ChatGPT Plus Free: भारत में OpenAI ने अपनी सबसे बड़ी शिक्षा केंद्रित पहल की घोषणा करते हुए कहा है, कि वह देश भर में 5 लाख मुफ्त ChatGPT Plus अकाउंट्स बांटेगी। यह एलान भारतीय शिक्षा व्यवस्था के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकती है, जहां टीचर्स और स्टूडेंट्स दोनों को AI टेक्नोलॉजी का फायदा उठाने का मौका मिलेगा।
यह पहल अगले छह महीनों में पूरे देश के शिक्षकों और छात्रों तक पहुंचेगी। OpenAI इस योजना को लागू करने के लिए सरकारी संस्थानों और स्कूलों के साथ मिलकर काम कर रही है। इस तरह की पहल पहले कभी इतने बड़े लेवल पर नहीं देखी गई है, जो भारत को AI एजुकेशन के क्षेत्र में एक अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
तीन तरीकों से होगा डिस्ट्रिब्यूशन-
OpenAI ने इन फ्री अकाउंट्स को बांटने के लिए तीन मुख्य तरीके तय किए हैं। पहला तरीका शिक्षा मंत्रालय के जरिए है, जो कक्षा 1 से 12 तक के सरकारी स्कूल टीचर्स को एक्सेस देगा। यह सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले हजारों शिक्षकों के लिए एक बड़ा मौका है, जो अब मॉडर्न AI टूल्स का इस्तेमाल करके अपने पढ़ाने के तरीकों को और भी बेहतर बना सकेंगे।
दूसरा तरीका AICTE के माध्यम से है, जो देश भर के तकनीकी संस्थानों के साथ मिलकर स्टूडेंट्स और फैकल्टी मेंबर्स की डिजिटल और रिसर्च स्किल्स को मजबूत बनाने में मदद करेगा। यह खासकर इंजीनियरिंग और टेक्निकल फील्ड के छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जो अपने प्रोजेक्ट्स और रिसर्च वर्क में AI का बेहतर इस्तेमाल कर सकेंगे।
तीसरा चैनल ARISE मेंबर स्कूल्स के जरिए है, जो K-12 एजुकेटर्स को एक्सेस प्रोवाइड करेगा। इससे प्राइमरी से लेकर सेकेंडरी लेवल तक के शिक्षकों को रोजाना की पढ़ाई में AI टूल्स को एक्सप्लोर करने का मौका मिलेगा।
OpenAI लर्निंग एक्सेलेरेटर प्रोग्राम का हिस्सा-
यह बड़ा प्रयास OpenAI Learning Accelerator के तहत आता है, एक ऐसा प्रोग्राम, जो पहले भारत में लॉन्च किया गया है और बाकी मार्केट्स में बाद में पहुंचेगा। कंपनी का कहना है, कि इसका मकसद AI को एक ऐसे टूल के रूप में बनाना है, जो विषयों की गहरी समझ में मदद करे, न कि सिर्फ क्विक आंसर्स या असाइनमेंट्स के लिए शॉर्टकट के रूप में इस्तेमाल हो। यह एप्रोच बहुत अहम है, क्योंकि कई बार स्टूडेंट्स AI का गलत इस्तेमाल करते हैं और सिर्फ रेडी-मेड आंसर्स कॉपी करते हैं। OpenAI चाहता है, कि AI एक लर्निंग पार्टनर बने, न कि एक चीटिंग टूल।
नई लीडरशिप और भारतीय टीम का विस्तार-
इस घोषणा के साथ ही OpenAI ने क्षेत्र में अपनी एजुकेशन पहल के लिए एक डेडिकेटेड लीडर भी लाया है। राघव गुप्ता, जो पहले Coursera के भारत और Asia Pacific के ऑपरेशन्स के हेड थे, अब कंपनी में Head of Education for India और APAC के रूप में जुड़े हैं। उनकी जिम्मेदारी स्कूल्स, यूनिवर्सिटीज और सरकारी संगठनों के साथ पार्टनरशिप बनाने की होगी, साथ ही टीचर्स के लिए क्लासरूम में AI के प्रैक्टिकल इस्तेमाल के तरीके ढूंढने की भी होगी।
