Oreshnik Missile
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    Oreshnik Missile: रूस-यूक्रेन युद्ध एक बार फिर ज्यादा गंभीर और खतरनाक दिशा में बढ़ता दिख रहा है। शुक्रवार को रूस ने दावा किया, कि उसने यूक्रेन पर Oreshnik Missile दागी है। यह इस दुर्लभ मिसाइल का युद्ध के दौरान सिर्फ दूसरा ज्ञात इस्तेमाल बताया जा रहा है। मॉस्को के अनुसार, इस हमले का निशाना यूक्रेन का “क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर” था, हालांकि यूक्रेन की ओर से अब तक नुकसान के स्तर की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    अगर इस बार मिसाइल में असली विस्फोटक वॉरहेड लगे थे, तो यह पहली बार होगा, जब रूस ने Oreshnik Missile को पूरी विनाशक क्षमता के साथ इस्तेमाल किया हो, जो संघर्ष को एक नए फेज में ले जा सकता है। इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसलिए भी ध्यान खींचा है, क्योंकि Oreshnik Missile की स्पीड, रेंज और इसके इस्तेमाल का राजनीतिक समय बेहद संवेदनशील है। एक तरफ युद्ध को खत्म करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें ठप पड़ी हैं, वहीं दूसरी ओर इस तरह के हथियार का इस्तेमाल तनाव को और बढ़ा सकता है।

    क्या है Oreshnik Missile?

    Oreshnik का मतलब “हेज़ल ट्री” होता है। यह एक इंटरमीडिएट-रेंज हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल है। रूस ने इसे इससे पहले नवंबर 2024 में यूक्रेन के खिलाफ इस्तेमाल किया था, लेकिन उस समय यूक्रेनी सूत्रों के अनुसार, उसमें डमी वॉरहेड लगे थे और नुकसान सीमित रहा था। उस हमले को ज्यादा तर एक टेस्ट माना गया, न कि पूरी तरह कॉम्बैट डिप्लॉयमेंट।

    इस बार रूस का कहना है, कि रात के समय यूक्रेनी इलाके पर यह मिसाइल दागी गई। हालांकि किन जगहों पर कितना असर पड़ा, इसकी जानकारी फिलहाल साफ नहीं है।

    Oreshnik Missile को इतना खास क्यों माना जाता है?

    डिफेंस एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ओरेश्निक की सबसे बड़ी खासियत यह है, कि यह एक साथ कई वॉरहेड ले जाने में सक्षम है, जो अलग-अलग टारगेट्स को एक ही समय पर हिट कर सकते हैं। आमतौर पर ऐसी क्षमता लंबी दूरी की इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों यानी ICBMs में देखी जाती है।

    यह मिसाइल RS-26 रूबेझ सिस्टम पर आधारित है, जिसे रूस ने पहले इंटरकॉन्टिनेंटल हथियार के तौर पर विकसित किया था। ओरेश्निक में न्यूक्लियर और कंवेंशनल दोनों तरह के वॉरहेड लगाए जा सकते हैं, हालांकि ताजा हमले में किसी भी न्यूक्लियर एलिमेंट के इस्तेमाल के संकेत नहीं मिले हैं। यूक्रेन के अनुसार, 2024 में दागी गई मिसाइल लॉन्च के करीब 15 मिनट बाद अपने टारगेट तक पहुंची थी और इसकी रफ्तार लगभग 13,600 किलोमीटर प्रति घंटा थी।

    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले दावा कर चुके हैं, कि Oreshnik Missile को इंटरसेप्ट करना नामुमकिन है और इसकी विनाशक ताकत कंवेंशनल वॉरहेड के साथ भी न्यूक्लियर हथियार जैसी हो सकती है। हालांकि पश्चिमी विशेषज्ञ इन दावों पर सवाल उठाते रहे हैं। दिसंबर 2024 में एक अमेरिकी अधिकारी ने इसे “गेम-चेंजर” मानने से इनकार करते हुए कहा था, कि यह अभी एक्सपेरिमेंटल है और रूस के पास इसकी संख्या सीमित हो सकती है।

    रूस ने अभी ओरेश्निक का इस्तेमाल क्यों किया?

    रूसी सेना का कहना है, कि यह हमला पिछले साल के आखिर में पुतिन के एक आवास पर कथित यूक्रेनी ड्रोन अटैक के जवाब में किया गया। यूक्रेन ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा, कि ऐसा कोई हमला हुआ ही नहीं। पुतिन पहले चेतावनी दे चुके थे, कि अगर यूक्रेन पश्चिमी लंबी दूरी के हथियारों से रूसी इलाकों पर हमले जारी रखेगा, तो ओरेश्निक का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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    ताजा हमला यूक्रेन के पश्चिमी ल्वीव क्षेत्र में हुआ, जो नाटो सदस्य पोलैंड की सीमा के पास है। यूक्रेन के विदेश मंत्री ने इसे “ग्लोबल थ्रेट” बताते हुए, वैश्विक प्रतिक्रिया की मांग की है। यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौते के लिए दोनों पक्षों को मनाने में संघर्ष कर रहे हैं। फरवरी 2022 में शुरू हुए इस युद्ध के जल्द खत्म होने की उम्मीद फिलहाल कमजोर नजर आ रही है।

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    By sumit

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