Vaibhav Suryavanshi
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    Vaibhav Suryavanshi: समस्तीपुर, बिहार से आने वाले 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 में अपना लोहा मनवाते हुए क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। राजस्थान रॉयल्स टीम का हिस्सा बने इस युवा खिलाड़ी ने अपने तीसरे ही मैच में महज 35 गेंदों पर शतक ठोककर इतिहास रच दिया है। इस उम्र में जहां अधिकांश बच्चे स्कूल की बेंच पर बैठे होते हैं, वहीं वैभव स्टेडियम की चमचमाती लाइट्स के नीचे दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों का सामना कर रहे हैं।

    वैभव ने अब तक टूर्नामेंट में तीन मैच खेले हैं, और उनके प्रदर्शन ने क्रिकेट जगत के दिग्गजों को भी हैरान कर दिया है। उनकी बल्लेबाजी देखकर कई पूर्व क्रिकेटर और फैंस का मानना है कि उन्हें सीधे भारतीय टीम में शामिल किया जाना चाहिए, क्योंकि हर मापदंड पर वह भारतीय क्रिकेट के भविष्य के रूप में चमकने की क्षमता रखते हैं।

    Vaibhav Suryavanshi अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू में आड़े आती उम्र-

    हालांकि, वैभव के सामने एक बड़ी चुनौती है – उनकी उम्र। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के नियमों के अनुसार, किसी भी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए कम से कम 15 वर्ष का होना आवश्यक है और वैभव का जन्मदिन 27 मार्च, 2026 को है।

    लेकिन यहां एक twist है। ICC के पास ‘विवेकाधिकार’ के आधार पर खिलाड़ियों को विशेष छूट देने का प्रावधान है, अगर खिलाड़ी मैदान पर अपनी प्रतिभा और मैदान के बाहर परिपक्वता दिखाता है। यदि BCCI इस मामले को सही तरीके से ICC के सामने रखती है और ICC सहमत होती है, तो संभव है कि वैभव 15 साल की उम्र से पहले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते नजर आएं।

    Vaibhav Suryavanshi क्रिकेट इतिहास के पन्नों में सबसे कम उम्र के खिलाड़ी-

    क्रिकेट के इतिहास में सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का रिकॉर्ड पाकिस्तान के हसन रजा के नाम है, जिन्होंने 14 साल और 227 दिन की उम्र में अपना पहला मैच खेला था। भारत में यह रिकॉर्ड क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के नाम है, जिन्होंने 16 साल और 205 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था।

    जून में भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर जा रही है, और टीम में एक 17 वर्षीय खिलाड़ी को शामिल करने की चर्चा जोरों पर है। ऐसे में वैभव के प्रति उत्साह और उम्मीदें भी बढ़ गई हैं, खासकर अगर ICC विशेष छूट देने पर विचार करती है।

    Vaibhav Suryavanshi स्कूल से स्टेडियम तक का सफर-

    समस्तीपुर के एक सामान्य परिवार से आने वाले वैभव का क्रिकेट प्रेम बचपन से ही था। उनके पिता ने बताया कि 8 साल की उम्र में ही वैभव क्रिकेट के प्रति समर्पित हो गए थे और घंटों नेट प्रैक्टिस करते थे। स्थानीय टूर्नामेंट्स में उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें बिहार की अंडर-14 टीम तक पहुंचाया, जहां से उनकी प्रतिभा को पहचान मिली।

    “वैभव हमेशा से ही अलग थे। उनकी उम्र चाहे कम है, लेकिन खेल की समझ किसी अनुभवी खिलाड़ी जैसी है,” उनके कोच राजेश कुमार ने कहा। “वह सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि मैदान के बाहर भी बहुत mature हैं। उनका focus और discipline देखकर कोई नहीं कह सकता कि वह महज 14 साल के हैं।”

