Krishna Janmastmi 2025
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    Krishna Janmastmi 2025: 16 अगस्त 2025 को पूरे भारत में कृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाने वाला है। यह दिन भगवान विष्णु के आठवें अवतार, प्रेम के सागर कृष्ण भगवान की जयंती के रूप में मनाया जाता है। भगवान कृष्ण को मानवता का सबसे प्रिय अवतार माना जाता है, जो धरती पर प्रेम और करुणा का संदेश लेकर आए थे।

    भगवद गीता के माध्यम से भगवान कृष्ण ने मानवता को जो अमूल्य शिक्षाएं दी हैं, वे आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। जितनी हजारों साल पहले थीं। कृष्ण को मानवता का उद्धारकर्ता और सभी दुखों का अंत करने वाला माना जाता है। इस जन्माष्टमी पर हम आपके लिए लेकर आए हैं, वे शक्तिशाली मंत्र जिनका जाप करके आप श्रीकृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

    जन्माष्टमी पर जपे जाने वाले शक्तिशाली कृष्ण मंत्र-

    महामंत्र-

    “हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे”

    यह सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली मंत्र है, जो भगवान विष्णु के दो महान अवतारों, श्रीराम और श्रीकृष्ण का स्मरण कराता है। इस महामंत्र के जाप से मानवता के परम उद्धारकर्ता भगवान वासुदेव की कृपा प्राप्त होती है।

    चैतन्य महामंत्र-

    “जय श्री कृष्ण चैतन्य प्रभु नित्यानंद श्री अद्वैत गदाधर श्रीवासादि गौर भक्त वृन्द”

    इस विशेष मंत्र का जाप करने से भगवान कृष्ण के महान भक्तों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह मंत्र भक्ति की भावना को बढ़ाता है और भक्ति मार्ग में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

    शरणागति मंत्र-

    “ॐ श्री कृष्णः शरणं मम”

    इस सरल लेकिन बेहद शक्तिशाली मंत्र का अर्थ है कि भगवान कृष्ण हमारे रक्षक और गुरु हैं। वे दिव्य और मंगलमय हैं, जो पूरे ब्रह्मांड के सार हैं।

    आकर्षण मंत्र-

    “ॐ क्लीं कृष्णाय नमः”

    यह मंत्र भगवान कृष्ण की दिव्य सुंदरता और परम चेतना का स्मरण कराता है। इसके जाप से व्यक्ति के अंदर दिव्य प्रेम की भावना आती है।

    वासुदेव मंत्र-

    “कृष्णाय वासुदेवाय हराय परमात्मने प्रणतः क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नमः”

    इस व्यापक मंत्र में भगवान कृष्ण के सभी रूपों का वर्णन है। यह मंत्र सभी प्रकार के दुखों का नाश करता है और शरणागत भक्तों की सभी समस्याओं का समाधान करता है।

    ॐ नमो भगवते वासुदेवाय-

    यह अत्यंत शक्तिशाली मंत्र है जिसका अर्थ है – मैं उन भगवान वासुदेव (कृष्ण) को नमस्कार करता हूं जो सभी में निवास करते हैं।

    कृष्ण मंत्र जाप की सही विधि-

    मंत्र जाप के लिए उचित पद्धति अपनाना बेहद जरूरी है। सुबह 4 से 6 बजे के बीच का समय, जिसे ब्रह्म मुहूर्त कहते हैं, मंत्र जाप के लिए सबसे शुभ समय माना जाता है। इस समय पर वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा की सघनता सबसे अधिक होती है।

    मंत्र जाप से पहले पवित्र स्नान लेना आवश्यक है। इसके बाद भगवान कृष्ण की तस्वीर या मूर्ति के सामने बैठकर तुलसी की माला से 108 बार मंत्र का जाप करना चाहिए। माला को दक्षिणावर्त दिशा में घुमाना जरूरी है। क्योंकि यह सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बनाए रखता है।

    कृष्ण मंत्र जाप के अद्भुत फायदे

    मानसिक शांति और आत्मविश्वास में वृद्धि-

    कृष्ण मंत्र का नियमित जाप करने से मन की सभी शंकाओं और चिंताओं का नाश हो जाता है। भक्त के अंदर आत्मविश्वास और दृढ़ता की भावना आती है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है, जो जीवन में असमंजस की स्थिति महसूस कर रहे हैं।

    स्वास्थ्य और समृद्धि में सुधार-

    इन शक्तिशाली मंत्रों का जाप करने से विभिन्न प्रकार की बीमारियों से राहत मिलती है। घर में समग्र स्वास्थ्य, शांति और समृद्धि का वातावरण बनता है। परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य बढ़ता है।

    नकारात्मकता का नाश-

    कृष्ण मंत्र जाप से घर और कार्यस्थल में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। सभी प्रकार की नकारात्मकता और बुरी तरंगें अपने आप दूर हो जाती हैं। यह एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच निर्मित करता है।

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    करियर में उन्नति और सफलता-

    नियमित मंत्र जाप से ज्ञान और बुद्धि में वृद्धि होती है, जिससे व्यावसायिक जीवन में प्रगति और उपलब्धि प्राप्त होती है। विद्यार्थियों के लिए यह विशेष रूप से सहायक है, क्योंकि यह एकाग्रता की शक्ति बढ़ाता है।

    इस कृष्ण जन्माष्टमी पर इन शक्तिशाली मंत्रों का जाप करके भगवान कृष्ण की असीमित कृपा प्राप्त करें और अपने जीवन को खुशियों से भर दें।

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