Epstein's Dark Empire
    Photo Source - Google

    Epstein’s Dark Empire: कुछ कहानियां इतनी भयावह होती हैं, कि यकीन करना मुश्किल हो जाता है, लेकिन यह हकीकत है। जेफरी एपस्टीन, एक अमेरिकी अरबपति जो राष्ट्रपतियों, राजकुमारों और टेक्नोलॉजी की दुनिया के दिग्गजों के साथ उठता-बैठता था, दरअसल दुनिया का सबसे बड़ा बाल यौन तस्करी नेटवर्क चला रहा था।

    2005 में एक 14 साल की लड़की के माता-पिता की पुलिस शिकायत से शुरू हुई यह कहानी आज दो दशक बाद भी दुनिया को हिला रही है। हाल ही में ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस एंड्रयू को गिरफ्तार किया गया और बिल गेट्स को दिल्ली के AI समिट में अपना भाषण रद्द करना पड़ा, यह कांड अभी थमा नहीं है।

    कौन था जेफरी एपस्टीन-

    20 जनवरी 1953 को न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में जन्मे एपस्टीन ने कभी कॉलेज की डिग्री पूरी नहीं की, फिर भी महज़ 21 साल की उम्र में मैनहट्टन के प्रतिष्ठित डाल्टन स्कूल में फिजिक्स पढ़ाने लगा। वहां से संबंधों का जाल बुनते हुए वो वॉल स्ट्रीट पहुंचा, फिर अपनी खुद की वित्तीय कंपनी खोली, जो कथित तौर पर सिर्फ अरबपतियों की सेवा करती थी।

    मैनहट्टन और पाम बीच में आलीशान हवेलियां, कैरेबियन में एक निजी द्वीप और निजी विमानों का बेड़ा, एपस्टीन की दौलत और रसूख की कोई सीमा नहीं थी। लेकिन इस चमक-दमक के पीछे वर्षों से चल रहा, नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण था।

    घिसलेन मैक्सवेल शैतान की साथी-

    Epsteins Dark Empire
    Photo Source – Google

    इंडिया टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक, 1991 में एपस्टीन की मुलाकात, ब्रिटिश की घिसलेन मैक्सवेल से हुई, जो मीडिया टाइकून रॉबर्ट मैक्सवेल की बेटी थी। दिखने में आकर्षक, बातों में चतुर मैक्सवेल ने एपस्टीन के नेटवर्क में नाबालिग लड़कियों को फंसाने, उनका विश्वास जीतने और उन्हें शोषण के लिए तैयार करने का काम किया। जुलाई 2020 में गिरफ्तार हुई, मैक्सवेल को दिसंबर 2021 में सेक्स ट्रैफिकिंग के कई आरोपों में दोषी ठहराया गया और जून 2022 में 20 साल की सज़ा सुनाई गई। वो अभी जेल में है।

    मसाज के बहाने जाल, फिर शुरू होता था जहन्नुम-

    एपस्टीन का तरीका एक पिरामिड जैसा था। पाम बीच, मैनहट्टन, न्यू मैक्सिको और अपने निजी कैरेबियन द्वीप पर वो नाबालिग लड़कियों को “मसाज” के बदले पैसों का लालच देकर बुलाता था। एक पीड़िता ने बताया, कि हर लड़की लाने पर उसे 200 डॉलर मिलते थे और उसने 40-60 लड़कियों को इस जाल में फंसाया। पीड़िता रीना ओह ने बताया, कि वो फंसी हुई थी, न पैसे, न जाने का रास्ता और जान से मारने की धमकी।

    एक अन्य पीड़िता शॉना रिवेरा ने नेटफ्लिक्स सीरीज़ में बताया, कि कैसे उसे झूठ से बुलाकर बलात्कार किया गया। वर्जीनिया गियूफ्रे ने बताया, कि एपस्टीन ने उसे एक ऐसे व्यक्ति के पास भेजा, जिसने उसका बेरहमी से बलात्कार किया और जो कथित तौर पर एक देश का प्रधानमंत्री था।

    Epstein's Dark Empire
    Photo Source – Google

    ताकतवर लोगों के नाम-

    एपस्टीन की फाइलों में जो नाम सामने आए, उन्होंने पूरी दुनिया को चौंका दिया। पूर्व प्रिंस एंड्रयू पर नाबालिग के यौन शोषण का आरोप है और 19 फरवरी को उन्हें गिरफ्तार किया गया, आधुनिक इतिहास में किसी वरिष्ठ राजपरिवार सदस्य की यह पहली गिरफ्तारी है।

    डोनाल्ड ट्रंप का नाम 4,000 से ज़्यादा बार फाइलों में आया है। एलन मस्क और एपस्टीन के बीच 2012 के ईमेल मिले हैं। बिल क्लिंटन की एपस्टीन के साथ तस्वीरें सामने आई हैं। बिल गेट्स के 2013 के ईमेल मिले हैं। गूगल के सह-संस्थापक सर्गेई ब्रिन एपस्टीन के द्वीप पर गए थे। नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री थोर्बियोर्न जागलैंड अब भ्रष्टाचार की जांच के दायरे में हैं।

    एपस्टीन की मौत-

    अगस्त 2019 में मुकदमे का इंतज़ार करते हुए, एपस्टीन मैनहट्टन की जेल में मृत पाया गया। मौत को आत्महत्या बताया गया, लेकिन कई लोग इसे हत्या मानते हैं। फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. माइकल बेडन का मानना है, कि मौत फांसी से नहीं बल्कि गला दबाने से हुई। नवंबर 2025 में अमेरिकी कांग्रेस ने एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट पास किया और जनवरी 2026 तक करीब 35 लाख पन्ने सार्वजनिक हो चुके हैं।

    ये भी पढ़ें- ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मियों ने एक-दूसरे पर चलाई गोली, दोनों की मौत

    न्याय की राह अभी बाकी है-

    एपस्टीन मर चुका है, मैक्सवेल जेल में है, लेकिन इस कांड की परछाईं अभी नहीं हटी। लाखों पीड़िताएं आज भी न्याय का इंतज़ार कर रही हैं। यह कहानी सिर्फ एक अपराधी की नहीं, यह उस व्यवस्था की कहानी है, जिसने दशकों तक सच को दबाए रखा।

    ये भी पढ़ें- गोरखपुर जेल का सच, मुसलमान अलग बैरक में, दलित शौचालय के पास, एक फ्रांसीसी की आंखों देखी कहानी

    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।