अब वही लोग, जो कभी सवाल उठाते थे, आज तारीफ करते नहीं थकते।

    RCB के लिए नई उम्मीद

    पिछले सीजन की चैंपियन Royal Challengers Bengaluru इस बार भी खिताब बचाने के इरादे से उतरेगी। 28 मार्च को Sunrisers Hyderabad के खिलाफ पहले मैच में मंगेश के पास खुद को साबित करने का सुनहरा मौका होगा। अगर उन्हें मौका मिलता है, तो यह उनके लिए सिर्फ डेब्यू नहीं, बल्कि अपने सपनों को जीने का पल होगा।

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    एक प्रेरणादायक कहानी-

    मंगेश यादव की कहानी हमें यह सिखाती है, कि हालात चाहे कितने भी मुश्किल क्यों न हों, अगर जुनून और मेहनत हो, तो मंजिल जरूर मिलती है। यह सिर्फ एक खिलाड़ी की कहानी नहीं, बल्कि हर उस इंसान की कहानी है जो बड़े सपने देखने की हिम्मत रखता है।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।