Balochistan News: बलोच नेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलोच ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को लिखे एक खुले पत्र में गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा है, कि चीन आने वाले कुछ महीनों में पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में अपनी सैन्य टुकड़ियां तैनात कर सकता है। उन्होंने बीजिंग और इस्लामाबाद के बीच बढ़ते सामरिक गठजोड़ को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है।
मीर बलोच ने अपने पत्र में स्पष्ट किया, कि बलूचिस्तान पिछले 79 वर्षों से पाकिस्तान के कब्जे में दमन, राज्य प्रायोजित हिंसा और मानवाधिकारों के उल्लंघन का सामना कर रहा है। बलोच राष्ट्रवादी नेताओं ने मई 2025 में पाकिस्तान से स्वतंत्रता की घोषणा की थी। अब रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान 2026 के पहले सप्ताह में “बलूचिस्तान ग्लोबल डिप्लोमैटिक वीक” मनाने जा रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर सीधे राजनयिक संबंध स्थापित किए जा सकें।
CPEC और चीनी सैन्य उपस्थिति की आशंका-
बलोच नेता ने चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है, कि बीजिंग ने इस्लामाबाद के साथ मिलकर CPEC को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। मीर बलोच ने चेतावनी दी, कि अगर बलूचिस्तान की रक्षा और स्वतंत्रता सेनाओं को मजबूत नहीं किया गया और उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया, तो कुछ ही महीनों में चीन अपनी सैन्य टुकड़ियां बलूचिस्तान में तैनात कर सकता है।
Open letter to Honorable Foreign Minister of #Bharat Shri @DrSJaishankar ji
— Mir Yar Baloch (@miryar_baloch) January 1, 2026
From,
Baloch Representative,
Republic of Balochistan
State.
The Honorable Dr. S. Jaishankar,
Minister of External Affairs,
Government of Bharat,
South Block, Raisina Hill,
New Delhi – 110011
January… https://t.co/WdjaACsG2V pic.twitter.com/IOEusbUsOB
उन्होंने कहा, कि छह करोड़ बलूच लोगों की सहमति के बिना बलूची धरती पर चीनी सैनिकों की उपस्थिति भारत और बलूचिस्तान दोनों के भविष्य के लिए एक अकल्पनीय खतरा होगी। हालांकि चीन और पाकिस्तान ने CPEC के तहत सैन्य विस्तार के आरोपों को खारिज करते हुए इसे विशुद्ध रूप से आर्थिक परियोजना बताया है। भारत इस परियोजना का लगातार विरोध करता आया है, क्योंकि यह पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर से होकर गुजरती है और संप्रभुता तथा सुरक्षा संबंधी चिंताएं उठाती है।
ऑपरेशन सिंदूर की सराहना और भारत को समर्थन-
नववर्ष संदेश में मीर बलोच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा 2025 में किए गए साहसिक कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया, जिसमें 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाد पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के गढ़ों को नष्ट किया गया था। बलोच नेता ने इसे भारत की असाधारण साहस और क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रदर्शन बताया।
छह करोड़ देशभक्त बलूच नागरिकों की ओर से उन्होंने भारत की 140 करोड़ जनता, संसद के दोनों सदनों, मीडिया और नागरिक समाज को नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मीर बलोच ने हिंगलाज माता मंदिर (नानी मंदिर) का जिक्र करते हुए कहा, कि यह पवित्र स्थल सदियों से भारत और बलूचिस्तान के बीच साझी विरासत और आध्यात्मिक संबंधों का कालातीत प्रतीक रहा है।
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मानवाधिकार कार्यकर्ता ने भारत सरकार के प्रति अपना अटूट समर्थन दोहराते हुए कहा, कि बलूचिस्तान शांति, समृद्धि, विकास, व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और भविष्य की ऊर्जा चुनौतियों से निपटने में भारत के साथ मित्रता, विश्वास और आपसी हितों को बढ़ावा देना चाहता है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब पाकिस्तान के राज्य प्रायोजित आतंकवाद और मानवाधिकार उल्लंघन की इस पीड़ा को जड़ से समाप्त किया जाए और बलूचिस्तान को स्थायी शांति और संप्रभुता मिले।
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