Ganga Expressway: उत्तर प्रदेश में सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आने वाली है। मेरठ से प्रयागराज का वो रास्ता जो कभी 12 घंटे की थकान, जाम और खस्ताहाल सड़कों का पर्याय था, अब सिर्फ 6 घंटे में तय होगा। जी हां, गंगा एक्सप्रेसवे अपने आखिरी पड़ाव पर है और जल्द ही यह सपना हकीकत बनने वाला है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज़ औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी UPEIDA के मुताबिक, इस एक्सप्रेसवे का काम 96 फीसदी पूरा हो चुका है।
594 किलोमीटर, 12 ज़िले और एक नई कहानी-
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजोली गाँव से शुरू होकर प्रयागराज के जुड़ापुर डांडू गांव तक जाता है। यह छह लेन का एक्सप्रेसवे हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूँ, शाहजहाँपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ से होकर गुज़रेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वी उत्तर प्रदेश तक का यह सफर अब तेज़, सुरक्षित और आरामदायक होगा। इससे न सिर्फ आम यात्रियों को फायदा होगा बल्कि व्यापार और रोज़गार को भी नई रफ्तार मिलेगी।
बदायूं में सब तैयार CCTV से होगी नज़र-
एक्सप्रेसवे का सबसे अहम हिस्सा बदायूं का 92 किलोमीटर लंबा stretch है। यहां वाहनों की रफ्तार 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे तय की गई है। जगह-जगह साइनेज लगाए गए हैं और हर 1 किलोमीटर पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जो गाड़ियों की रफ्तार और यात्रियों की गतिविधियों पर नज़र रखेंगे। ट्रायल रन जल्द शुरू होगा और अप्रैल तक यह स्ट्रैच खुलने की उम्मीद है।
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कब खुलेगा Ganga Expressway?
बदायूं के ज़िलाधिकारी अवनीश राय ने बताया, कि काम लगभग पूरा हो चुका है और जो थोड़ा-बहुत काम बचा है, वो तेज़ी से निपटाया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूरा एक्सप्रेसवे मार्च के आखिरी हफ्ते में आम लोगों के लिए खोला जा सकता है। हालांकि सरकार की तरफ से अभी कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। जैसे ही तारीख आएगी, उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों की यात्रा हमेशा के लिए बदल जाएगी।
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