Iran War
    Photo Source - Google

    Iran War: मध्य-पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर आ पहुंचा है। सोमवार को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया। ईरान की क्रांतिकारी सेना ने दो पुराने सोवियत ज़माने के Su-24 बमवर्षक विमानों को कतर की राजधानी डोहा की तरफ रवाना किया।

    जिनके निशाने पर था अल-उदैद हवाई अड्डा, जो मध्य-पूर्व का सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य अड्डा है, यहां करीब 10,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। साथ ही रास लफान भी निशाने पर था, जो कतर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाने वाला प्राकृतिक गैस केंद्र है।

    2 मिनट और सब कुछ बदल जाता-

    हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, जो बात सबसे ज़्यादा डराने वाली है, वो यह है, कि ईरानी विमान अपने लक्ष्य से महज दो मिनट की दूरी पर थे। जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया, कि उन विमानों की तस्वीरें ली गईं, जिनमें वो बम और निर्देशित हथियार लेकर उड़ते दिखे। कतरी अधिकारियों ने रेडियो पर चेतावनी दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

    दरअसल उन विमानों ने रडार से बचने के लिए अपनी उड़ान की ऊंचाई घटाकर सिर्फ 80 फुट कर ली थी, यानी वो लगभग ज़मीन के ऊपर से उड़ रहे थे। सबूतों और समय की कमी को देखते हुए उन्हें दुश्मन घोषित किया गया और कतर ने अपने लड़ाकू विमान रवाना किए। हवाई मुठभेड़ में दोनों ईरानी बमवर्षक (bomber) मार गिराए गए, जो कतर के समुद्री इलाके में जा गिरे। चालक दल की तलाश अभी भी जारी है।

    कतरी वायुसेना की पहली ऐतिहासिक जीत-

    यह घटना महज एक सैन्य टकराव नहीं, बल्कि इतिहास में दर्ज होने वाला पल है। अयातुल्लाह खामेनेई की हत्या के बाद यह पहली बार था, जब ईरान ने किसी पड़ोसी देश पर चालक दल वाले विमान से हमले की कोशिश की और यह कतरी वायुसेना की भी पहली हवाई युद्ध में जीत रही। अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारी जनरल डैन कैन ने बुधवार को एक बैठक में इस घटना की पुष्टि की, हालांकि उन्होंने ईरानी विमानों के असली लक्ष्य का ज़िक्र नहीं किया।

    ये भी पढ़ें- Iran ने दी दुबई पर हमले की बड़ी धमकी, हिल जाएगी पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था

    कतर का कड़ा संदेश-

    कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी ने बुधवार को ईरानी विदेश मंत्री से फोन पर बात करते हुए, इस घटना को उकसावे वाला करार दिया। उन्होंने कहा, कि ईरान का यह रवैया शांति की कोई सच्ची इच्छा नहीं दर्शाता, बल्कि वो अपने पड़ोसियों को नुकसान पहुंचाना चाहता है और उन्हें उस जंग में घसीटना चाहता है, जो उनकी अपनी नहीं है। ध्यान देने वाली बात ये है, कि ईरान ने खामेनेई की हत्या का बदला लेने के लिए कतर के अलावा सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत, इराक और संयुक्त अरब अमीरात पर भी मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं।

    ये भी पढ़ें- Israel की जीत Pakistan के लिए तबाही? पाकिस्तानी रक्षा मंत्री बोले Vassal State बन जाएगा देश, भारत भी…

    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।