Farmers Protest 2026: भारत और अमेरिका के बीच शनिवार को हुए अंतरिम व्यापार समझौते ने देश के किसान संगठनों में भारी गुस्सा पैदा कर दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM), अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) समेत कई किसान संगठनों ने इस डील को किसानों के हितों के साथ धोखा करार देते हुए, पूरे देश में विरोध प्रदर्शन की घोषणा कर दी है। इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय सामानों पर आयात शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा, जबकि भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कृषि उत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी कम करेगा या खत्म करेगा।
किसान नेताओं ने किया सरकार पर हमला
संयुक्त किसान मोर्चा ने शनिवार को जारी बयान में इस ट्रेड एग्रीमेंट को भारतीय कृषि का अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सामने पूर्ण समर्पण बताया है। संगठन ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। SKM के नेताओं ने ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, कि पूरे देश में गांवों में विरोध प्रदर्शन होंगे। साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले जलाए जाएंगे। किसान संगठन ने 12 फरवरी को होने वाली जनरल स्ट्राइक को भी अपना समर्थन दिया है।
कृषि क्षेत्र पर पड़ेगा गहरा असर-
अखिल भारतीय किसान सभा के नेता कृष्णा प्रसाद ने कहा, कि यह व्यापार समझौता कृषि क्षेत्र पर गहरा प्रभाव डालेगा। इसके चलते सूखे डिस्टिलर अनाज, पशु आहार के लिए लाल ज्वार और सोयाबीन ऑइल जैसी चीजों के लिए मार्केट खुल जाएगा। उन्होंने दावा किया, कि इससे डेरी सेक्टर भी प्रभावित होगा। उनका कहना है, कि अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ ये डील उनकी आलसी अर्थव्यवस्थाओं को फायदा पहुंचाने के लिए की जा रही हैं, जो भारत के हित में नहीं हैं।
संसद में बहस की मांग-
कार्यकर्ता सुनीलाम ने कहा, कि इस मुद्दे पर संसद में बहस होनी चाहिए। क्रांतिकारी किसान यूनियन (पंजाब) के नेता दर्शन पाल ने कहा, कि उनके संगठन के सदस्य विरोध में ट्रंप और मोदी के पुतले जलाएंगे। उन्होंने कहा, कि यह समझौता उन किसानों को और अधिक प्रभावित करेगा, जो पहले से ही कम आय और लोन चुकाने में असमर्थता की समस्या से जूझ रहे हैं।
गांवों में बढ़ती चिंता-
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा, कि गांवों में लोग सवाल उठा रहे हैं, कि ये डिल्स उन पर कैसे असर डालेंगे। उन्होंने किसानों से इन समझौतों के खिलाफ प्रोटेस्ट में शामिल होने की अपील की। SKM ने अपने बयान में कहा, कि यह फ्रेमवर्क वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के उस दावे का खुला खंडन है, कि कृषि और डेरी सेक्टर को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से बाहर रखा गया है।
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किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा, कि पीयूष गोयल ट्वीट कर रहे हैं, कि कृषि और डेरी सेक्टर सुरक्षित रहेंगे, भारत-अमेरिका की जॉइंट स्टेटमेंट कहती है, कि भारत ने अमेरिकी कृषि उत्पादों पर लगाए गए नॉन-टैरिफ बैरियर पर चर्चा करने पर सहमति जताई है। डल्लेवाल ने कहा, कि ये दोनों स्थितियां अलग (contradictory) हैं और जॉइंट स्टेटमेंट साफ करती है, कि अमेरिकी दबाव में भारत सरकार ने अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खोलने पर सहमति दी है।
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