Air India Bad Food
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    Air India Bad Food: हवाई यात्रा का अनुभव सिर्फ मंज़िल तक पहुंचने से नहीं बनता, उसमें सीट का आराम, चालक दल का व्यवहार और सबसे ज़रूरी खाने की गुणवत्ता भी अहम भूमिका निभाती है। लेकिन एयर इंडिया के एक यात्री के साथ, जो हुआ वह किसी बुरे सपने से कम नहीं था। दिल्ली से पुणे जाने वाली फ्लाइट में प्रीमियम इकोनॉमी के यात्री सुंदर मीनाक्षी नारायण अय्यर को आलू चाट परोसी गई, लेकिन वह आलू ताज़े नहीं बल्कि सड़े हुए थे। खाने से बदबू आ रही थी और स्वाद बिल्कुल नहीं था।

    एक्स पर शिकायत और एयर इंडिया का जवाब-

    अय्यर ने फ्लाइट में मिले खाने की तस्वीर और मेन्यू कार्ड के साथ एक्स पर पोस्ट किया और लिखा, कि यह बेहद शर्मनाक अनुभव था। उन्होंने बताया, कि सिर्फ उन्हें नहीं बल्कि फ्लाइट के सभी यात्रियों ने शिकायत की और एयर होस्टेस ने बार-बार माफी मांगी। उन्होंने यह भी मांग की, कि खाना बनाने वाली कैटरिंग कंपनी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। पोस्ट वायरल होते ही एयर इंडिया ने जवाब दिया, कि उन्होंने यह मामला आंतरिक समीक्षा के लिए नोट कर लिया है और यात्री के अनुभव को गंभीरता से लिया जा रहा है।

    सोशल मीडिया पर खुल गया पिटारा-

    जैसे ही यह पोस्ट वायरल हुई, सोशल मीडिया पर लोगों के कड़वे अनुभवों का सैलाब आ गया। एक यूज़र ने सुझाव दिया, कि एयर इंडिया को मुफ्त खाना देना बंद कर देना चाहिए, टिकट 500 रुपये सस्ता करना चाहिए और जो यात्री खाना चाहें उन्हें पहले से बुकिंग का विकल्प देना चाहिए। एक अन्य ने चुटकी लेते हुए कहा, कि क्रू को भी वही खाना खिलाया जाना चाहिए था। एक यूज़र ने सलाह दी, कि फ्लाइट और ट्रेन में हमेशा जैन खाना ऑर्डर करना चाहिए क्योंकि वह ताज़ा बनाया जाता है।

    इंडिगो में भी हो चुका है ऐसा-

    यह पहली बार नहीं है जब किसी भारतीय एयरलाइन के खाने पर सवाल उठे हों। इससे पहले इंडिगो के एक यात्री ने दिल्ली से यात्रा के दौरान मिले स्नैक्स को “34,000 फीट पर निराशा का पैकेट” बताया था जिसमें सैंडविच, क्रैकर, जूस और कुकी थी। उसने बताया, कि आखिरी मिनट में टिकट बुक करने की वजह से यह स्नैक अपने आप जुड़ गया था जो देखने में अच्छा लगा लेकिन खाने में बिल्कुल निराशाजनक निकला।

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    आखिर कब सुधरेगा हवाई खाने का स्तर?

    यह घटनाएं एक बड़ा सवाल खड़ा करती हैं, कि जब यात्री प्रीमियम टिकट खरीदते हैं, तो क्या उन्हें कम से कम ताज़ा और खाने योग्य खाना पाने का हक नहीं है? एयरलाइनों को चाहिए, कि वे कैटरिंग की गुणवत्ता पर कड़ी नज़र रखें। क्योंकि एक खराब इन-फ्लाइट मील न सिर्फ यात्री का अनुभव बिगाड़ती है, बल्कि एयरलाइन की साख को भी नुकसान पहुंचाती है।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।