Mojtaba Khamenei
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    Mojtaba Khanmenei: 28 फरवरी को हुए अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए। उसी हमले में उनके बेटे और अब नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई कुछ ही पलों के फर्क से बच गए। द टेलीग्राफ को मिली एक लीक ऑडियो रिकॉर्डिंग ने इस घटना के चौंकाने वाली चीज़ें सामने रखी हैं।

    बगीचे में टहलने गए थे-

    द टेलीग्राफ को मिली लीक ऑडियो के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई उस वक्त अपने घर के बगीचे में टहलने निकले थे, जब मिसाइलें उनके परिसर पर आ गिरीं। जब वो वापस ऊपर जाने के लिए मुड़े तभी इमारत पर मिसाइल ने निशाना साधा। अली खामेनेई के कार्यालय के प्रोटोकॉल प्रमुख माजहर होसैनी ने वरिष्ठ धर्मगुरुओं और इस्लामी क्रांतिकारी गार्ड के कमांडरों को बताया, कि मोजतबा के पैर में मामूली चोट आई। जबकि उनकी पत्नी सुश्री हद्दाद उसी पल शहीद हो गईं। होसैनी ने रिकॉर्डिंग में कहा, कि यह ईश्वर की इच्छा थी, कि मोजतबा को उस वक्त बाहर जाना पड़ा।

    एक ही हमले में बिखर गया पूरा परिवार-

    इस हमले की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है, कि कम से कम तीन मिसाइलें इस परिसर पर गिरीं। मोजतबा का घर, उनके साले का आवास और वो जगहें जहां ईरान के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, सब निशाने पर थे। हमले में मोजतबा के साले मिस्बाह अल-हुदा बाकेरी कानी का सिर धड़ से अलग हो गया। ईरान के सैन्य प्रमुख मोहम्मद शिराजी का शव टुकड़ों में मिला। हालांकि मोजतबा के बड़े बेटे मुस्तफा खामेनेई और उनकी पत्नी बिना किसी चोट के बच निकले।

    ट्रंप का बड़ा दावा-

    मोजतबा खामेनेई हमले के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे हैं। ईरानी राजकीय टेलीविजन पर उनका बस एक संदेश प्रसारित हुआ, जिसमें उन्होंने शहीदों के खून का बदला लेने की कसम खाई। इसके बाद से उनकी सेहत और ठिकाने को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को कहा, कि कई लोग यह बता रहे हैं, कि मोजतबा बुरी तरह घायल हैं, उनकी एक टांग जा चुकी है और कुछ तो यह भी कह रहे हैं, कि वो जीवित नहीं हैं। ट्रंप ने कहा, कि क्योंकि उन्हें अभी तक किसी ने नहीं देखा इसलिए यह असामान्य है।

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    क्या यही था हमले का असली मकसद-

    यह हमला अमेरिका और इजराइल का एक सुनियोजित संयुक्त अभियान बताया जा रहा है, जिसका मकसद ईरानी नेतृत्व के प्रमुख चेहरों को एक ही झटके में खत्म करना था। अली खामेनेई, उनकी पत्नी, बेटे और वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, सबको एक साथ निशाना बनाया गया। मोजतबा की महज कुछ पलों की गैरहाजिरी ने उन्हें बचा लिया, लेकिन ईरान का भविष्य अब एक ऐसे नेता के हाथों में है, जो खुद गहरे जख्म लेकर सत्ता की कुर्सी पर बैठे हैं।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।