Monalisa Bhosle: कुंभ मेले में अपनी पहचान बनाने वाली मोनालिसा भोसले की शादी अब एक बड़े विवाद में बदल चुकी है। एक तरफ यह शादी प्यार और व्यक्तिगत पसंद की कहानी बताई जा रही है, तो वहीं दूसरी तरफ इस पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की वकील और बीजेपी नेता नाजिया इलाही खान ने इस शादी को “प्रॉपर लव जिहाद” करार देते हुए बड़ा बयान दिया है, जिससे मामला और गरमा गया है।
यह सामान्य शादी नहीं, प्रॉपर लव जिहाद-
एबीपी लाइव न्यूज़ के मुताबिक, मध्य प्रदेश में मीडिया से बातचीत के दौरान नाजिया इलाही खान ने कहा, कि यह कोई साधारण शादी नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकती है। उन्होंने दावा किया, कि इस मामले में हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 का उल्लंघन हुआ है।
उनका कहना है, कि जब एक पक्ष खुद को अब भी मुस्लिम मानता है, तो हिंदू रीति-रिवाजों से शादी करना कानून और परंपरा दोनों के खिलाफ है। उन्होंने इसे हिंदू परंपराओं के दुरुपयोग का मामला भी बताया।
कानून और परंपरा के उल्लंघन का आरोप-
नाजिया इलाही खान ने यह भी कहा, कि इस शादी में हिंदू धर्म की परंपराओं का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया है। उनका आरोप है कि अगर दोनों पक्षों ने अलग-अलग धर्म बनाए रखे हैं, तो इस तरह की शादी कानूनी रूप से सवालों के घेरे में आती है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए कहा, कि देश की सुरक्षा एजेंसियों को इसमें दखल देना चाहिए।
PFI और बाहरी फंडिंग का शक-
अपने बयान में उन्होंने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा, कि इस मामले में प्रतिबंधित संगठन PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) की भूमिका हो सकती है। उन्होंने आशंका जताई कि इस तरह के मामलों में बाहरी फंडिंग और संगठनों का हाथ हो सकता है।
हालांकि, इन दावों के समर्थन में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, लेकिन उनके इस बयान ने विवाद को और ज्यादा गंभीर बना दिया है।
कपल ने किया आरोपों का खंडन-
विवाद बढ़ने के बाद मोनालिसा भोसले और उनके पति फारमान खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी आरोपों को खारिज कर दिया। मोनालिसा ने साफ कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की है और यह पूरी तरह हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार हुई है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया, कि न तो उन्होंने और न ही फारमान ने अपना धर्म बदला है। उनके अनुसार, “लव जिहाद” जैसे आरोप पूरी तरह गलत हैं।
फारमान खान ने भी कहा, कि उनके लिए धर्म कभी बाधा नहीं बना। उन्होंने कहा, “हम दोनों एक-दूसरे की आस्था का सम्मान करते हैं। मैंने वही किया जो मोनालिसा चाहती थीं।” उनका कहना है कि यह रिश्ता सिर्फ प्यार और भरोसे पर आधारित है।
सोशल मीडिया से लेकर राजनीति तक गर्माया मुद्दा-
इस मामले ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे धार्मिक और कानूनी नजरिए से देख रहे हैं। राजनीतिक बयानबाजी के चलते यह मामला अब सिर्फ एक शादी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक बड़े सामाजिक और वैचारिक मुद्दे का रूप ले चुका है।
फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक जांच शुरू नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह से आरोप लगाए जा रहे हैं, उससे संकेत मिलते हैं, कि आने वाले समय में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है, कि क्या इस पर कानूनी कार्रवाई होती है या यह विवाद धीरे-धीरे शांत हो जाएगा।
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