Chaitra Navaratri 2026: चैत्र नवरात्रि 2026 शुरू हो चुकी है और भक्तों में माता रानी की भक्ति का जोश देखते ही बनता है। लेकिन क्या आप जानते हैं, कि नवरात्रि के इन 9 पवित्र दिनों में कुछ चीजें खरीदना या इस्तेमाल करना मना होता है? आइए जानते हैं, वो कौन सी चीजें हैं, जिनसे आपको दूर रहना चाहिए।
नवरात्रि सिर्फ पूजा नहीं-
चैत्र नवरात्रि हिंदुओं के लिए बेहद पवित्र समय होता है, जब माता दुर्गा और उनके नौ दिव्य रूपों की आराधना की जाती है। साल में दो बार मनाया जाने वाला यह त्योहार मार्च-अप्रैल में चैत्र नवरात्रि और सितंबर-अक्टूबर में शारदीय नवरात्रि के रूप में आता है। ये नौ रातें सिर्फ भक्ति की नहीं, बल्कि अनुशासन और आध्यात्मिक शुद्धता की भी प्रतीक होती हैं। नौवें दिन राम नवमी और कन्या पूजन के साथ यह पर्व समाप्त होता है।
नवरात्रि का मतलब सिर्फ मंदिर जाना और व्रत रखना नहीं है। इसमें कुछ खास परंपराओं और नियमों का पालन करना भी जरूरी होता है। माता रानी को खुश करने के लिए भक्त कुछ खास चीजों को इन नौ दिनों में खरीदने या इस्तेमाल करने से बचते हैं।
नॉन-वेज और तामसिक खाना है बिल्कुल मना-
नवरात्रि के दौरान सबसे जरूरी नियम है, सात्विक भोजन करना। भक्त नॉन-वेज खाना, अंडा, लहसुन, प्याज और किसी भी तरह का तामसिक यानी अशुद्ध या भारी खाना खाने से बचते हैं। दरअसल नवरात्रि का समय ध्यान, आध्यात्मिक विकास और मन की सफाई का होता है। भारी या तामसिक भोजन शरीर में नेगेटिव एनर्जी बढ़ाकर इस प्रक्रिया में रुकावट डालता है। इसलिए इन दिनों में ऐसा खाना खरीदना भी अशुभ माना जाता है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और काले कपड़ों से रहें दूर-
नवरात्रि के दौरान नए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स या उपकरण खरीदना अशुभ माना जाता है। इसके पीछे कारण यह है, कि शॉपिंग भोग-विलास का प्रतीक है, जो त्योहार की आध्यात्मिक भावना के खिलाफ जाता है। नवरात्रि सादगी और आत्म-अनुशासन का समय है, इसलिए ऐसी खरीदारी त्योहार के बाद तक टालने की सलाह दी जाती है।
हिंदू परंपराओं में काले रंग को नकारात्मकता और अशुभ माना जाता है। चाहे त्योहार हो, पूजा-पाठ हो या शादी, काले कपड़े पहनना हतोत्साहित किया जाता है। नवरात्रि में लोगों को पीले, नारंगी, लाल, गुलाबी या नीले जैसे चमकीले रंग पहनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है जो सकारात्मकता, भक्ति और दिव्य ऊर्जा के प्रतीक हैं। इस अवधि के दौरान काले कपड़े खरीदना नेगेटिव एनर्जी को आकर्षित करता है।
तेज धार वाली चीजें और आयरन के सामान-
नवरात्रि के दौरान चाकू, कैंची या सुई जैसी तेज धार वाली चीजें खरीदना या उधार लेना भी अशुभ माना जाता है। माना जाता है, कि तेज धार वाली वस्तुएं भारी ऊर्जा लेकर आती हैं और रिश्तों में परेशानी ला सकती हैं। साथ ही लोहे के उत्पाद ज्यादा मात्रा में खरीदना या इस्तेमाल करना भी हतोत्साहित किया जाता है, क्योंकि लोहा नकारात्मक ऊर्जाओं को आकर्षित करता है।
व्रत में सामान्य अनाज और आटा भी नहीं-
चूंकि कई भक्त नवरात्रि के दौरान व्रत रखते हैं, इसलिए कुछ खाद्य पदार्थों से पूरी तरह परहेज किया जाता है। जो लोग निर्जला उपवास रखते हैं वे इस अवधि के दौरान अनाज, गेहूं का आटा या चावल नहीं खरीदते। इसके बजाय वे कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा और समक चावल जैसे विकल्प चुनते हैं, जो व्रत के लिए उपयुक्त हैं।
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नवरात्रि सकारात्मकता, आध्यात्मिक विकास, भक्ति और अनुशासन का समय है। हालांकि ये परंपराएं परिवार से परिवार में अलग हो सकती हैं, लेकिन इनमें पवित्रता, आत्म-नियंत्रण और देवी के प्रति श्रद्धा का भाव निहित है। इन दिशानिर्देशों का पालन करके भक्त माता रानी की सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ सकते हैं और अपने जीवन में आशीर्वाद पा सकते हैं।
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