Delhi-Dehradun Expressway
    Photo Source - Google

    Delhi-Dehradun Expressway: प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को 210 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, जो आने वाले समय में उत्तर भारत की कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदलने वाला है। करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे ने दिल्ली से देहरादून का सफर अब सिर्फ 2.5 घंटे में पूरा करना संभव बना दिया है, जो पहले करीब 6 घंटे लगता था। यह बदलाव सिर्फ यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर रियल एस्टेट मार्केट पर भी दिखने लगा है।

    कनेक्टिविटी बढ़ी तो प्रॉपर्टी की डिमांड भी बढ़ी-

    रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है, कि जहां बेहतर सड़कें बनती हैं, वहां डिमांड अपने आप बढ़ जाती है। इसी को “कनेक्टिविटी प्रीमियम” कहा जाता है। अनुमान है, कि इस एक्सप्रेसवे के आसपास के इलाकों में अगले 18-24 महीनों में प्रॉपर्टी की कीमतों में 15-25% तक उछाल आ सकता है। खासकर जो निवेशक अभी एंट्री कर रहे हैं, उन्हें लॉन्ग टर्म में अच्छा फायदा मिल सकता है।

    दिल्ली-NCR में बढ़ रही प्लॉट और विला की डिमांड-

    दिल्ली-NCR के पास के इलाकों में सबसे ज्यादा हलचल प्लॉट और जमीन को लेकर देखी जा रही है। नरेला, बवाना, ट्रोनिका सिटी, साहिबाबाद और शाहदरा-सीमापुरी जैसे माइक्रो मार्केट्स निवेशकों के रडार पर हैं। यहां 12,000 से 20,000 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से प्लॉट्स में खास दिलचस्पी देखी जा रही है। वहीं 35-60 लाख के बिल्डर फ्लोर और 80 लाख से 1.5 करोड़ तक के विला भी तेजी से खरीदे जा रहे हैं।

    यूपी कॉरिडोर ‘Quiet Land Story’ बन रहा बड़ा मौका-

    दिल्ली-NCR से आगे बढ़ते ही बागपत, बरौत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जैसे इलाकों में भी जमीन की मांग तेजी से बढ़ रही है। ये इलाके भले ही अभी बड़े शहरों जैसे विकसित न हों, लेकिन बेहतर कनेक्टिविटी के कारण निवेशकों के लिए “छुपा हुआ मौका” बनते जा रहे हैं। साल 2024 में ही इन क्षेत्रों में 20-30% तक प्रॉपर्टी कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई है, जो आने वाले समय में और तेज हो सकती है।

    उत्तराखंड में बदल रहा है घर का मतलब-

    देहरादून के आसपास के इलाकों जैसे डोईवाला, ऋषिकेश बायपास, राजपुर रोड और मसूरी के पहाड़ी इलाकों में अब सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल की सोच भी बदल रही है। हाइब्रिड वर्क के बढ़ते ट्रेंड के कारण लोग अब ऐसे घर चाहते हैं जहां वीकेंड जैसा सुकून हर दिन मिले। यहां 30-70 लाख के हॉलिडे होम और 20-35 लाख के स्टूडियो अपार्टमेंट्स की डिमांड तेजी से बढ़ रही है।

    क्यों बढ़ेंगी 15-25% तक कीमतें-

    एक्सपर्ट्स के अनुसार यह बढ़ोतरी कोई अनुमान भर नहीं, बल्कि एक स्थापित पैटर्न है। जब भी कोई बड़ा एक्सप्रेसवे या हाईवे बनता है, तो उसके आसपास के इलाकों में तेजी से विकास होता है। इस एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली, नोएडा और उत्तराखंड के बीच बेहतर कनेक्शन बनने से रियल एस्टेट को बड़ा बूस्ट मिलेगा।

    ये भी पढ़ें- नोएडा हिंसा के बाद सरकार ने देर रात की वेतन बढ़ोतरी, जानें कितने रुपये बढ़े मज़दूरों के

    सिर्फ घर नहीं, पूरे इकोनॉमी को मिलेगा फायदा-

    इस एक्सप्रेसवे का असर सिर्फ हाउसिंग तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में इस कॉरिडोर के आसपास रिटेल, हेल्थकेयर, होटल इंडस्ट्री और ऑफिस स्पेस भी तेजी से विकसित होंगे। यानी यह प्रोजेक्ट एक बड़े इकोनॉमिक बदलाव की शुरुआत है, जो पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है।

    ये भी पढ़ें- नोएडा में हालात बेकाबू, सेक्टर 121 में घरेलू कामगारों का तांडव, पुलिस वैन पर किया हमला, देखें वीडियो

    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।