PMO office New Address: नई दिल्ली के लुटियंस जोन में स्थित वो ऐतिहासिक इमारतें, जहां से देश की सत्ता के फैसले लिए जाते रहे हैं, अब अपना किरदार बदलने की तैयारी में हैं। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दफ्तर नवनिर्मित सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट हो जाएगा। इससे पहले पीएम शुक्रवार को साउथ ब्लॉक में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आखिरी बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
सेवा तीर्थ आधुनिक शासन व्यवस्था का नया केंद्र-
गृह मंत्रालय पहला विभाग था, जिसने नॉर्थ ब्लॉक को खाली किया और कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट के 347 कमरों वाले कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट हुआ। अब इस कॉम्प्लेक्स में सभी सरकारी मंत्रालय और विभाग मौजूद हैं, सिर्फ PMO को छोड़कर। प्रधानमंत्री कार्यालय अब सेंट्रल दिल्ली में एक खास कॉम्प्लेक्स में स्थित होगा, जिसे सेवा तीर्थ के नाम से जाना जाएगा।
सरकारी बयान के मुताबिक, पीएम मोदी 13 फरवरी को सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन-1 और 2 का उद्घाटन करेंगे। यह उद्घाटन भारत की प्रशासनिक शासन संरचना में एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर साबित होगा। अधिकारियों के अनुसार, यह आधुनिक, कुशल, सुलभ और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था के निर्माण के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पुराने ढांचे की चुनौतियां और नया समाधान-
दशकों से कई प्रमुख सरकारी कार्यालय और मंत्रालय सेंट्रल विस्टा एरिया में कई जगहों पर फैली पुरानी इमारतों में काम कर रहे थे। यह बिखराव कई परेशानियों का सबब बना हुआ था। कामकाज में दिक्कतें, विभागों के बीच कॉर्डिनेशन की समस्याएं, बढ़ती मेंटेनेंस कॉस्ट ये सभी चुनौतियां इस पुराने सिस्टम का हिस्सा थीं।
नए बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स इन सभी मुद्दों का हल पेश करते हैं। ये आधुनिक, भविष्य के लिए तैयार सुविधाओं के साथ तैयार हैं। सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय शामिल हैं, जो पहले अलग-अलग जगहों पर थे।
कर्तव्य भवन मंत्रालयों का नया ठिकाना-
कर्तव्य भवन-1 और 2 में कई अहम मंत्रालय शिफ्ट हो चुके हैं। इनमें वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कॉर्पोरेट मामलों का मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, कानून और न्याय मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, रसायन और उर्वरक मंत्रालय तथा जनजातीय मामलों का मंत्रालय शामिल हैं।
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नॉर्थ और साउथ ब्लॉक का नया अवतार-
अब खाली होने वाले नॉर्थ और साउथ ब्लॉक का इस्तेमाल दुनिया के सबसे बड़े म्यूज़ियम ‘युगे युगीन भारत म्यूज़ियम’ के निर्माण के लिए किया जाएगा। यह म्यूज़ियम भारत की सभ्यतागत यात्रा को प्रदर्शित करेगा। नॉर्थ ब्लॉक में म्यूज़ियम का काम शुरू हो चुका है। यह बदलाव भारत की समृद्ध विरासत को संजोने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का एक अनूठा प्रयास है।
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