Bank Minimum Balance Rules: आज के दौर में हर व्यक्ति के पास बैंक अकाउंट होना जरूरी हो गया है, लेकिन क्या आप जानते हैं, कि अलग-अलग बैंकों में न्यूनतम बैलेंस रखने के नियम भी अलग-अलग हैं। कुछ बैंक सख्त नियम रखते हैं, तो कुछ बैंकों में कोई पेनल्टी ही नहीं है। आइए जानते हैं, कि आपके पास कौन सा अकाउंट है और आपको कितना बैलेंस रखना चाहिए।
यह जानकारी खासकर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जो नए बैंक अकाउंट खोलने की सोच रहे हैं या फिर अपना मौजूदा अकाउंट बदलना चाहते हैं। हर महीने अनावश्यक चार्जेस से बचने के लिए इन नियमों को समझना बेहद जरूरी है।
HDFC बैंक के सख्त नियम-
द् इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, HDFC बैंक में अकाउंट रखने वालों के लिए न्यूनतम बैलेंस की शर्तें काफी स्पष्ट हैं। बैंक की वेबसाइट के अनुसार, शहरी इलाकों में स्थित ब्रांच में अकाउंट रखने वाले ग्राहकों को हर महीने औसतन 10,000 रुपए का बैलेंस रखना अनिवार्य है। यदि आप यह बैलेंस नहीं रख सकते, तो आपको 1 लाख रुपए का फिक्स्ड डिपॉजिट कम से कम 1 साल 1 दिन के लिए करना होगा।
अर्ध-शहरी इलाकों में आपको हर महीने औसतन 5,000 रुपए का बैलेंस रखना होगा या फिर 50,000 रुपए का फिक्स्ड डिपॉजिट करना होगा। ग्रामीण इलाकों में यह सबसे कम है, जहां त्रैमासिक आधार पर 2,500 रुपए का औसत बैलेंस या 25,000 रुपए का फिक्स्ड डिपॉजिट रखना जरूरी है।
यदि आप निर्धारित न्यूनतम बैलेंस नहीं रख पाते, तो HDFC बैंक आपसे पेनल्टी वसूलता है। यह पेनल्टी कमी की रकम का 6 प्रतिशत या अधिकतम 600 रुपए, जो भी कम हो, उतनी होती है।
ICICI बैंक की नई नीति-
ICICI बैंक ने 13 अगस्त 2025 को अपने न्यूनतम बैलेंस के नियमों में संशोधन किया है। 1 अगस्त से प्रभावी इस नई नीति के अनुसार, शहरी इलाकों में नए खोले जाने वाले अकाउंट में 15,000 रुपए का न्यूनतम औसत बैलेंस रखना अनिवार्य है। यह पहले से काफी ज्यादा है और ग्राहकों के लिए चुनौती हो सकती है। अर्ध-शहरी क्षेत्रों में यह आवश्यकता 7,500 रुपए निर्धारित की गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह 2,500 रुपए है। यह बदलाव दिखाता है, कि प्राइवेट बैंक अपनी सेवाओं को प्रिमियम बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
YES बैंक के प्रीमियम अकाउंट्स-
YES बैंक की बात करें, तो यहां न्यूनतम बैलेंस की आवश्यकता सबसे ज्यादा है। YES PRO Plus सेविंग्स अकाउंट और YES Essence सेविंग्स अकाउंट के ग्राहकों को हर महीने कम से कम 25,000 रुपए का बैलेंस रखना होता है। इसका मतलब है, कि महीने भर के दैनिक क्लोज़िंग बैलेंस का औसत कम से कम 25,000 रुपए होना चाहिए।
यदि आप YES PRO Max सेविंग्स अकाउंट चुनते हैं तो यह आवश्यकता और भी बढ़ जाती है। इस अकाउंट में आपको हर महीने औसतन 50,000 रुपए का बैलेंस रखना पड़ता है। यह साफ दिखाता है, कि YES बैंक हाई नेट वर्थ वाले लोगों को टारगेट कर रहा है।
SBI और सरकारी बैंकों की उदार नीति-
अच्छी खबर यह है, कि भारतीय स्टेट बैंक यानी SBI में आपको कोई न्यूनतम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं है। मार्च 2020 से SBI ने regular सेविंग्स अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने पर किसी भी तरह की पेनल्टी लगाना बंद कर दिया है। यह आम लोगों के लिए एक बड़ी राहत है।
केनरा बैंक ने भी सभी प्रकार के सेविंग्स बैंक अकाउंट के लिए औसत मासिक बैलेंस की आवश्यकता को समाप्त कर दिया है। पंजाब नेशनल बैंक यानी PNB ने भी घोषणा की है, कि वह अपने किसी भी सेविंग्स अकाउंट में न्यूनतम औसत बैलेंस नहीं रखने पर कोई पेनल्टी नहीं लगाएगा।
मासिक औसत बैलेंस का मतलब-
बहुत से लोग मासिक औसत बैलेंस को लेकर कन्फ्यूज रहते हैं। ICICI बैंक की वेबसाइट के अनुसार, मासिक औसत बैलेंस का मतलब है, महीने भर में आपके अकाउंट में मेनटेन किए गए औसत क्लोज़िंग बैलेंस से। यह कैलकुलेट करने के लिए महीने के हर दिन का क्लोज़िंग बैलेंस जोड़ा जाता है और फिर उसे उस महीने के दिनों की संख्या से डिवाइड किया जाता है।
उदाहरण के लिए, अगर आपके अकाउंट में कभी 20,000 रुपए हैं और कभी 5,000 रुपए, तो औसत देखा जाएगा, न कि मिनिमम बैलेंस। इसलिए आपको अपने अकाउंट की निगरानी करते रहनी चाहिए।
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सही चुनाव कैसे करें-
अब सवाल यह है, कि आपके लिए कौन सा बैंक सही है। यदि आप एक सामान्य वेतनभोगी हैं या छोटा व्यापार करते हैं, तो SBI या अन्य सरकारी बैंक आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं। यहां न्यूनतम बैलेंस की चिंता नहीं है और बेसिक बैंकिंग सेवाएं भी अच्छी मिलती हैं।
लेकिन यदि आपको प्रिमियम सेवाएं चाहिए और आपके पास अच्छा इनकम फ्लो है, तो HDFC, ICICI या YES बैंक जैसे प्राइवेट बैंक चुन सकते हैं। इनमें डिजिटल बैंकिंग की सुविधाएं बेहतर होती हैं, लेकिन कॉस्ट भी ज्यादा होती हैं।
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