राघव गुप्ता के अनुसार, भारत में एजुकेशन एक ऐसे स्टेज पर है, जहां AI वाकई में एक बड़ा फर्क ला सकती है। उनका कहना है, कि सिर्फ टेक्नोलॉजी देना काफी नहीं है, बल्कि शिक्षकों और संस्थानों के साथ मिलकर लर्निंग आउटकम्स को बेहतर बनाना और स्टूडेंट्स को भविष्य के लिए तैयार करना जरूरी है, जहां AI एक कोर स्किल होगी।
IIT मद्रास के साथ रिसर्च पार्टनरशिप-
OpenAI सिर्फ टूल्स देने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश में रिसर्च को भी बैक कर रही है। कंपनी ने IIT मद्रास के साथ एजुकेशन में AI की भूमिका पर एक लॉन्ग टर्म स्टडी के लिए पार्टनरशिप की है, जिसे $500,000 का फंडिंग मिला है। यह रिसर्च इस बात पर फोकस करेगी, कि ChatGPT जैसे टूल्स कैसे टीचिंग मेथड्स को बदल सकते हैं और समय के साथ स्टूडेंट्स को कैसे फायदा पहुंचा सकते हैं।
यह रिसर्च बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे भारतीय संदर्भ में AI एजुकेशन टूल्स की इफेक्टिवनेस के बारे में डेटा मिलेगा। IIT मद्रास जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ यह कोलैबोरेशन भारतीय एजुकेशन सिस्टम के लिए AI के best practices डेवलप करने में मदद करेगा।
भारत में पहला ऑफिस और बढ़ती प्राथमिकता-
OpenAI ने कन्फर्म किया है, कि वह इस साल के अंत में नई दिल्ली में अपना पहला भारतीय ऑफिस खोलेगी। दरअसल, भारत पहले से ही ChatGPT के लिए दुनिया का सबसे बड़ा स्टूडेंट मार्केट है, जहां लाखों लर्नर्स इसका इस्तेमाल होमवर्क, टेस्ट प्रिपरेशन और प्रोजेक्ट वर्क के लिए करते हैं। प्लेटफॉर्म को और भी एक्सेसिबल बनाने के लिए OpenAI ने भारत के लिए स्पेशल सब्स्क्रिप्शन टियर लॉन्च किया है, जो महज 399 रुपए प्रति माह में UPI पेमेंट सपोर्ट के साथ आता है। यह प्राइसिंग भारतीय यूजर्स के बजट के हिसाब से काफी रीजनेबल है और ज्यादा से ज्यादा लोगों को AI टेक्नोलॉजी तक पहुंच मिल सकेगी।
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सरकार के साथ मिलकर AI लिटरेसी-
इसके अलावा, OpenAI ने Ministry of Electronics और Information Technology के साथ पार्टनरशिप करके OpenAI Academy चलाया है। यह एक AI लिटरेसी प्रोग्राम है जो स्टूडेंट्स और टीचर्स को इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज से फैमिलियर कराने के लिए डिजाइन किया गया है। इस एकेडमी के जरिए लोग AI के बेसिक्स से लेकर एडवांस एप्लीकेशन्स तक सब कुछ सीख सकेंगे।
यह पहल खासकर इसलिए जरूरी है, क्योंकि भारत में अभी भी AI के बारे में जागरूकता की कमी है। बहुत से टीचर्स और स्टूडेंट्स को पता ही नहीं है, कि AI टूल्स का सही तरीके से कैसे इस्तेमाल करना है। OpenAI Academy इस गैप को भरने में मदद करेगी।
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