Electric Egg Car: 1942 में दुनिया द्वितीय विश्व युद्ध के साये में थी। पेट्रोल और डीज़ल की कमी ने आम लोगों से लेकर इंजीनियरों तक सभी को नई ऊर्जा के साधन खोजने पर मजबूर कर दिया था। इसी दौर में, फ्रांस के एक कलाकार और डिज़ाइनर Paul Arzens ने ऐसा वाहन बनाया, जो आज भी लोगों को चौंकाता है, Electric Egg।
जन्म एक संकट से-
Paul Arzens पेशे से एक पेंटर और इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर थे। युद्ध के दौरान जब ईंधन लगभग अनुपलब्ध था, तब उन्होंने सोचा क्यों न ऐसा वाहन बनाया जाए, जो बिना पेट्रोल के चल सके और हल्का, सुंदर और व्यावहारिक हो। परिणाम था, एक ऐसा वाहन जो आकार में अंडे जैसा था, पूरी तरह इलेक्ट्रिक था और देखने में मानो किसी साइंस-फिक्शन फिल्म से बाहर निकला हो।
अनोखा डिज़ाइन-
Electric Egg का बॉडी फ्रेम Duralinox (हल्का एल्यूमिनियम मिश्र धातु) से बना था और खिड़कियां व दरवाज़े curved Plexiglas से तैयार किए गए थे। इसका आकार एक बुलबुले या पानी की बूंद जैसा था, जो हवा के प्रतिरोध को कम करता और उसे देखने में बेहद भविष्यवादी बनाता था।
- वज़न: सिर्फ 60 kg (बॉडी) बैटरी और मोटर के साथ लगभग 350 kg
- सीटिंग: दो व्यक्तियों के लिए
- दरवाज़ा: साइड पर खुलने वाला, बड़े कर्व्ड ग्लास के साथ
तकनीकी क्षमता-
- मोटर: इलेक्ट्रिक मोटर
- बैटरियां: पाँच 12-वोल्ट, 250Ah बैटरियां, सीट के नीचे
- रेंज: लगभग 100 km
- टॉप स्पीड: 70 km/h (दो व्यक्ति होने पर 60 km/h)
युद्ध के बाद, Arzens ने इसमें 125cc का Peugeot पेट्रोल इंजन लगाया, जिससे टॉप स्पीड बढ़कर 80 km/h हो गई।
अपनी समय से आगे-
उस दौर में कारें भारी, चौकोर और ईंधन-आधारित होती थीं। Electric Egg ने एक साथ कई ऐसे कॉन्सेप्ट दिखाए जो दशकों बाद आम हुए –
- हल्की एल्यूमिनियम बॉडी
- पारदर्शी और बड़े ग्लास पैनल
- कॉम्पैक्ट अर्बन डिज़ाइन
- इलेक्ट्रिक पावरट्रेन
कह सकते हैं, यह कार अपने समय से 20–30 साल आगे थी।
सिर्फ एक, लेकिन यादगार-
Electric Egg का सिर्फ एक ही प्रोटोटाइप बना और Paul Arzens ने इसे निजी इस्तेमाल के लिए रखा। 1993 में उन्होंने इसे फ्रांस के Musée des Arts et Métiers को दान कर दिया। आज यह Automobile, Mulhouse के Schlumpf संग्रहालय में प्रदर्शित है।
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कला और इंजीनियरिंग का संगम-
सिर्फ एक तकनीकी प्रयोग Electric Egg नहीं था, यह नमूना भी थाकला का। एक मूर्तिकला की तरह Arzens ने इसे बनाया सुंदर, गोल, पारदर्शी और हल्का। आज, जब दुनिया फिर से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर लौट रही है, Electric Egg हमें याद दिलाता है, कि भविष्य की झलक कई बार अतीत में छिपी होती है।
1942 का Electric Egg भले ही व्यावसायिक सफलता न पा सका, लेकिन यह साबित करता है, कि सही सोच और कल्पना समय से आगे निकल सकती है। आज यह सिर्फ एक कार नहीं, बल्कि उस युग का प्रतीक है, जब संकट ने नवाचार को जन्म दिया।
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