Indochinese Lutung Monkey: बैंकॉक के सुवर्णभूमि एयरपोर्ट पर एक भारतीय यात्री को तब हिरासत में ले लिया गया, जब अधिकारियों ने उसके सामान से दो बंदरों को छिपा हुआ देखा। थाई मीडिया आउटलेट द नेशन थाईलैंड की रिपोर्ट के अनुसार, ये जानवर इंडोचाइनीज लुटुंग थे, जिन्हें आमतौर पर सिल्वर्ड लीफ मंकी के नाम से जाना जाता है। यह प्रजाति लुप्त मानी जाती है और वन्यजीव कानूनों के तहत इसे सख्त सुरक्षा प्राप्त है।
कस्टम चेकिंग के दौरान हुआ खुलासा-
अधिकारियों ने बताया, कि यह शख्स 3 फरवरी को इन प्राइमेट्स को भारत ले जाने की कोशिश कर रहा था, तभी कस्टम अधिकारियों और वन्यजीव निरीक्षण टीम ने पैसेंजर स्क्रीनिंग के दौरान उसे रोक लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, बंदरों को यात्री के निजी सामान के बीच छिपाया गया था। अधिकारियों ने इनकी कीमत लगभग 1 लाख बाहत (करीब 2.5 लाख रुपये) आंकी। कहा जा रहा है, कि यह पकड़ या तो संदिग्ध व्यवहार के कारण हुई या फिर रूटीन चेक के दौरान मिली पूर्व सूचना के आधार पर की गई।
एयरपोर्ट पर पैसेंजर इंस्पेक्शन कस्टम ऑफिस की डायरेक्टर संतनी फैराट्टानाकोर्न ने कहा, “जांच में निजी सामान के बीच दो जीवित इंडोचाइनीज लुटुंग छिपे मिले। जानवरों को तुरंत जब्त कर लिया गया और संदिग्ध को कानूनी कार्रवाई के लिए हिरासत में ले लिया गया।”
सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना-
थाई अधिकारियों ने देश के वाइल्ड एनिमल कंजर्वेशन एंड प्रोटेक्शन एक्ट 2019 के तहत संरक्षित प्रजातियों के अवैध निर्यात के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही कस्टम्स एक्ट 2017 के तहत बिना घोषित सामान देश से बाहर ले जाने की कोशिश के लिए अतिरिक्त आरोप भी लगाए गए हैं। अधिकारियों ने जोर देकर कहा, कि इंडोचाइनीज लुटुंग न केवल थाई कानून बल्कि अंतरराष्ट्रीय संरक्षण समझौतों के तहत भी सुरक्षित है, जो इस अपराध की गंभीरता को दर्शाता है।
अधिकारियों ने वन्यजीव तस्करी पर सख्ती से कार्रवाई करने और बायोसिक्योरिटी कंट्रोल को और मजबूत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस तरह की घटनाएं न केवल वन्यजीव संरक्षण के लिए खतरा हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन को भी नुकसान पहुंचाती हैं।
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बंदरों की देखभाल-
जब्त किए जाने के बाद, बचाए गए बंदरों को वन्यजीव विशेषज्ञों को सौंप दिया गया है। उनकी हेल्थ चेकअप और रिहैबिलिटेशन की जा रही है ताकि तस्करी के प्रयास के बाद उनकी रिकवरी सुनिश्चित की जा सके। इन जानवरों को उचित देखभाल और प्राकृतिक वातावरण में वापस भेजा जाएगा।
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