Viral Video
    Photo Source - Google

    Viral Video: बुधवार की सुबह पंजाब के मधोपुर हेडवर्क्स के पास का नजारा डरावना था। चारों तरफ बाढ़ का पानी, बीच में एक हिली हुई इमारत और उसकी छत पर फंसे 25 लोग जो मदद का इंतजार कर रहे थे। यह कोई फिल्मी सीन नहीं बल्कि हकीकत थी, जहां भारतीय सेना के जवानों ने एक बार फिर साबित किया, कि वे किसी भी हालात में अपने लोगों को अकेला नहीं छोड़ते।

    सुबह 6 बजे शुरू हुआ जीवन-मरण का खेल-

    जम्मू-कश्मीर की सीमा से लगे लखनपुर के पास मधोपुर हेडवर्क्स में स्थित एक इमारत की छत पर 22 CRPF जवान और 3 नागरिक फंसे हुए थे। लगातार बारिश और सतलुज, व्यास और रावी नदियों के उफान की वजह से चारों ओर बाढ़ का कहर बरप रहा था। ऐसे में भारतीय सेना की एविएशन यूनिट के हेलीकॉप्टर पायलटों ने सुबह 6 बजे एक खतरनाक मिशन शुरू किया।

    मौसम की मार और बढ़ते पानी के बीच हेलीकॉप्टर को उस हिली-डुली इमारत पर उतारना किसी चमत्कार से कम नहीं था। पायलटों के लिए यह एक ऐसी चुनौती थी, जहां थोड़ी सी भी गलती पूरे मिशन को तबाह कर सकती थी।

    मिनटों में मिली जिंदगी-

    रेस्क्यू ऑपरेशन का सबसे रोमांचक और डरावना हिस्सा यह था, कि इमारत ने आखिरी व्यक्ति के बचाए जाने के कुछ ही मिनट बाद दम तोड़ दिया। जब तक अंतिम हेलीकॉप्टर वहां से उड़ान भर रहा था, इमारत गिरने लगी थी। अगर सेना के जवान कुछ मिनट भी देर करते, तो यह बचाव मिशन एक बड़ी त्रासदी में बदल जाता। सेना के प्रवक्ता ने इस ऑपरेशन को भारतीय सेना की जीवन रक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा, कि सेना और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतरीन कोर्डिनेशन की वजह से यह मिशन सफल हो सका।

    प्रशासन की तैयारी और सेना का जज्बा-

    डीसी उप्पल ने बताया, कि तीन दिन पहले ही बाढ़ के खतरे की जानकारी मिलने पर उन्होंने NDRF, IAF और भारतीय सेना को अलर्ट कर दिया था। उन्होंने कहा, इमारत की छत पर फंसे लोगों को बचाने के लिए सबसे बेहतर विकल्प सेना की एविएशन विंग थी। डीसी उप्पल ने सेना और प्रशासन के बीच कोर्डिनेशन की तारीफ की। “एक छोटी सी भी गलती पूरे मिशन को खतरे में डाल सकती थी।

    ये भी पढ़ें- Viral Video: 14वीं मंजिल पर पालतू कुत्तों ने किया महिला पर हमला, सिर और हाथों में लगी चोट

    प्राकृतिक आपदा के सामने इंसानी हौसला-

    यह घटना दिखाती है, कि जब प्रकृति अपना रौद्र रूप दिखाती है, तो इंसानी हौसला और तकनीकी कैसे मिलकर जीवन को बचा सकते हैं। पंजाब में आई इस बाढ़ ने कई इलाकों में तबाही मचाई है, लेकिन ऐसे समय में सेना के जवानों का साहस और डेडिकेशन ने लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनकर आया।

    सतलुज, व्यास और रावी नदियों के उफान से हुई तबाही के बीच यह रेस्क्यू ऑपरेशन एक ब्राइट स्पॉट की तरह है। इस पूरे ऑपरेशन में शामिल हेलीकॉप्टर पायलट्स और सेना के जवान सच्चे हीरो हैं, जिन्होंने अपनी जान को खतरे में डालकर 25 जिंदगियां बचाईं। उनकी बहादुरी की वजह से ही यह दिन एक ट्रैजडी बनने से बच गया।

    ये भी पढ़ें- Delhi-Meerut Expressway पर ड्यूटी के दौरान हुई ट्रैफिक कांस्टेबल की मौत, कैमरे में कैद..