Kiran Bedi
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    Kiran Bedi: शनिवार को पूर्व पुलिस अधिकारी Kiran Bedi ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सरकारी अफसरों को खरी-खरी सुनाई। उन्होंने कहा, कि जो अधिकारी वातानुकूलित दफ्तरों में बैठकर मीटिंग करते हैं, उन्हें बाहर निकलकर धुएं और धुंध भरी सड़कों पर आना चाहिए। तभी उन्हें समझ आएगा, कि आम लोग किस हालत में सांस ले रहे हैं। किरण बेदी ने साल 2015 में दिल्ली में भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार रही थीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, कि राजधानी की खराब हवा अब जनता की सेहत के लिए आपातकाल बन चुकी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, कि सरकार को रिमोट से नहीं चलाया जा सकता। अफसरों को धूल-मिट्टी में खड़े होना होगा, वही जहरीली हवा में सांस लेनी होगी और फिर फौरन काम करना होगा।

    पीएम मोदी से की खास अपील-

    Kiran Bedi ने एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी गुजारिश की थी, कि वे खुद इस मामले में दखल दें। अपने संदेश में उन्होंने याद दिलाया, कि जब वे पुडुचेरी में उपराज्यपाल थीं, तब प्रधानमंत्री ने ऑनलाइन बैठकों के जरिए कैसे हर विभाग को काम करने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने लिखा, कि मुझे फिर से अपील करने के लिए माफी चाहिए, लेकिन मैंने देखा है, कि आपकी जूम मीटिंग कितनी असरदार होती हैं। कैसे आप सबको समय पर काम पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। बेदी ने कहा, कि अगर प्रधानमंत्री इस मामले में शामिल होंगे, तो देश के लोगों को भरोसा मिलेगा कि सरकार गंभीर है।

    हर रोज सड़कों पर चलें तो समझ आएगा हाल-

    Kiran Bedi ने अपनी बात को और भी सरल शब्दों में समझाते हुए कहा, कि दिल्ली का प्रदूषण अचानक नहीं आया। यह पिछले कई सालों से सरकारी विभागों के बीच तालमेल न होने की वजह से बढ़ा है। अब जरूरत है, कि सभी मिलकर काम करें, एक-दूसरे पर दोष मढ़ना बंद करें और ईमानदारी से समाधान खोजें। उन्होंने बार-बार कहा, कि अफसरों को मीटिंग रूम में बैठकर फाइलें पलटने की बजाय मैदान में उतरना चाहिए।

    बेदी ने जोर देकर कहा, कि अगर आप रोज सुबह बाहर निकलेंगे, खुले आसमान के नीचे घूमेंगे और यह जहरीली हवा में सांस लेंगे, तभी आपको महसूस होगा, कि कितनी बड़ी समस्या है और सबसे जरूरी बात, सड़कों पर गाड़ी में नहीं, पैदल चलना होगा। जब आप पैदल चलेंगे तो आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ महसूस होगी। तब आप तुरंत कुछ करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।

    दिल्ली की हवा अभी भी बहुत खराब-

    शनिवार को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता फिर से बहुत खराब श्रेणी में रही। सरकारी ऐप के मुताबिक, वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 316 था। मौसम विभाग का कहना है, कि अगले हफ्ते भी कोई सुधार दिखाई नहीं देगा। नवंबर महीने में लगभग हर दिन दिल्ली की हवा बहुत खराब रही है। इस महीने तीन दिन तो हालात इतने बुरे हो गए, कि एक्यूआई 400 के पार चला गया था, जिसे गंभीर श्रेणी कहते हैं।

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    किरण बेदी ने दिया खास एक्शन प्लान-

    किरण बेदी ने एक विस्तृत जिम्मेदारी योजना भी साझा की है। उन्होंने कहा, कि पर्यावरण मंत्रालय को राष्ट्रीय मानकों और ईंधन के नियमों को लागू करना चाहिए। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को पूरे एनसीआर में एक जैसे निर्देश लागू करने चाहिए। प्रधानमंत्री कार्यालय को सभी जरूरी मंत्रालयों के बीच तालमेल बिठाना चाहिए। राज्यों के मुख्यमंत्रियों, मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को नियमों को सख्ती से लागू करवाना चाहिए। जिलाधिकारियों को रोजाना मैदान में उतरकर काम करना चाहिए। नगर निगम, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को कचरे, धूल, यातायात और उद्योगों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना चाहिए।

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