Bharat Band Tomorrow: देश के प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 12 फरवरी 2026 को 24 घंटे का भारत बंद का ऐलान किया है। यह हड़ताल गुरुवार की आधीरात से शुरू होकर अगले दिन की आधी रात तक चलेगी। देश के कई हिस्सों में आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है। बैंकिंग सेवाएं, सार्वजनिक परिवहन, सरकारी दफ्तर और औद्योगिक गतिविधियां ठप पड़ सकती हैं।
यूनियन नेताओं का दावा है, कि करोड़ों मजदूर इस हड़ताल में शामिल होंगे। हालांकि अस्पतालों और एंबुलेंस सेवाओं जैसी जरूरी सेवाओं को इस बंद से बाहर रखा गया है।
क्यों बुलाया गया है भारत बंद?
यह देशव्यापी हड़ताल केंद्र सरकार की श्रम नीतियों, खासकर चार नए लेबर कोड के खिलाफ आयोजित की जा रही है। ट्रेड यूनियनों का कहना है, कि नए लेबर कोड मजदूरों की नौकरी की सुरक्षा को कमजोर कर सकते हैं और उनके मौजूदा अधिकारों को घटा सकते हैं। यूनियन लीडर्स मजबूत सोशल सिक्योरिटी और मजदूर अधिकारों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
उनका तर्क है, कि नए कानून वर्कर्स की प्रोटेक्शन और कलेक्टिव बार्गेनिंग राइट्स को कमजोर करते हैं। यूनियनों ने संकेत दिया है, कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आगे और भी कार्रवाई की जा सकती है।
क्या-क्या रहेगा प्रभावित-
पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स, सरकारी विभागों, बैंकों, इंश्योरेंस कंपनियों, ट्रांसपोर्ट सर्विसेज, फैक्ट्रियों और अन्य सेवा क्षेत्रों के कर्मचारी हड़ताल में हिस्सा लेने वाले हैं। सरकारी दफ्तर आंशिक रूप से खुले रह सकते हैं या पूरी तरह बंद हो सकते हैं। बैंक ब्रांच और इंश्योरेंस ऑफिस सामान्य तरीके से काम नहीं कर पाएंगे। कुछ जगहों पर कम स्टाफ के साथ खुल सकते हैं, तो कुछ पूरी तरह बंद रह सकते हैं।
बसें और अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट सर्विसेज कम चल सकती हैं और कुछ जगहों पर बिल्कुल नहीं चल सकतीं। फैक्ट्री का काम और बिजनेस एक्टिविटी भी धीमी पड़ सकती है। स्कूल और कॉलेज भी प्रभावित हो सकते हैं अगर बड़ी संख्या में स्टाफ हड़ताल में शामिल हो।
ये भी पढ़ें- भारत के इस शहर में कचरा कचरा फैलाने वालों की फोटो हो रही पब्लिक, ₹1000 जुर्माना अलग से
कौन सी सेवाएं रहेंगी खुली-
जनता की परेशानी से बचने के लिए कई जरूरी सेवाओं को हड़ताल से बाहर रखा गया है। अस्पताल और इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज, मेडिकल स्टोर और फार्मेसी, एंबुलेंस सेवाएं, फायर एंड रेस्क्यू ऑपरेशंस, दूध की आपूर्ति और अखबार वितरण सामान्य रूप से जारी रहेगा। तीर्थयात्रियों और मारामोन कन्वेंशन में शामिल होने वालों को ले जाने वाली गाड़ियों को भी हड़ताल से छूट दी गई है। अधिकारियों ने कहा है, कि इमरजेंसी और जरूरी सेवाएं सुचारु रूप से चलती रहें, इसके लिए उपाय किए गए हैं।
ये भी पढ़ें- McDonald’s के इस आउटलेट में मिला Unsafe Oil, खतरनाक तेल में बना रहे थे फ्रेंच फ्राइज