    IPL में धमाकेदार-

    राजस्थान रॉयल्स ने IPL 2025 की नीलामी में वैभव पर दांव लगाया था, जिसे कई लोगों ने जोखिम भरा फैसला माना था। लेकिन फ्रेंचाइजी के talent scouts ने वैभव की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें मौका दिया। अपने पहले दो मैचों में ही उन्होंने छोटी लेकिन तेज पारियां खेलकर अपनी क्षमता का संकेत दिया था।

    लेकिन तीसरे मैच में तो उन्होंने तूफान ही ला दिया। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेलते हुए वैभव ने 35 गेंदों में शतक पूरा कर IPL इतिहास में सबसे कम उम्र के शतकवीर बनने का गौरव हासिल किया। इस पारी में उन्होंने 9 चौके और 8 छक्के जड़े, जिनमें अनुभवी गेंदबाजों पर भी बेहिसाब shots लगाए।

    “जब मैं बल्लेबाजी करता हूं तो उम्र का कोई मतलब नहीं रहता। मेरा focus सिर्फ गेंद और मैच की स्थिति पर होता है,” मैच के बाद वैभव ने कहा। “मुझे टीम में मौका देने के लिए मैं राजस्थान रॉयल्स का शुक्रगुजार हूं। मैं बस अपना best देना चाहता हूं और team के लिए matches जीतना चाहता हूं।”

    BCCI और ICC के बीच डिप्लोमेटिक डायलॉग-

    वैभव के असाधारण प्रदर्शन के बाद, BCCI अध्यक्ष ने संकेत दिया है कि वे ICC से चर्चा कर सकते हैं, जिससे वैभव को विशेष छूट मिल सके। क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत जैसे क्रिकेट powerhouse का समर्थन पाकर, वैभव के लिए नियमों में छूट मिलने की संभावना बन सकती है।

    “हम BCCI से बात कर रहे हैं और देख रहे हैं कि क्या संभावनाएं हैं। वैभव एक exceptional talent हैं, और क्रिकेट के भविष्य के लिए उन्हें सही platform मिलना चाहिए,” राजस्थान रॉयल्स के CEO ने मीडिया से बातचीत में कहा।

    फैंस की प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया पर वायरल-

    सोशल मीडिया पर वैभव की चर्चा जोरों पर है। #VaibhavStorm और #BiharKaChampion जैसे hashtags ट्रेंड कर रहे हैं। फैंस ने उनकी तुलना युवा सचिन तेंदुलकर से करना शुरू कर दिया है, हालांकि क्रिकेट के दिग्गज उन्हें इस तरह के pressure से दूर रखने की सलाह दे रहे हैं।

    “वैभव अपने आप में एक अनोखे talent हैं। उनकी तुलना किसी से करना उचित नहीं होगा। उन्हें अपना रास्ता खुद बनाने दें,” पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा।

    भविष्य की संभावनाएं-

    अभी IPL 2025 का आधा सफर ही पूरा हुआ है, और वैभव के पास अपनी प्रतिभा दिखाने के और मौके हैं। अगर वह इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो संभव है कि ICC नियमों में विशेष छूट मिल जाए और वह जल्द ही भारतीय टीम की जर्सी पहनते नजर आएं।

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    बिहार, जो क्रिकेट के मानचित्र पर ज्यादा उभरा नहीं है, उसने अब एक ऐसा हीरा दिया है जो आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट का चेहरा बदल सकता है। वैभव का सफर अभी शुरू ही हुआ है, लेकिन उनकी कहानी पहले से ही लाखों युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

    जैसा कि एक पुराना कहावत है, “प्रतिभा को कोई उम्र नहीं होती,” वैभव सूर्यवंशी इस कथन को सच साबित करते हुए नजर आ रहे हैं। आने वाले समय में देखना होगा कि क्या वह हसन रजा का रिकॉर्ड तोड़ पाते हैं और क्रिकेट इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा पाते हैं।

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