Uber Privacy Controversy
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    Uber Privacy Controversy: डिजिटल युग में महिला सुरक्षा को लेकर एक और चिंताजनक मामला सामने आया है। केरल की एक महिला यात्री को उबर राइड के बाद ड्राइवर से मिले अजीब मैसेज ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। मामला कोच्चि का है, जहां एक उबर ड्राइवर ने महिला यात्री से व्हाट्सएप पर उनके परफ्यूम के बारे में पूछताछ की।

    Uber Privacy Controversy व्हाट्सएप पर संपर्क-

    स्मृति कन्नन नाम की यात्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना को सार्वजनिक किया। उन्होंने बताया, कि मोहम्मद मिशाल नाम का उबर ड्राइवर, जिसने उन्हें कथ्रीकडावु से एडपल्ली तक की सवारी कराई थी, बाद में उनसे व्हाट्सएप पर संपर्क किया। ड्राइवर ने पहले उन्हें पिछली राइड की याद दिलाई और फिर उनके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले परफ्यूम के बारे में पूछा।

    Uber Privacy Controversy ड्राइवर को ब्लॉक-

    मैसेज में ड्राइवर ने लिखा, "क्या आप मुझे याद करती हैं? क्या आप बता सकती हैं कि आप कौन सा स्प्रे यूज करती हैं?" इस अनचाहे सवाल से नाराज होकर कन्नन ने ड्राइवर को ब्लॉक करने की बात कही। हालांकि, ड्राइवर ने इस पर भी अजीब प्रतिक्रिया दी और लिखा, "ऐय ब्लॉक अकिको (हे, मुझे ब्लॉक कर दो)"।

    स्मृति ने उबर इंडिया को टैग करते हुए गुस्से में लिखा, "WHAT THE FUCK @Uber_India आपकी प्राइवेसी सेटिंग्स कितनी खराब हैं? एक उबर ड्राइवर मुझे व्हाट्सएप पर मैसेज करता है और क्रीपी सवाल पूछता है। सच में महिलाएं कितनी सुरक्षित हैं???"

    एक लाख से ज्यादा व्यूज-

    उनकी पोस्ट वायरल हो गई है और एक लाख से ज्यादा व्यूज प्राप्त कर चुकी है। सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई है। एक यूजर ने लिखा, "यह बिल्कुल अस्वीकार्य है। यात्री की गोपनीयता और सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उबर इंडिया को इस मामले पर तुरंत ध्यान देना चाहिए, कड़ी नीतियां लागू करनी चाहिए। महिलाओं की सुरक्षा वैकल्पिक नहीं है - यह एक मौलिक अधिकार है।"

    हालांकि कुछ यूजर्स ने इस मामले को अलग नजरिए से देखा। कुछ का मानना है कि हो सकता है ड्राइवर को कैब में कोई परफ्यूम मिला हो और वह यह पता लगाने की कोशिश कर रहा हो कि क्या वह उनका है। एक यूजर ने कमेंट किया, "शायद वह सिर्फ यह चेक कर रहा था कि क्या उसकी कार में मिला स्प्रे आपका है या नहीं। बिना संदर्भ के सार्वजनिक रूप से किसी को शर्मिंदा करना भी एक अपराध जैसा ही है।"

    सुरक्षा और प्राइवेसी के मुद्दे-

    बुधवार सुबह तक उबर इंडिया की तरफ से इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह घटना ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं में यात्री डेटा की सुरक्षा और प्राइवेसी के मुद्दे को एक बार फिर सामने लाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि राइड-शेयरिंग कंपनियों को अपनी प्राइवेसी पॉलिसी को और मजबूत करने की जरूरत है, खासकर महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए।

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    महिलाओं की सुरक्षा-

    इस तरह की घटनाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई हैं। कई महिला यात्रियों ने इस तरह के अनुभवों को साझा किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यात्री डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर अभी भी कई कमियां हैं जिन्हें दूर किया जाना बाकी है।

    इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है, कि क्या राइड-शेयरिंग कंपनियां अपने यात्रियों की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त सावधानी बरत रही हैं। साथ ही यह भी सवाल उठता है कि क्या ड्राइवर्स को यात्रियों की व्यक्तिगत जानकारी तक इतनी आसान पहुंच मिलनी चाहिए।

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