Viral Video: तिरुनेलवेली में आज एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई, जब सफाई कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की फ्री मील स्कीम के तहत मिलने वाले खाने को कचरे के डिब्बे में फेंक दिया। इस विरोध प्रदर्शन के जरिये कर्मचारियों ने साफ कर दिया, कि वह अब इस तरह का घटिया खाना बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनका आरोप है, कि नवंबर 2025 में जब से इस योजना का विस्तार हुआ है, तब से उन्हें परोसे जा रहे खाने की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है।
सेहत से खिलवाड़ की शिकायतें-
सफाई कर्मचारियों ने बताया, कि इस सरकारी खाने को खाने के बाद उन्हें पेट दर्द और उल्टी जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई कर्मचारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, कि यह खाना खाने लायक ही नहीं है। जो योजना उनकी सेहत और पोषण के लिए शुरू की गई थी, वही अब उनकी परेशानी की वजह बन गई है। इस स्थिति ने कर्मचारियों के गुस्से को और भड़का दिया है।
Sanitation workers in Tirunelveli alleged that they have been served poor-quality food since Chief Minister MK Stalin inaugurated the scheme. “We experienced various health issues after consuming this food. When we demand proper wages, the government offers us poor-quality food… pic.twitter.com/bM4QZrRmnI
— Thinakaran Rajamani (@thinak_) January 30, 2026
“हम खाने के गुलाम नहीं हैं”-
विरोध प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी की और कहा, कि उन्हें खैरात में खराब खाना नहीं, बल्कि अपने हक की सही मजदूरी चाहिए। एक कर्मचारी ने गुस्से में कहा, “जब हम अपनी उचित मजदूरी की मांग करते हैं, तो सरकार हमें इस तरह का घटिया खाना थमा देती है। हम खाने के गुलाम नहीं हैं, हमें हमारा हक चाहिए।” यह नारा पूरे तिरुनेलवेली में गूंज उठा और सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया।
योजना की शुरुआत और वादे-
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने यह फ्री मील स्कीम नवंबर 2025 में चेन्नई से शुरू की थी। इसके बाद 6 दिसंबर 2025 को इसे तिरुनेलवेली सहित पूरे तमिलनाडु में लागू कर दिया गया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सुबह जल्दी काम पर लगने वाले सफाई कर्मचारियों को पौष्टिक नाश्ता और दोपहर का खाना उपलब्ध कराना था। सरकार ने दावा किया था कि प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट्स और हाई क्वालिटी कैटरिंग एजेंसियां इस खाने की निगरानी करेंगी।
“Don’t give us food, give us fair wages and permanent jobs” – Sanitation workers protest in Tirunelveli.
— Saravanan (@Saranjournalist) January 30, 2026
Sanitation workers from Thachanallur Zone (Units 1 and 3) boycotted the government-provided breakfast scheme and went to work, alleging poor food quality and accusing the… pic.twitter.com/OFm0PIy1OP
निगरानी में नाकामी-
हालांकि सरकारी दावों के बावजूद तिरुनेलवेली में आज जो कुछ हुआ, उसने इन सभी वादों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जिस मॉनिटरिंग सिस्टम की बात की गई थी, वह जमीनी स्तर पर कहीं नजर नहीं आया। कर्मचारियों का कहना है, कि न तो कोई क्वालिटी चैक होता है और न ही उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता है।
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पुरानी समस्याओं में नई चिंगारी-
तिरुनेलवेली में सफाई कर्मचारी पहले से ही प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर्स के खिलाफ और परमानेंट नौकरी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। आज की यह खराब क्वालिटी वाले खाने की घटना ने उनके गुस्से में घी का काम किया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियोज में साफ दिख रहा है, कि कर्मचारी किस तरह खाने को डस्टबिन में फेंक रहे हैं।
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