GEMS Education Chairman
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    GEMS Education Chairman: दुबई स्थित GEMS Education के भारतीय मूल के चेयरमैन सनी वर्की ने वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 67 साल के इस अरबपति बिजनेसमैन ने दावा किया है, कि असली सफलता पाने के लिए 24/7 काम करने की क्षमता होनी चाहिए। यह बात सुनने में जितनी सिंपल लगती है, उतनी ही बड़ी कंट्रोवर्सी का कारण बन गई है।

    एमिराती पॉडकास्टर अनस बुखाश के साथ एक इंटरव्यू में सनी वर्की ने अपनी जीवन यात्रा साझा करते हुए कहा, कि उन्होंने साधारण शुरुआत से शुरुआत करके दुनिया के सबसे बड़े प्राइवेट एजुकेशन नेटवर्क में से एक को लीड किया है। उनके मुताबिक, यह सब दृढ़ संकल्प, सख्त अनुशासन और अटूट जुनून की वजह से संभव हुआ है।

    8 घंटे काम से सफलता नहीं मिलती-

    जब उनसे पूछा गया, कि क्या वर्क-लाइफ बैलेंस बनाए रखते हुए भी सफल हो सकते हैं, तो वर्की ने ईमानदारी से स्वीकार किया, कि यह चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा, “संतुलन बनाए रखने की निश्चित रूप से कोशिश करनी चाहिए,” लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा, अगर मैं सबकी तरह सिर्फ 8 घंटे काम करूं, तो मैं सफल नहीं हो सकूंगा। जुनून होना जरूरी है और फिर आप में शाब्दिक रूप से 24/7 काम करने की क्षमता होनी चाहिए।

    इस अरबपति ने जोर देकर कहा, कि उनकी उपलब्धियां संयोग से नहीं आई हैं, बल्कि निरंतरता और असाधारण प्रतिबद्धता का परिणाम हैं। अपना व्यक्तिगत मंत्र साझा करते हुए उन्होंने समझाया, कि वैश्विक उद्यम निर्माण के लिए सामान्य से कहीं ज्यादा प्रयास करना पड़ता है।

    आधुनिक गुलामी का आरोप-

    वर्की ने आगे बताया, “मैंने लगभग 24/7 काम किया है। आज भी मैं शाब्दिक रूप से 24/7 काम करता हूं और मेरी टीम भी उसी स्तर और उसी गति से मेरे साथ काम करती है। वर्क-लाइफ बैलेंस होना अच्छी बात होगी, लेकिन यह बहुत आसान नहीं है। यह सिर्फ कठिन है।” उन्होंने यह भी टिप्पणी की, “किसी को कड़ी मेहनत करनी ही पड़ती है, चीजें हासिल करने के लिए। आज की दुनिया में कोई भी आपको फ्री हैंड नहीं देता, कोई भी नहीं। आपको कड़ी मेहनत करनी ही पड़ती है, लेकिन कभी-कभी वर्क-लाइफ बैलेंस बनाए रखना मुश्किल हो जाता है।”

    सोशल मीडिया पर भड़का गुस्सा-

    उनकी ये टिप्पणियां तुरंत वायरल हो गईं, जिससे ऑनलाइन तेज़ी से इस पर प्रतिक्रियाएं आने लगीं। बहुत से यूजर्स ने उनके रुख की आलोचना की। एक यूजर ने पूछा, “क्या उन्हें एहसास है, कि वे क्या कह रहे हैं। दूसरे ने इसे आधुनिक दिन की गुलामी बताया और कहा, यह पागलपन है, कि वह लोगों को इतना काम करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं और व्यक्ति की मानसिक भलाई को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहे हैं।”

    शिक्षा क्षेत्र के दिग्गज की विवादित सोच-

    सनी वर्की, जो GEMS Education के संस्थापक हैं, का यह बयान उस समय आया है, जब दुनिया भर में कार्यक्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य और कर्मचारी कल्याण को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। कोविड-19 महामारी के बाद से वर्क-लाइफ बैलेंस एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है और अधिकांश कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए लचीली कार्य नीतियां अपना रही हैं।

    वर्की का GEMS Education दुनिया भर में 250,000 से अधिक छात्रों को शिक्षा प्रदान करता है और 16 देशों में फैला हुआ है। उन्होंने अपनी मेहनत से इस साम्राज्य का निर्माण किया है, लेकिन उनका यह नजरिया कि सफलता के लिए 24/7 काम करना जरूरी है, कई लोगों को स्वीकार्य नहीं लग रहा।

    नई पीढ़ी की अलग प्राथमिकताएं-

    आज की पीढ़ी, खासकर मिलेनियल्स और जेन जेड, काम और जिंदगी के बीच संतुलन को अधिक महत्व देती है। वे पैसे और सफलता के साथ-साथ मानसिक शांति, पारिवारिक समय और व्यक्तिगत खुशी को भी प्राथमिकता देते हैं। वर्की के बयान ने इस सोच को चुनौती दी है, जिसकी वजह से यह बहस और भी गरम हो गई है।

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    बिजनेस एक्सपर्ट्स की मिली-जुली प्रतिक्रिया-

    कुछ बिजनेस एक्सपर्ट्स का मानना है, कि वर्की का अनुभव उनकी पीढ़ी का प्रतिबिंब है, जहां कड़ी मेहनत को ही सफलता का एकमात्र मार्ग माना जाता था। वहीं दूसरी ओर, आधुनिक मैनेजमेंट थिंकर्स का कहना है, कि लंबे समय में यह दृष्टिकोण न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि कंपनी की उत्पादकता के लिए भी नुकसानदायक साबित हो सकता है।

    यह विवाद आने वाले दिनों में और भी गहराने की संभावना है, क्योंकि यह सिर्फ एक व्यक्ति के विचार का मामला नहीं है, बल्कि यह आधुनिक कार्य संस्कृति और जीवन शैली की मूलभूत समझ से जुड़ा हुआ है।

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