Vande Mataram New Rules: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार, 11 फरवरी को देश के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर पहली बार ऑफिशियल प्रोटोकॉल जारी किया है। यह कदम राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि-
बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित ‘वंदे मातरम’ केवल एक कविता नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक शक्तिशाली नारा था। ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई के दौरान यह गीत स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना। आजादी के बाद 1950 में इसे भारत के राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया गया। यह गीत न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है, बल्कि देशभक्ति की भावना को भी जगाता है।
नए ऑफिशियल प्रोटोकॉल की मुख्य बातें-
सरकार ने जो नए नियम बनाए हैं, उनके अनुसार अब सभी सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के सभी छह छंद अनिवार्य रूप से गाए या बजाए जाएंगे। इस पूरे गीत की अवधि 3 मिनट 10 सेकंड है। यह नियम राज्य समारोहों, नागरिक पुरस्कार समारोहों, ध्वजारोहण कार्यक्रमों और राष्ट्रपति, राज्यपालों के औपचारिक आयोजनों में लागू होगा।
स्कूलों में अनिवार्य होगा राष्ट्रीय गीत-
देशभर के स्कूलों में अब असेंबली के दौरान ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह कदम बच्चों में राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने के लिए उठाया गया है। युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और देशप्रेम की भावना जगाने में यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी।
राष्ट्रगान के साथ तालमेल-
जब राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान दोनों को एक साथ गाया या बजाया जाना हो, तो ‘वंदे मातरम’ को ‘जन गण मन’ से पहले बजाया जाना चाहिए। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों को सावधान की मुद्रा में खड़ा रहना होगा, हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट दी जा सकती है।
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छह छंदों का महत्व-
‘वंदे मातरम’ के छह छंद भारत माता की विभिन्न विशेषताओं का वर्णन करते हैं। पहला छंद मातृभूमि को सुजलाम-सुफलाम बताता है, तो दूसरा उसकी सुंदरता का गुणगान करता है। तीसरा छंद देश की शक्ति को दर्शाता है, जबकि चौथा ज्ञान और धर्म की प्रतीक के रूप में मातृभूमि को प्रस्तुत करता है। पांचवां और छठा छंद देवी दुर्गा और कमला से तुलना करते हुए, भारत माता की महिमा का वर्णन करते हैं।
यह नया प्रोटोकॉल राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
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