Delhi News
    Photo Source - Google

    Delhi News: 7 जनवरी की सुबह दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास कोर्ट के आदेश पर बड़ी तोड़फोड़ कार्रवाई हुई। भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच अवैध निर्माणों को ढहाया गया, लेकिन बीच में पथराव की घटना ने हालात को तनावपूर्ण बना दिया। अधिकारियों ने बताया, कि यह कार्रवाई पूरी तरह से न्यायिक निर्देशों के तहत की गई और सूर्योदय से पहले ही पूरी कर ली गई, जिससे किसी बड़ी अप्रिय घटना को टाला जा सके।

    क्यों हुई यह तोड़फोड़ कार्रवाई?

    दिल्ली नगर निगम ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए, मस्जिद के आसपास के अवैध अतिक्रमणों को हटाने का काम शुरू किया। अधिकारियों का कहना है, कि ये संरचनाएं अवैध थीं और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रही थीं। इसलिए तत्काल कार्रवाई जरूरी थी।

    कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने बड़े पैमाने पर सुरक्षा इंतजाम किए। पूरे इलाके को 9 जोन में बांटा गया और हर जोन में अतिरिक्त उपायुक्त रैंक के अधिकारी को तैनात किया गया। सभी संवेदनशील बिंदुओं पर पुलिस फोर्स लगाई गई।

    रात के अंधेरे में शुरू हुआ ऑपरेशन-

    अधिकारियों ने रात के समय ही कार्रवाई शुरू कर दी थी, जिससे सूरज निकलने से पहले काम खत्म हो जाए। करीब 17 बुलडोजर लेकर टीम फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास पहुंची। डेमोलिशन ड्राइव के दौरान अचानक कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव शुरू कर दिया।

    पुलिस ने संयम बरतते हुए स्थिति को तुरंत काबू में कर लिया। इस घटना में पांच पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हो गए। हालांकि अधिकारियों ने बताया, कि बिना किसी बड़े बवाल के पूरा ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया। सेंट्रल रेंज के ज्वाइंट कमिश्नर मधुर वर्मा ने कहा, कि पुलिस की प्रतिक्रिया संतुलित थी और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने पर फोकस रहा।

    जारी हुई एडवाइजरी-

    बड़े ऑपरेशन को देखते हुए सुबह 8 बजे से सेंट्रल दिल्ली में ट्रैफिक पर पाबंदियां लगाई गईं। यात्रियों को रामलीला मैदान के आसपास की सड़कों से बचने और डायवर्जन फॉलो करने की सलाह दी गई। पीक आवर्स में भारी जाम की आशंका जताई गई थी। साथ ही पुलिस ने गलत साइड से गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। अधिकारियों ने कहा, कि गंभीर मामलों में सिर्फ चालान नहीं, बल्कि एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।

    क्या कहती है पुलिस?

    दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया, कि यह डेमोलिशन ड्राइव पूरी तरह से कानूनी, प्रोफेशनल और संवेदनशीलता के साथ की गई। “हम कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और कोर्ट के आदेशों को बिना किसी डर या पक्षपात के लागू करते हैं।”

    ये भी पढ़ें- बेटे की चाह में 11वीं बार मां बनी महिला, लेकिन बेटे के आते ही पिता की इस गलती से भड़के लोग

    ऑपरेशन से पहले अमन कमेटी और स्थानीय हितधारकों के साथ कई बैठकें की गई थीं, ताकि शांति बनी रहे और किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। तुर्कमान गेट की यह कार्रवाई दिखाती है, कि अधिकारी कोर्ट के आदेश और सार्वजनिक शांति के बीच कैसे संतुलन बनाते हैं। पथराव की छोटी घटना ने तनाव को जरूर उजागर किया, लेकिन अधिकारियों का कहना है, कि यह कार्रवाई जरूरी, कानूनी और संयमित थी।

    ये भी पढ़ें- विकास का कदम या वोट की राजनीति? असम में महिलाओं को चुनाव से पहले ₹8000 का बिहू गिफ्ट

    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।