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Maharashtra
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Maharashtra: ओबीसी वर्ग में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र में मराठा समुदाय आंदोलन कर रहा है। सरकारी नौकरी और शिक्षण में आरक्षण की मांग कर रहे हैं। मराठा समुदाय के आंदोलन ने सोमवार को हिंसक रूप ले लिया। एक दिन बाद भी महाराष्ट्र में स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के घरों को बाहर सुरक्षा को बढ़ा दिया है। सोमवार को गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने तीन विधायकों के घर में आग लगा दी थी, जिसके बाद यह बात सामने आई है‌ अधिकारियों ने हिंसा को रोकने के लिए जलगांव और भीड़ जैसी जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया है।

पुलिस की भारी तैनाती-

महाराष्ट्र में मंत्रियों और अन्य के आवासों के साथ-साथ राजनीतिक दलों के कार्यालय पर भी पुलिस ने सुरक्षा को बढ़ा दिया है। भारतीय जनता पार्टी के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली और उधर ठाकरे के नेतृत्व वाली शिव सेवा को दक्षिण में मस्जिद प्रवाह के नेतृत्व वाले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी समेत राजनीतिक दलों के कार्यालयों के बाहर पुलिस की भारी तैनाती की गई है।

हिंसा की निंदा-

प्रदर्शनकारियों द्वारा हिंसा की निंदा करते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडनविश ने कहा है कि उन राज्य सरकार ने पिछले कुछ दिनों में हिंसक घटनाओं में शामिल 50 से 55 लोगों की पहचान कर ली है। उन्होंने कुछ खास लोगों और एक खास समुदाय के सदस्य के घरों का मन पर हमला किया। कुछ विधायकों के घरों में आग लगा दी और होटल के साथ-साथ कुछ स्थानों को भी निशाना बनाया गया है, जो बिल्कुल गलत है।

इंटरनेट सेवा निलंबित-

हिंसा और राजधानी से जुड़ी अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए हथियार के तौर पर मंगलवार को जालना जिले में इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया। हिंसा और राजधानी की घटनाओं के बाद से ही बीड़ जिले में कर्फ्यू भी लगा दिया गया है एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि कर्फ्यू में डील और इंटरनेट के बहाली पर फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया है। नांदेड़ जिले में सड़कों पर आंदोलन पर प्रतिबंध लगाया गया है और एक अधिकारी ने विद्यापति में कहा है कि जिले में कलेक्टर की सड़क के रोके और आंदोलन राजमार्ग होने वाली रेलिया पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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विशेष क्षत्र बुलाने की अपील-

सरकार से इस मुद्दे का समाधान खोजने के लिए विपक्षी नेताओं ने राज्य विधानसभा का विशेष क्षत्र बुलाने की अपील की है। उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को यह मांग की मराठा समुदाय को भी आरक्षण मिलना चाहिए। उनका कहना है कि मुद्दे को लेकर संशोधित किया जाना चाहिए। इसे न सिर्फ लोकसभा में हल किया जा सकता है। सरकार को संसद का विशेष शास्त्र बुलाना चाहिए। ‌

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