Ganga Expressway
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    Ganga Expressway: उत्तर प्रदेश में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे अब बनकर तैयार हो चुका है और इसका उद्घाटन मार्च के आखिरी हफ्ते यानी 25 से 31 मार्च के बीच होने की उम्मीद है। Ganga Expressway पश्चिमी यूपी के मेरठ को पूर्वी यूपी के प्रयागराज से सीधे जोड़ेगा।

    36,200 करोड़ की लागत-

    इस एक्सप्रेसवे की नींव दिसंबर 2021 में रखी थी, जिसके बाद निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ा। 36,200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बना Ganga Expressway उत्तर प्रदेश के इतिहास की सबसे बड़ी सड़क परियोजनाओं में गिना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, ट्रायल रन और टोल प्रबंधन की जांच सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है और 1 अप्रैल 2026 से गाड़ियों की आवाजाही और टोल वसूली शुरू होने की उम्मीद है, जो नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ मेल खाती है।

    12 जिलों से गुज़रती है-

    Ganga Expressway मेरठ के बिजौली गांव के पास से शुरू होकर प्रयागराज के जुदापुर डांडू गांव तक जाएगा। रास्ते में यह मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज कुल 12 जिलों से होकर गुज़रेगा। इन इलाकों में विकास की रफ्तार भी इस एक्सप्रेसवे के साथ तेज़ होने की उम्मीद है। जो सफर आज सड़क पर 12 घंटे लेता है, वही अब सिर्फ 6 से 7 घंटे में पूरा होगा, यानी आधा वक्त, दोगुना सुकून।

    एयरस्ट्रिप इसे बनाती है देश में पहला-

    Ganga Expressway की सबसे खास बात है, शाहजहांपुर में बना 3.5 किलोमीटर लंबा एयरस्ट्रिप। यह भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों की आपातकालीन लैंडिंग और उड़ान के लिए तैयार किया गया है। पिछले साल यहां राफेल, SU-30 MKI, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर, C-130J सुपर हरक्यूलिस, AN-32 और MI-17 V5 हेलीकॉप्टर जैसे विमानों ने “लैंड एंड गो” अभ्यास किया था।

    सबसे बड़ी बात यह है, कि यह एयरस्ट्रिप दिन और रात दोनों वक्त लड़ाकू विमानों की लैंडिंग के लिए सक्षम है, जो इसे देश में अपनी तरह का पहला बनाता है। इससे पहले लखनऊ-आगरा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आपातकालीन लैंडिंग के अभ्यास हुए थे, लेकिन वे सिर्फ दिन में ही संभव थे।

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    नई पहचान बनेगा गंगा एक्सप्रेसवे-

    यह सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की तरक्की का एक नया रास्ता है। पूर्व और पश्चिम यूपी के बीच की दूरी अब सिर्फ किलोमीटरों में नहीं, बल्कि घंटों में भी कम होगी। व्यापार बढ़ेगा, पर्यटन बढ़ेगा और लाखों लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी आसान होगी। गंगा एक्सप्रेसवे वो सपना जो अब हकीकत बनने को तैयार है।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।