Afghanistan Hospital Attack
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    Afghanistan Hospital Attack: काबुल के एक अस्पताल पर हुए घातक हवाई हमले ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। इस हमले में अब तक कम से कम 400 लोगों की जान जा चुकी है और 250 से ज्यादा घायल हैं। यह हमला अफगानिस्तान के इतिहास की सबसे भयावह त्रासदियों में गिना जा रहा है।

    जब अस्पताल बन गया कब्रिस्तान-

    सोमवार की रात काबुल के एक नशा मुक्ति अस्पताल पर हवाई हमला हुआ, जिसने इमारत के बड़े हिस्सों को मलबे में तब्दील कर दिया। उस वक्त अस्पताल में कम से कम 2,000 मरीज पुनर्वास के लिए भर्ती थे। अफगानिस्तान के उप सरकारी प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने सोशल मीडिया मंच X पर बताया, कि अब तक 400 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 250 घायल हैं। बचाव दल आग बुझाने और मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटे हैं। स्थानीय टेलीविजन पर दिखाई गई तस्वीरों में दमकल कर्मी जलती हुई इमारत के खंडहरों में आग बुझाते नजर आए।

    2021 के काबुल एयरपोर्ट हमले के बाद सबसे बड़ी त्रासदी-

    यह हमला 2021 के काबुल हवाई अड्डे पर हुए आत्मघाती हमले के बाद का सबसे घातक हादसा माना जा रहा है। अगस्त 2021 में जब अमेरिका अफगानिस्तान से अपनी सेना वापस बुला रहा था और तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया था, तब हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता था।

    हजारों लोग वहां जमा थे। 26 अगस्त 2021 को एबी गेट पर एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोट किया जिसमें 169 अफगान नागरिकों सहित 13 अमेरिकी सैनिकों समेत कम से कम 182 लोग मारे गए थे। अब काबुल अस्पताल पर हुआ यह हमला उस दर्दनाक याद को फिर से ताजा कर गया है।

    पाकिस्तान ने झाड़ा पल्ला-

    यह हमला ऐसे वक्त हुआ, जब अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तीन हफ्तों से लड़ाई चल रही है। हमले से कुछ घंटे पहले ही सीमा पर गोलीबारी में चार लोगों की मौत हुई थी। अफगान अधिकारियों ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन पाकिस्तान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता ने इन दावों को बेबुनियाद बताया और कहा, कि पाकिस्तानी सेना ने किसी भी नागरिक ठिकाने को निशाना नहीं बनाया।

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    पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने कहा, कि उनके हमले काबुल और नंगरहार प्रांत में सैन्य ठिकानों और उग्रवादी बुनियादी ढांचे पर किए गए, जिनमें हथियारों और गोला-बारूद के भंडार शामिल थे। मंत्रालय ने यह भी कहा, कि यह हमले सटीक निशाने पर किए गए थे और नागरिक नुकसान से बचने की पूरी कोशिश की गई। पाकिस्तान ने अफगान अधिकारियों पर सीमा पार उग्रवाद को छुपाने के लिए झूठे दावे फैलाने का आरोप लगाया।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।