Violence in Children
    Symbolic Photo Source - Google

    Violence in Children: यह अक्सर दोहराया जाती है, कि किसी भी देश का भविष्य उसकी युवा पीढ़ी तय करती है। लेकिन अगर आज के कुछ हालिया उदाहरणों को देखा जाए, तो भारत के भविष्य को लेकर चिंता होना लाज़मी है। सोशल मीडिया पर आए दिन ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें कम उम्र के बच्चे खासतौर पर लड़के ऐसे काम करते दिख रहे हैं, जिनकी सज़ा किसी बड़े व्यक्ति को सीधे जेल तक पहुंचा सकती है। इसी कड़ी में एक नया वीडियो सामने आया है, जिसने समाज, शिक्षा व्यवस्था और पैरेंटिंग तीनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    टीचर से लिया बदला-

    टाइम्स नाउ के मुताबिक, इस वीडियो में एक छोटा लड़का, अपने दोस्तों के साथ एक vox pop के दौरान बड़े गर्व के साथ यह कबूल करता दिखता है, कि उसने अपनी टीचर पर हमला किया। वजह? टीचर ने उसे सज़ा दी थी। जब इंटरव्यू लेने वाले व्यक्ति ने उससे पूछा, कि क्या वह स्कूल जाता है, तो बच्चे ने बिना किसी डर या पछतावे के बताया, कि उसने बदला लिया और फिर स्कूल छोड़ दिया। हैरानी की बात यह रही, कि जब उससे स्कूल की अहमियत पूछी गई, तो उसने बहुत कैज़ुअली कहा, कि स्कूल ज़रूरी नहीं है और उसके दोस्त इस बयान पर हंसते और उसे चेयर करते नजर आए।

    वायरल होते ही भड़का गुस्सा-

    वीडियो कुछ ही घंटों में वायरल हो गया और इंटरनेट पर गुस्से की लहर दौड़ गई। कई लोगों ने इसे पैरेंटिग फैलियर बताया, तो कुछ ने इसे “सिविक्स सेंस की कमी” कहा। हालांकि हम इस वीडियो की ऑथेंटिसिटी, जगह या बच्चे की पहचान की पुष्टि नहीं कर सके हैं, लेकिन इसके असर को नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है।

    इंस्टाग्राम पर ‘thenamansharma’ नाम के हैंडल से शेयर किए गए इस पोस्ट को महज़ 6 दिनों में 6 हजार से ज़्यादा व्यूज़ मिल चुके हैं। पोस्ट के साथ लिखा गया कैप्शन भी उतना ही डिस्टर्बिंग था, “क्या गलत हो गया है इस माइंसेट के साथ? कितनी आसानी से एक बच्चा हिंसा और बदले की बात कर रहा है, और उसके दोस्त इस पर हंस रहे हैं।”

    इंटरनेट की तीखी प्रतिक्रियाएं-

    सोशल मीडिया यूज़र्स ने खुलकर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की। एक यूज़र ने लिखा, “क्या इन्हें लगता है, कि ऐसा बोलने से ये कूल लगेंगे?” वहीं दूसरे ने कहा, “यह सब इनके पैरेंट्स और समाज दोनों की गलती है।” एक और कमेंट था, “हम इन्हें दोष कैसे दें? ये वही दुनिया है जो हमने इन्हें दी है।”

    कुछ प्रतिक्रियाओं में सोशल मीडिया कल्चर को सीधे जिम्मेदार ठहराया गया। एक यूज़र ने लिखा, “Social media ka asar hai, jabse social media aaya hai sab sigma ban rahe hain।” वहीं एक शिक्षक ने बेहद परेशान करने वाला अनुभव साझा करते हुए लिखा कि सरकारी स्कूल में पढ़ाने के दौरान छात्रों की अश्लील टिप्पणियां, सीटी बजाना और नंबर मांगना उन्हें अनकंफर्टेबल महसूस कराता है।

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    सोचने की ज़रूरत-

    यह वीडियो सिर्फ एक बच्चे की हरकत नहीं है, बल्कि एक बड़ी सामाजिक समस्या की झलक है। जब हिंसा, बदला और अनादर को नॉर्मल या कूल समझा जाने लगे, तो यह अलार्म बैल है, पैरेंट्स, टीचरिस और समाज सभी के लिए।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।