Viral Video
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    Viral Video: एक स्कूल इवेंट, जो बच्चों के लिए खुशी का मौका होना चाहिए था, एक मां के लिए डरावना सपना बन गया। दिल्ली की रहने वाली Shaurya Thakran ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा की, जिसमें उन्होंने बताया, कि कैसे उनके 5 साल के बेटे की तबीयत अचानक बिगड़ गई और रात 11 बजे उन्हें अस्पताल भागना पड़ा। इस घटना ने स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले खाने की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    स्कूल ने कहा-

    मां के अनुसार, कुछ दिन पहले स्कूल प्रशासन ने बच्चों से कहा था, कि वे अपना टिफिन न लाएं, क्योंकि स्कूल की ओर से लंच दिया जाएगा। लेकिन आरोप है, कि बच्चों को सही खाना देने की बजाय सिर्फ पैकेट वाले स्नैक्स दे दिए गए। छोटे बच्चों ने भूख में वही खा लिया और उनका बेटा भी अपना पूरा डिब्बा स्कूल में ही खत्म कर आया।

    रात होते-होते बिगड़ी हालत-

    शाम तक सब सामान्य लग रहा था, लेकिन रात करीब 11 बजे बच्चे को अचानक उल्टियां शुरू हो गईं। मां ने घर पर दवा देने की कोशिश की, लेकिन हालत सुधरने के बजाय और खराब होती गई। आखिरकार उन्हें बच्चे को अस्पताल ले जाना पड़ा, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उसे पेट का संक्रमण हो गया है, जो संभवतः स्कूल में खाए गए स्नैक्स की वजह से हुआ।

    सोशल मीडिया पर मां का दर्द और गुस्सा-

    इस घटना के बाद Shaurya Thakran ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर अपना दर्द और गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने अन्य माता-पिता से अपील की, कि वे अपने बच्चों को ऐसे पैकेट वाले खाने से दूर रखें। साथ ही उन्होंने सरकार और कुछ सेलेब्रिटीज पर भी सवाल उठाए, जो ऐसे प्रोडक्ट्स का प्रचार करते हैं जिन्हें वह बच्चों की सेहत के लिए नुकसानदायक मानती हैं।

    वायरल हुआ वीडियो-

    यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और लाखों लोगों ने इसे देखा। कई लोगों ने मां की बात का समर्थन किया और स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए। कुछ यूजर्स ने कहा कि स्कूलों में ऐसे खाने पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए, जबकि कुछ ने यह भी कहा कि लोगों को खुद भी ऐसे प्रोडक्ट्स को इस्तेमाल करना बंद करना चाहिए। हालांकि, इस घटना की पूरी सच्चाई की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन इसने एक जरूरी बहस जरूर छेड़ दी है।

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    क्या बदलने की जरूरत है?

    यह मामला सिर्फ एक बच्चे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिखाता है, कि बच्चों के खान-पान को लेकर कितनी सावधानी जरूरी है। स्कूलों को जहां बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए, वहीं माता-पिता को भी जागरूक रहना होगा।बच्चों के लिए दिया जाने वाला खाना सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं, बल्कि उनकी सेहत के लिए होना चाहिए। इस घटना ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है, कि क्या हम अपने बच्चों को सही खाना दे रहे हैं या सिर्फ आसान विकल्प चुन रहे हैं।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।