Delhi News: 7 जनवरी की सुबह दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास कोर्ट के आदेश पर बड़ी तोड़फोड़ कार्रवाई हुई। भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच अवैध निर्माणों को ढहाया गया, लेकिन बीच में पथराव की घटना ने हालात को तनावपूर्ण बना दिया। अधिकारियों ने बताया, कि यह कार्रवाई पूरी तरह से न्यायिक निर्देशों के तहत की गई और सूर्योदय से पहले ही पूरी कर ली गई, जिससे किसी बड़ी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
क्यों हुई यह तोड़फोड़ कार्रवाई?
दिल्ली नगर निगम ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए, मस्जिद के आसपास के अवैध अतिक्रमणों को हटाने का काम शुरू किया। अधिकारियों का कहना है, कि ये संरचनाएं अवैध थीं और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रही थीं। इसलिए तत्काल कार्रवाई जरूरी थी।
#WATCH | Delhi | Visuals from the area near Faiz-e-Elahi Masjid, Turkman Gate, where MCD, pursuant to the directions of the Delhi High Court, carried out a demolition drive on an encroachment earlier today.
Madhur Verma, Joint Commissioner of Police, Central Range, says,… pic.twitter.com/56LD5zeYZg
— ANI (@ANI) January 7, 2026
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने बड़े पैमाने पर सुरक्षा इंतजाम किए। पूरे इलाके को 9 जोन में बांटा गया और हर जोन में अतिरिक्त उपायुक्त रैंक के अधिकारी को तैनात किया गया। सभी संवेदनशील बिंदुओं पर पुलिस फोर्स लगाई गई।
रात के अंधेरे में शुरू हुआ ऑपरेशन-
अधिकारियों ने रात के समय ही कार्रवाई शुरू कर दी थी, जिससे सूरज निकलने से पहले काम खत्म हो जाए। करीब 17 बुलडोजर लेकर टीम फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास पहुंची। डेमोलिशन ड्राइव के दौरान अचानक कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव शुरू कर दिया।
पुलिस ने संयम बरतते हुए स्थिति को तुरंत काबू में कर लिया। इस घटना में पांच पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हो गए। हालांकि अधिकारियों ने बताया, कि बिना किसी बड़े बवाल के पूरा ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया। सेंट्रल रेंज के ज्वाइंट कमिश्नर मधुर वर्मा ने कहा, कि पुलिस की प्रतिक्रिया संतुलित थी और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने पर फोकस रहा।
जारी हुई एडवाइजरी-
बड़े ऑपरेशन को देखते हुए सुबह 8 बजे से सेंट्रल दिल्ली में ट्रैफिक पर पाबंदियां लगाई गईं। यात्रियों को रामलीला मैदान के आसपास की सड़कों से बचने और डायवर्जन फॉलो करने की सलाह दी गई। पीक आवर्स में भारी जाम की आशंका जताई गई थी। साथ ही पुलिस ने गलत साइड से गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। अधिकारियों ने कहा, कि गंभीर मामलों में सिर्फ चालान नहीं, बल्कि एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।
क्या कहती है पुलिस?
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया, कि यह डेमोलिशन ड्राइव पूरी तरह से कानूनी, प्रोफेशनल और संवेदनशीलता के साथ की गई। “हम कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और कोर्ट के आदेशों को बिना किसी डर या पक्षपात के लागू करते हैं।”
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ऑपरेशन से पहले अमन कमेटी और स्थानीय हितधारकों के साथ कई बैठकें की गई थीं, ताकि शांति बनी रहे और किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। तुर्कमान गेट की यह कार्रवाई दिखाती है, कि अधिकारी कोर्ट के आदेश और सार्वजनिक शांति के बीच कैसे संतुलन बनाते हैं। पथराव की छोटी घटना ने तनाव को जरूर उजागर किया, लेकिन अधिकारियों का कहना है, कि यह कार्रवाई जरूरी, कानूनी और संयमित थी।
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