Jewellery Missing From SBI Locker: लखनऊ के कपूरथला स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच में एक लॉकर से करीब डेढ़ करोड़ रुपये के जेवरात गायब होने का मामला सामने आया है। यह घटना बैंक लॉकर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। लॉकर धारक बबिता सिन्हा, जो अलीगंज के सोपान एन्क्लेव की रहने वाली हैं, ने अलीगंज थाने में अज्ञात बैंक कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
बबिता सिन्हा का कहना है, कि उन्होंने अपने लॉकर में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के जेवरात रखे हुए थे। जब उन्होंने 12 जनवरी को लॉकर चेक करने के लिए बैंक पहुंचीं, तो उन्हें अपने जेवरात गायब मिले। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को इस बारे में सूचित किया।
लॉकर चेक करने पर मिले खाली हाथ-
बबिता सिन्हा ने बताया कि जब वह अपना लॉकर खोलने गईं, तो उन्हें वहां कुछ नहीं मिला। उनके सारे कीमती जेवरात गायब थे। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि बबिता के पति, व्यवसायी राजेश सिन्हा, जिनका कुछ समय पहले निधन हो गया था, ने कथित तौर पर गोल्ड लोन लिया था। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इसी गोल्ड लोन के लिए लॉकर से जेवरात निकाले गए थे।
हालांकि, बबिता सिन्हा ने इस बात से इनकार किया है, कि उन्हें अपने पति द्वारा कोई गोल्ड लोन लेने की जानकारी थी। उनका दावा है कि जब उन्होंने आखिरी बार लॉकर में जेवरात रखे थे, तब सब कुछ सही-सलामत था।
लॉकर में तोड़फोड़ के कोई सबूत नहीं-
न्यूज़18 के मुताबिक, अलीगंज इंस्पेक्टर अशोक कुमार सोनकर ने बताया, कि महिला की शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा, कि शुरुआती जांच में लॉकर के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ के संकेत नहीं मिले हैं। यह मामला और भी रहस्यमय बनाता है, कि बिना किसी तोड़फोड़ के जेवरात कैसे गायब हो सकते हैं।
CIBIL रिकॉर्ड की हो रही जांच-
पुलिस ने बताया कि राजेश सिन्हा के CIBIL रिकॉर्ड में गोल्ड लोन का लेनदेन दिखाई दे रहा है। अधिकारी अब यह सत्यापित कर रहे हैं, कि क्या जिन जेवरातों की बात हो रही है, वे इसी लोन के लिए गिरवी रखे गए थे या नहीं। यह जांच का एक अहम पहलू है जो इस पूरे मामले को सुलझाने में मदद कर सकता है।
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लखनऊ में पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले-
यह पहली बार नहीं है जब लखनऊ में किसी बैंक लॉकर से जेवरात गायब होने का मामला सामने आया है। इससे पहले बैंक ऑफ बड़ौदा की कोनेश्वर ब्रांच के एक लॉकर से भी एक करोड़ रुपये के जेवरात गायब होने की शिकायत मिली थी। इन घटनाओं से आम जनता के मन में बैंक लॉकर की सुरक्षा को लेकर संदेह पैदा हो रहा है।
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बैंक लॉकर को लोग सबसे सुरक्षित जगह मानते हैं और अपनी कीमती चीजें वहां रखते हैं। लेकिन ऐसी घटनाएं लोगों के विश्वास को तोड़ती हैं। अब देखना यह है, कि पुलिस की जांच में क्या सामने आता है और बबिता सिन्हा को उनके जेवरात वापस मिल पाते हैं या नहीं।



