Delhi Old Age Pension
    Symbolic Photo Source - Google

    Delhi Old Age Pension: दिल्ली सरकार ने वृद्धा पेंशन योजना में पारदर्शिता लाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब जियो-ट्रैकिंग और घर-घर सर्वे के ज़रिए यह सुनिश्चित किया जाएगा, कि पेंशन का लाभ केवल वास्तविक और पात्र बुज़ुर्गों को ही मिले। सामाजिक कल्याण विभाग को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं, कि कई लोग दिल्ली छोड़ चुके हैं या इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके नाम पर पेंशन आती रहती है। इसी गड़बड़ी को रोकने के लिए यह अभियान शुरू किया जा रहा है।

    20 अप्रैल से शुरू होगा सर्वे-

    सरकार की ओर से नियुक्त एजेंसी 20 अप्रैल के बाद सर्वे शुरू करेगी। सर्वे टीमें सीधे बुज़ुर्गों के घर जाएंगी और उनके वहां होने की पुष्टि करेंगी। अगर कोई लाभार्थी लगातार तीन बार घर पर नहीं मिलता है, तो उसकी पेंशन रोकी जा सकती है। यह नियम इसलिए बनाया गया है, जिससे जो लोग दूसरे शहरों में रह रहे हैं, वो पुराने पते पर पेंशन का फायदा न उठा सकें।

    टैबलेट से होगी जांच-

    सर्वे करने वाले कर्मचारी हर घर में टैबलेट लेकर जाएंगे। वो बुज़ुर्गों की तस्वीर, पहचान पत्र और आधार कार्ड का मिलान करेंगे। उसी समय जियो-ट्रैकिंग के ज़रिए लाभार्थी की सटीक जगह भी दर्ज की जाएगी। सारी जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित की जाएगी, जिससे सरकारी रिकॉर्ड में हर लाभार्थी का सही और अपडेटेड डेटा मौजूद हो।

    दिल्ली में कितने लोगों को मिलती है वृद्धा पेंशन?

    दिल्ली में 4 लाख से ज़्यादा बुज़ुर्ग इस योजना के तहत पंजीकृत हैं। नजफगढ़ इलाके में सबसे ज़्यादा लाभार्थी हैं, जबकि नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम।

    आयु वर्गमासिक पेंशन
    60 से 69 साल₹2,000 प्रति माह
    70 साल और उससे अधिक₹2,500 या अधिक
    अनुसूचित जाति/जनजाति/अल्पसंख्यकअतिरिक्त ₹500

    यह पूरी राशि सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है। आवेदन ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के ज़रिए ऑनलाइन किया जा सकता है।

    ये भी पढ़ें- सवाल का नहीं मिला जवाब, तो दुल्हन ने तोड़ दी शादी, जानिए क्या था सवाल, जिससे मचा बवाल

    फर्जी लाभार्थियों पर कसेगी नकेल-

    सामाजिक कल्याण विभाग को ऐसे कई मामलों की जानकारी है, जहां लोग दूसरे शहरों में रह रहे हैं, लेकिन दिल्ली के पुराने पते पर पेंशन ले रहे हैं। कुछ मामलों में तो लाभार्थी का निधन हो चुका है, फिर भी पेंशन आती रहती है। यह नई व्यवस्था ऐसी सभी गड़बड़ियों पर रोक लगाएगी और सुनिश्चित करेगी कि सरकारी पैसा सही ज़रूरतमंद बुज़ुर्गों तक पहुंचे।

    ये भी पढ़ें- पेट्रोल-डीजल और LPG को लेकर सरकार के 5 बड़े फैसले, जानिए आम आदमी पर क्या असर

    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।