SSC MTS Exam Scam
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    SSC MTS Exam Scam: देहरादून के महादेव डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र में जो कुछ हुआ, वो किसी थ्रिलर फिल्म के सीन जैसा लगता है। लेकिन यह असली घटना है, जो बताती है, कि नकल माफिया अब कितने एडवांस्ड तरीके अपना रहे हैं। SSC MTS यानी मल्टी टास्किंग स्टाफ की भर्ती परीक्षा के दौरान यहां एक ऐसा नेटवर्क चल रहा था, जिसने सभी को हैरान कर दिया। परीक्षा केंद्र के अंदर ही जमीन के नीचे तहखाना बनाकर प्रॉक्सी सर्वर सेट किया गया था और पूरे सेंटर के 100 छात्रों के कंप्यूटर पर इनका पूरा कंट्रोल था।

    गुप्त तहखाने में छिपा था पूरा नेटवर्क-

    परीक्षा केंद्र के भीतर एक गुप्त कमरा बनाया गया था और उसके अंदर जमीन में तहखाना खोदकर पूरा हाईटेक सेटअप तैयार किया गया था। यह सिर्फ एक छोटा-मोटा जुगाड़ नहीं था, बल्कि पूरी तरह से प्लांड और ऑर्गनाइज्ड ऑपरेशन था। इस गुप्त तहखाने में प्रॉक्सी सर्वर लगाया गया था, जिसके जरिए नकल माफिया पूरे परीक्षा केंद्र को कंट्रोल कर रहे थे। यह इतना गुप्त था, कि महीनों तक किसी को इसका पता नहीं चला।

    नकल माफियाओं ने मास्टर कंप्यूटर के जरिए पूरे सेंटर के 100 छात्रों के कंप्यूटरों का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया था। उनके पास हर कंप्यूटर का IP एड्रेस था। जो छात्र पैसे देता था, उसके कंप्यूटर को रिमोटली कंट्रोल करके बाहर से पेपर हल करवाया जाता था। यह सब इतनी चालाकी से किया जा रहा था, कि परीक्षा के दौरान किसी को शक तक नहीं हुआ।

    कंपनी के मुख्य सर्वर में की गई सेंधमारी-

    सबसे बड़ा खुलासा यह है, कि जिस कंपनी को ऑनलाइन परीक्षा कराने का टेंडर मिला था, उसके मुख्य सर्वर में ही सेंधमारी कर दी गई थी। इसका मतलब है, कि नकल माफिया सिर्फ लोकल लेवल पर नहीं, बल्कि सिस्टम की जड़ों तक पहुंच गए थे। उन्होंने सर्वर को हैक करके ऐसा सेटअप बनाया था, जिससे बाहर बैठे लोग आराम से पेपर हल कर सकें और छात्रों को सही जवाब भेज सकें।

    STF की छापेमारी, दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार-

    मेरठ और उत्तराखंड की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को जब इस रैकेट की भनक लगी तो उन्होंने संयुक्त छापेमारी की। इस ऑपरेशन में दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया गया, देवरिया के नीतीश कुमार और देहरादून के भास्कर नैथानी। ये दोनों इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड थे, जो परीक्षा केंद्र में तकनीकी रूप से एडवांस्ड नकल का धंधा चला रहे थे।

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    बरामद हुए हाईटेक उपकरण-

    एसटीएफ ने मौके से लैपटॉप, मोबाइल फोन, इंटरनेट राउटर और दूसरे हाईटेक डिवाइसेज बरामद किए, जो नकल के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।