Kejriwal Sisodia: शुक्रवार का दिन AAP के लिए बेहद अहम रहा। नई दिल्ली के Rouse Avenue Court के बाहर जब अरविंद केजरीवाल मीडिया के सामने आए, तो उनकी आंखें भरी हुई थीं। उन्होंने कहा, कि आज कोर्ट ने उन्हें और मनीष सिसोदिया को “ईमानदार” करार दिया है। दरअसल स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने दिल्ली शराब नीति मामले में CBI द्वारा नामजद सभी 23 लोगों को डिस्चार्ज कर दिया।
इनमें पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, तेलंगाना की नेता के. कविता और AAP नेता विजय नायर शामिल हैं। कोर्ट ने साफ कहा, कि शराब नीति के पीछे कोई बड़ी साजिश या आपराधिक इरादा नहीं था और CBI ने जो षड्यंत्र की कहानी बनाई वो ठोस सबूतों पर नहीं, बल्कि अटकलों पर आधारित थी।
Discharge और Acquittal में क्या फर्क है?
यहां एक जरूरी बात समझना बेहद जरूरी है। केजरीवाल और बाकी सभी को “acquit” नहीं किया गया, बल्कि “डिस्चार्ज” किया गया है और इन दोनों में बड़ा फर्क है। कश्मीर के वकील हबील इकबाल के मुताबिक, डिस्चार्ज तब होता है, जब मुकदमा शुरू होने से पहले ही, यानी किसी गवाह के बयान या सबूत की जांच से पहले ही, कार्यवाही खत्म कर दी जाए। सुप्रीम कोर्ट के वकील अनस तनवीर बताते हैं, कि अगर आरोप तय होने से पहले ही यह साबित न हो सके, कि मामला प्राइम फेसेज़ यानी पहली नजर में भी टिकता है, तो अदालत आरोपी को डिस्जार्ज कर देती है।
VIDEO | AAP National Convenor Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) says, “My family and Sisodia’s family suffered immensely when we were in jail. Who will make up for that?”
— Press Trust of India (@PTI_News) February 27, 2026
(Full video available on https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/3qjNyffcnE
आसान भाषा में कहें, तो किसी भी केस में चार अहम पड़ाव होते हैं, FIR, चार्जशीट, कोर्ट की जांच और फिर ट्रायल। इस मामले में कोर्ट ने तीसरे पड़ाव पर ही केस रोक दिया। हालांकि अगर नए सबूत सामने आएं, तो CBI दोबारा आरोप दायर कर सकती है।
CBI की साख पर उठे सवाल-
कोर्ट ने इस फैसले में CBI अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की सिफारिश भी की है, जो एजेंसी के लिए बड़ा झटका है। CBI ने अगस्त 2022 में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत यह मामला दर्ज किया था। तीन चार्जशीट दाखिल की गई थीं, जिनमें से दूसरी में खास तौर पर केजरीवाल का नाम था।
Delhi: On the Delhi Court discharging AAP leaders Arvind Kejriwal and Manish Sisodia in the Excise Policy case, Former CM Arvind Kejriwal says, ''I want to ask you, Kejriwal went to jail, Robert Vadra went to jail?, Sanjay Singh went to jail, Rahul Gandhi went to jail?, Manish… pic.twitter.com/Wo8hZn136Y
— IANS (@ians_india) February 27, 2026
एजेंसी ने दावा किया था, कि शराब नीति को प्रभावित करने के लिए “साउथ लॉबी” ने 100 करोड़ रुपये दिए। अब CBI ने दिल्ली हाईकोर्ट में रिविज़न पेटिशन दाखिल करने का फैसला किया है। दूसरी तरफ Enforcement Directorate का मनी लॉन्ड्रिंग का केस अभी भी अलग से चल रहा है।
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केजरीवाल का बड़ा बयान-
कोर्ट के बाहर केजरीवाल का बयान भावुक होने के साथ-साथ सियासी भी था। उन्होंने कहा, कि एक बैठे हुए मुख्यमंत्री को घर से घसीटकर जेल में डाला गया। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया, कि AAP को खत्म करने के लिए सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश रची गई। केजरीवाल मार्च 2024 में ED द्वारा और बाद में CBI द्वारा गिरफ्तार हुए थे और पांच महीने से ज्यादा जेल में रहे। BJP ने इस फैसले को तकनीकी मामला बताते हुए कहा, कि CBI आगे की कार्रवाई करेगी।
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