Viral Video
    Photo Source - Google

    Viral Video: हरियाणा के कैथल में गुरुवार को एक कमेटी मीटिंग के दौरान राज्य मंत्री अनिल विज और कैथल की सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस उपासना के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। विवाद का मुद्दा था, एक पुलिसकर्मी को सस्पेंड करने का अधिकार। दोनों पक्षों के बीच अधिकार क्षेत्र और जिम्मेदारी को लेकर मतभेद सामने आया।

    हालांकि बाद में डिप्टी कमिश्नर अपराजिता के हस्तक्षेप से मामला सुलझ गया। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि कैसे प्रशासनिक नियमों की सही समझ न होने पर विवाद खड़े हो जाते हैं।

    एएसआई संदीप कुमार पर लगे जमीन घोटाले के आरोप-

    पूरा विवाद करनाल पुलिस में तैनात एएसआई संदीप कुमार से जुड़ा है, जिन पर जमीन के डिस्प्यूट में धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं। मीटिंग में डिस्कस की गई डिटेल्स के मुताबिक एएसआई संदीप ने एक खरीदार से जमीन बेचने के नाम पर 7 लाख रुपये एडवांस के तौर पर लिए थे।

    जब जमीन के डॉक्यूमेंट्स गलत पाए गए, तो खरीदार ने डील कैंसिल कर दी और अपने पैसे वापस मांगे। लेकिन संदीप ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद कैथल के तितराम पुलिस स्टेशन में केस रजिस्टर किया गया। इन्वेस्टिगेशन के दौरान यह बात सामने आई कि संदीप ने अपने इन्फ्लुएंस का इस्तेमाल करके जांच को धीमा करवाया और केस को करनाल की इकोनॉमिक सेल में ट्रांसफर करवा दिया।

    सस्पेंशन के अधिकार को लेकर हुआ विवाद-

    मंत्री अनिल विज ने इन घटनाक्रमों पर आपत्ति जताते हुए एसपी उपासना को निर्देश दिया कि ऑफिसर को तुरंत सस्पेंड किया जाए। एसपी ने जवाब दिया कि चूंकि पुलिसकर्मी दूसरे जिले करनाल में पोस्टेड है, इसलिए उन्हें उसे सस्पेंड करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, कि वो सिर्फ डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल यानी डीआईजी को मामले की रिपोर्ट कर सकती हैं।

    इस पर मंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, कि मैं पूरे हरियाणा में किसी को भी सस्पेंड कर सकता हूं, मेरे आदेश पर इसे सस्पेंड करो। एसपी ने दोबारा स्पष्ट किया कि नियमों के तहत वो सीधे तौर पर दूसरे जिले के कॉन्स्टेबल को सस्पेंड नहीं कर सकतीं और सिर्फ हायर अथॉरिटी को एक्शन की सिफारिश कर सकती हैं।

    ये भी पढ़ें- Viral Video: दूल्हे के पिता ने बुलेट पर धुरंधर स्टाइल में की एंट्री, रणवीर सिंह स्टाइल एंट्री ने लूट ली महफिल

    स्पष्टीकरण के बाद सुलझा मामला-

    आगे स्पष्टीकरण के बाद स्थिति सामान्य हुई। मंत्री ने बाद में कहा, कि मैं यही तो कह रहा हूं, कि डीआईजी को पत्र लिखो और मेरे आदेश का हवाला दो। अधिकारियों ने बताया, कि यह एपिसोड प्रोसीजरल रूल्स को लेकर गलतफहमी की वजह से हुआ था।

    ये भी पढ़ें- Viral Video: दूल्हे के पिता ने बुलेट पर धुरंधर स्टाइल में की एंट्री, रणवीर सिंह स्टाइल एंट्री ने लूट ली महफिल

    स्थापित नियमों के तहत कोई एसपी सीधे तौर पर दूसरे जिले में पोस्टेड कॉन्स्टेबल को सस्पेंड नहीं कर सकता और सिर्फ सक्षम अधिकारी को सिफारिश भेज सकता है। अनिल विज ने बाद में इस व्याख्या को स्वीकार कर लिया और मामला सुलझ गया।

    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।