Telangana Flood: तेलंगाना के राजन्ना सिरसिल्ला जिले में बाढ़ का तांडव जारी है, लेकिन इस त्रासदी के बीच एक मां का दर्द पूरे देश के दिल को छू गया है। लक्ष्मी नाम की इस मां ने 30 घंटे तक अपने बेटे जंगम स्वामी के लिए इंतजार किया, जो अपर मानैर में बाढ़ के पानी में फंस गया था। मैं आपके पैरों में गिरती हूं, कृपया मेरे बेटे को बचाइए। 30 घंटे हो गए हैं, लक्ष्मी की यह गुहार सुनकर हर किसी का कलेजा मुंह को आ गया। मां की यह पुकार सिर्फ शब्द नहीं थे, बल्कि एक मातृहृदय की वह पीड़ा थी, जिसे महसूस करना आसान नहीं।
खराब मौसम की वजह से रेस्क्यू हेलिकॉप्टर कई बार कोशिश करके भी वापस लौट जाने को मजबूर हो रहे थे। हर असफल कोशिश के साथ लक्ष्मी का दर्द और भी गहरा होता जा रहा था। उसका दर्द धीरे-धीरे गुस्से में बदल गया और वह चिल्लाकर कहने लगी, “चुनाव और नेताओं का क्या फायदा अगर वे मेरे बेटे को नहीं बचा सकते? आप मुझे चुप कराने की हिम्मत मत करना। मैं चाहती हूं, कि आप दोबारा कोशिश करें और मेरे बेटे को बचाएं।”
उम्मीद की किरण और ड्रामेटिक रेस्क्यू-
लेकिन जैसा कि कहते हैं, मां की दुआ कभी खाली नहीं जाती। आखिरकार भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर ने एक ड्रामेटिक रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए जंगम स्वामी को सुरक्षित निकाल लिया। जब बेटा वापस आया, तो पूरा परिवार खुशी के आंसू रोने लगा। मां की चीखें अब खुशी की आवाज़ बन गई थीं। जंगम स्वामी ने अपने रेस्क्यूअर्स का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, कि उन्होंने उसे दूसरी जिंदगी दी है।
Anguish of mother Lakshmi waiting for her son trapped in #floodwaters #Telangana #Sircilla: "Please save my son. It’s been 30 hours" Repeated chopper attempts failed due to adverse weather; Finally JangamSwamy returned to tears of welcome, thanked rescuers for giving him 2nd life pic.twitter.com/5EdkSuzpdm
— Uma Sudhir (@umasudhir) August 28, 2025
प्रेग्नेंट महिला की जान बचाई-
इसी दौरान मेदक जिले में एक और जिंदगी और मौत का खेल चल रहा था। यहां एक प्रेग्नेंट महिला को तुरंत मेडिकल हेल्प की जरूरत थी क्योंकि उसका लेबर शुरू हो गया था। सोशल मीडिया पर “नाइट्स इन फ्लोरोसेंट ऑरेंज” के नाम से मशहूर रेस्क्यू टीमों ने बेहद सावधानी और कुशलता के साथ महिला को अस्पताल पहुंचाया। एनडीआरएफ टीम की इस तत्परता की वजह से मां और बच्चे दोनों की जान बच गई।
पुलिस के रियल हीरोज़-
कामारेड्डी जिले में जो कुछ हुआ, वह पुलिस की वीरता की मिसाल है। इस जिले में मेदक के साथ मिलकर 50 सालों की सबसे भारी बारिश हुई है। यहां पुलिसवालों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए छाती तक पानी में केवल एक रस्सी के सहारे 10 लोगों को बचाया। इनमें छोटे बच्चे भी थे जिन्हें पुलिसवाले अपने कंधों पर बिठाकर सुरक्षित जगह ले गए। सोशल मीडिया पर इन्हें #रियलहीरोज़ का खिताब दिया जा रहा है और सच में ये लोग इस खिताब के हकदार हैं।
निर्मल जिले में भी एक और सफल रेस्क्यू ऑपरेशन हुआ। यहां एनडीआरएफ टीम ने शंकर नाइक को बचाया जो बाढ़ के पानी में फंस गया था। स्पेशल बोट का इस्तेमाल करके उन्हें सुरक्षित निकाला गया। इस जिले में पहले ही 250 फैमिलियों को दूसरी जगह भेजा जा चुका है और निर्मल से महाराष्ट्र का मुख्य रास्ता अभी भी बंद है।
दुखद घटना और सरकार पर सवाल-
लेकिन हर कहानी खुशी में खत्म नहीं हुई। राजपेट ब्रिज पार करते वक्त दो आदमी बेस्था सत्यम और यादा गौड बाढ़ के पानी में बह गए। दोनों अभी भी लापता हैं। पूर्व सिंचाई मंत्री हरीश राव ने बताया, कि ये दोनों ऑटो-रिक्शा में सवार होकर बाढ़ग्रस्त गुरुकुल स्कूल से अपने बच्चों को लेने जा रहे थे। हरीश राव का कहना है, कि “कम से कम चार घंटे तक वे इलेक्ट्रिक पोल को पकड़कर रेस्क्यू का इंतजार करते रहे लेकिन कोई हेलिकॉप्टर नहीं भेजा गया।”
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उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा, कि “कल एक मंत्री ने कहा था, कि हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल सिर्फ सबसे जरूरी हालात में किया जाएगा, जबकि वे इसे शादी-ब्याह और राजनीतिक रैलियों में इस्तेमाल करते हैं।” यह बयान दिखाता है, कि आपदा के समय प्राथमिकताओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
रिकॉर्ड तोड़ बारिश का कहर-
तेलंगाना के कामारेड्डी और मेदक जिले पिछले 24 घंटों में भयंकर बारिश की मार झेल रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह 50 सालों में इतने कम समय में सबसे ज्यादा बारिश है। इस बेमिसाल बाढ़ और रिकॉर्ड तोड़ बारिश के बीच निराशा और हिम्मत की कहानियां सामने आई हैं।
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