Viral News: हवाई यात्रा में सीट से जुड़े विवाद नए नहीं हैं, लेकिन इस बार एक घटना ने सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छेड़ दी। अमेरिका में काम करने वाले भारतीय मूल के तकनीकी विशेषज्ञ सारन शनमुगम ने X पर एक किस्सा शेयर किया, जो तेज़ी से वायरल हो गया। वो एक मध्य पूर्वी एयरलाइन की उड़ान में थे और उन्होंने पहले से कॉरिडोर वाली सीट बुक की हुई थी, जो वो हमेशा करते हैं।
भाई के साथ बैठने की मांग-
उड़ान के दौरान एक भारतीय यात्री उनके पास आया और अनुरोध किया, कि वो अपनी कॉरिडोर वाली सीट छोड़ दें, जिससे वो अपने भाई के साथ बैठ सके। बदले में शनमुगम को पीछे की बीच वाली सीट पर जाना पड़ता। शनमुगम ने बिना किसी हिचकिचाहट के सीधे मना कर दिया। उन्होंने X पर लिखा, “एक भारतीय व्यक्ति ने मुझसे अपनी सीट बदलने को कहा, जिससे वो अपने भाई के साथ बैठ सके, जो पीछे बीच वाली सीट पर था। मैंने बस ना कह दिया।”
Was traveling a Middle Eastern airline. I had chosen the aisle seat as i typically do in advance. An Indian man asked me to switch seats with his brother who was sitting in the middle seat behind me. I just said no. He approached a male steward and starting demanding. The steward… https://t.co/6CaTQVti5Y
— Saran Shanmugam (@saranstm) March 21, 2026
जिद पड़ी भारी-
लेकिन वो यात्री इस ना को मानने के लिए तैयार नहीं था। उसने स्टाफ के पास जाकर सीट बदलवाने की मांग करनी शुरू कर दी और यह रवैया उसे बहुत महगा पड़ा, स्टाफ ने उसे विमान से बाहर निकाला गया। हालांकि कुछ मिनट बाद उसे वापस आने दिया गया, लेकिन उसके बाद उसने न शनमुगम की तरफ देखा और न एक शब्द कहा। शनमुगम ने लिखा, “मुझे लगा एयरलाइन कर्मचारियों ने उससे जीवन भर के लिए कोई वचन ले लिया।”
सोशल मीडिया पर दो खेमे-
इस घटना ने X पर एक बड़ी बहस छेड़ दी। एक उपयोगकर्ता हितेश दाहाते ने लिखा, कि वो भी हमेशा पहले से कॉरिडोर की सीट बुक करते हैं और एक बार एक मां के लिए सीट बदली थी, जो अपने छोटे बच्चों के साथ बैठना चाहती थी। उन्होंने कहा, कि लोगों को पहले से सीट बुक करना सीखना चाहिए। एक अन्य यूज़र ने तो और साफ कह दिया, “मैं सीट तब बदलता हूं जब कोई बहुत छोटा बच्चा हो या बहुत बुज़ुर्ग व्यक्ति हो बाकी सब कुछ घंटे सह सकते हैं।”
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असली सवाल-
यह घटना एक बड़े सवाल की तरफ ध्यान खींचती है। क्या किसी को अपनी पहले से बुक की गई सीट छोड़ने के लिए मजबूर किया जा सकता है? जवाब बिल्कुल साफ है नहीं। जो यात्री पहले से सीट बुक करने की ज़हमत उठाता है, उसका पूरा हक़ है, कि वो उसी सीट पर बैठे। मांगना ठीक है, लेकिन मांग को ज़बरदस्ती में बदलना न केवल गलत है। बल्कि इस मामले में बेइज़्ज़ती का कारण भी बना।
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