Longyearbyen City: क्या आपने कभी ऐसी जगह के बारे में सुना है, जहां मरना कानूनन मना हो? जहां घर से बाहर निकलते समय बंदूक साथ रखना जरूरी हो? और जहां साल के चार महीने सूरज की एक किरण भी नजर न आए? सुनने में भले ही ये किसी साइंस फिक्शन मूवी की कहानी लगे, लेकिन ये सच है।
धरती पर उत्तरी ध्रुव के पास बसा एक शहर लॉन्गइयरबेन ऐसी ही अजीबोगरीब जगह है, जहां की लाइफस्टाइल और कानून बाकी दुनिया से बिल्कुल अलग हैं। ये शहर नॉर्वे के स्वालबार्ड द्वीपसमूह में स्थित है और यहां की हर चीज इतनी यूनीक है, कि जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।
यहां मरना क्यों है गैरकानूनी-
लॉन्गइयरबेन में सबसे हैरान करने वाला कानून यह है, कि यहां मरना गैरकानूनी है। आप सोच रहे होंगे, कि भला मरने पर भी कैसे पाबंदी लगाई जा सकती है? दरअसल, इस शहर में ठंड इतनी भयंकर होती है कि यहां की मिट्टी सालों-साल जमी रहती है। इसे परमाफ्रॉस्ट कहते हैं। अगर किसी की मौत हो जाए और उसे यहां दफनाया जाए, तो लाश कभी गलती ही नहीं है।
जमी हुई मिट्टी में दफन शव सालों तक वैसे का वैसा बना रहता है, जिससे प्राचीन वायरस और बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। इसीलिए पिछले 70 सालों से यहां किसी को दफनाने की इजाजत नहीं है। अगर कोई गंभीर रूप से बीमार हो जाता है या उसकी मौत होने वाली हो, तो उसे मेनलैंड नॉर्वे भेज दिया जाता है।
बंदूक साथ रखना है जरूरी-
लॉन्गइयरबेन का दूसरा अजीब कानून यह है कि यहां हर व्यक्ति को घर से बाहर निकलते वक्त राइफल साथ रखनी होती है। ये मजाक नहीं, बल्कि सर्वाइवल का सवाल है। दरअसल, इस इलाके में इंसानों से ज्यादा पोलर बियर यानी ध्रुवीय भालू रहते हैं। ये जानवर बेहद खूंखार होते हैं और इंसानों पर हमला कर सकते हैं।
अपनी जान बचाने के लिए यहां के हर नागरिक को राइफल या बंदूक साथ रखना कानूनी तौर पर अनिवार्य है। यहां तक कि बच्चों को स्कूल में शूटिंग की ट्रेनिंग भी दी जाती है ताकि वे खुद को ध्रुवीय भालुओं से बचा सकें।
चार महीने का अंधेरा और चार महीने की रोशनी-
लॉन्गइयरबेन की एक और अनोखी बात यह है कि यहां साल के चार महीने पूरी तरह से अंधेरा रहता है। अक्टूबर से फरवरी तक सूरज क्षितिज से ऊपर ही नहीं आता। इसे पोलर नाइट कहते हैं। इसके विपरीत, अप्रैल से अगस्त के बीच यहां मिडनाइट सन का अनुभव होता है।
यानी 24 घंटे दिन रहता है और सूरज कभी डूबता ही नहीं। इस तरह की एक्सट्रीम कंडीशन में रहना बेहद चैलेंजिंग है, लेकिन यहां के करीब 2,000 लोग इस लाइफस्टाइल के आदी हो चुके हैं।
नहीं चाहिए वीजा-
हैरानी की बात यह है कि लॉन्गइयरबेन में रहने के लिए भारतीयों समेत किसी भी देश के नागरिक को वीजा की जरूरत नहीं होती। स्वालबार्ड ट्रीटी के तहत, दुनिया के किसी भी कोने से कोई भी व्यक्ति यहां आकर बस सकता है, काम कर सकता है और जिंदगी शुरू कर सकता है। बस शर्त यह है कि आपके पास जॉब और रहने की जगह होनी चाहिए। ये दुनिया की उन गिनी-चुनी जगहों में से एक है जहां इतनी आजादी मिलती है।
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यहां छिपा है डूम्सडे वॉल्ट-
लॉन्गइयरबेन की सबसे खास चीज यहां बना ग्लोबल सीड वॉल्ट है, जिसे डूम्सडे वॉल्ट भी कहा जाता है। ये एक विशाल अंडरग्राउंड स्टोरेज है जहां दुनिया भर के लाखों बीज सुरक्षित रखे गए हैं। भारत समेत 100 से ज्यादा देशों के बीज यहां स्टोर हैं। इसका मकसद यह है, कि अगर कभी कोई बड़ी आपदा, युद्ध या जलवायु संकट आए, तो इन बीजों से दुनिया में दोबारा खेती शुरू की जा सके। इसे इंसानियत का बैकअप भी कह सकते हैं।
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