Domicile Certificate Online: मूल निवास प्रमाण पत्र यानी Domicile Certificate आजकल कई सरकारी योजनाओं, नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले के लिए जरूरी दस्तावेज बन गया है। अच्छी खबर यह है, कि अब आपको इसके लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। भारत के लगभग सभी राज्यों में e-District Portal की सुविधा उपलब्ध है, जिससे आप घर बैठे आसानी से अपना डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवा सकते हैं।
अपने राज्य के पोर्टल पर करें रजिस्ट्रेशन-
हर राज्य का अपना अलग e-District Portal होता है, जहां आप आवेदन कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश के निवासी edistrict.up.gov.in पर जा सकते हैं, जबकि बिहार के लोगों के लिए RTPS Bihar यानी serviceonline.bihar.gov.in उपलब्ध है। हरियाणा में Antyodaya SARAL Haryana पोर्टल काम करता है, दिल्ली के लिए e-District Delhi और मध्य प्रदेश के लिए MP e-District पोर्टल है। सबसे पहले अपने राज्य के ऑफिशियल पोर्टल पर जाना होगा।
पोर्टल पर पहुंचने के बाद New User Registration या Citizen Registration पर क्लिक करें। अपनी बेसिक डिटेल्स जैसे नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भरकर अकाउंट बनाएं। लॉगिन करने के बाद सर्विस सेक्शन में जाएं और Domicile Certificate या Residence Certificate का ऑप्शन सेलेक्ट करें। यह प्रोसेस बिल्कुल सिंपल है और किसी भी स्मार्टफोन या कंप्यूटर से की जा सकती है।
जरूरी डॉक्यूमेंट्स की तैयारी रखें-
आवेदन करते समय कुछ जरूरी दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी यानी फोटो तैयार रखनी होगी। आइडेंटिटी प्रूफ के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी या पैन कार्ड में से कोई एक चाहिए होगा। एड्रेस प्रूफ के रूप में बिजली का बिल, राशन कार्ड या पानी का बिल अपलोड कर सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण स्टे प्रूफ है, जिसमें आपको पिछले तीन से पंद्रह साल तक उस राज्य में रहने का सबूत देना होता है। यह अवधि राज्य के मुताबिक, अलग-अलग हो सकती है। इसके लिए स्कूल सर्टिफिकेट या पुराने बिल काम आ सकते हैं।
इसके अलावा पोर्टल से डाउनलोड किया गया, स्वयं-घोषणा पत्र यानी सेल्फ-डिक्लेरेशन और पासपोर्ट साइज फोटो भी अपलोड करनी होगी। सभी डॉक्यूमेंट्स क्लियर और रीडेबल होने चाहिए, वरना आवेदन रिजेक्ट हो सकता है।
फीस जमा करें और एप्लीकेशन सबमिट करें-
फॉर्म पूरा भरने के बाद ऑनलाइन फीस जमा करनी होती है। आमतौर पर यह फीस दस रुपये से सौ रुपये के बीच होती है, जो राज्य के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। कुछ राज्यों में यह सेवा बिल्कुल फ्री भी है। पेमेंट के लिए डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या UPI का इस्तेमाल किया जा सकता है।
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आवेदन सबमिट करने के बाद आपको एक Acknowledgement Number या Reference Number मिलेगा। इस नंबर को संभालकर रखें, क्योंकि इसी से आप अपने एप्लीकेशन का स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं। वेरिफिकेशन के बाद आमतौर पर सात से पंद्रह दिन में सर्टिफिकेट तैयार हो जाता है। कुछ राज्यों में यह प्रोसेस 21 से 31 दिन तक भी लग सकता है। जब सर्टिफिकेट तैयार हो जाता है, तो आप उसी पोर्टल से इसे डाउनलोड कर सकते हैं।
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डिजिटल इंडिया की इस पहल से अब लोगों का समय और पैसा दोनों बच रहा है। घर बैठे यह जरूरी डॉक्यूमेंट बनवाना अब आसान हो गया है।



