Pamban Bridge
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    Pamban Bridge: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 अप्रैल को राम नवमी के पावन दिन पर तमिलनाडु में एक ऐतिहासिक परियोजना का उद्घाटन करने वाले हैं। पंबन पुल, जो भारत का पहला वर्टिकल समुद्री पुल है, न केवल परिवहन को बदलेगा, बल्कि रामेश्वरम की आध्यात्मिक यात्रा को भी नई ऊंचाइयां देगा।

    Pamban Bridge पुराने पुल की कहानी-

    1914 में ब्रिटिश शासनकाल में निर्मित पुराना पंबन पुल अपनी सेवा काल पूरा कर चुका था। 100 वर्षों से अधिक पुराना यह पुल गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका था और 2022 में बंद कर दिया गया था। अब, रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) द्वारा निर्मित नया पुल एक नए युग की शुरुआत करने जा रहा है।

    Pamban Bridge नए पुल का निर्माण-

    रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) द्वारा 535 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह पुल एक अभूतपूर्व इंजीनियरिंग परियोजना है। नवंबर 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखी गई नींव ने इस परियोजना की शुरुआत की, जो अब पूरी होने जा रही है।

    तकनीकी विशेषताएं-

    स्वचालित वर्टिकल लिफ्ट स्पैन-

    पुराने मैनुअल पुल के विपरीत, नया पुल पूरी तरह से स्वचालित वर्टिकल लिफ्ट स्पैन के साथ आया है। यह तकनीक जहाजों के आवागमन को अधिक सुरक्षित और सुचारु बनाएगी।

    बेहतर समुद्री गलियारा-

    22 मीटर की हवाई ऊंचाई के साथ, यह पुल जहाजों के लिए पहले से अधिक सुरक्षित मार्ग प्रदान करता है। पुराने पुल की 19 मीटर की ऊंचाई की तुलना में यह काफी बेहतर है।

    आधुनिक रेल अवसंरचना-

    डबल ट्रैक और इलेक्ट्रीफिकेशन के साथ, यह पुल हाई-स्पीड ट्रेनों को संभव बनाएगा। 100 स्पैन वाला यह पुल 73 मीटर के नेविगेशनल स्पैन के साथ समुद्री यातायात को भी सुविधा प्रदान करेगा।

    धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व-

    रामेश्वरम, जो रामायण के महाकाव्य से गहराई से जुड़ा हुआ है, प्रतिवर्ष 25 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है। यह पुल न केवल परिवहन को बेहतर बनाएगा, बल्कि इस पवित्र स्थल तक पहुंच को भी आसान बनाएगा।

    राजनीतिक परिप्रेक्ष्य-

    राम नवमी के दिन उद्घाटन का चुनाव अत्यंत प्रतीकात्मक है। यह क्षण केवल एक पुल का उद्घाटन नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक और तकनीकी विजय है। तमिलनाडु सरकार और केंद्र के बीच चल रही कुछ राजनीतिक तनाव के बीच यह पुल एकता का एक प्रतीक बन गया है।

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    पर्यटन और विकास-

    नया पंबन पुल न केवल रेल यातायात को बढ़ावा देगा, बल्कि क्षेत्र के पर्यटन और आर्थिक विकास को भी नई ऊंचाइयां देगा। रामेश्वरम और आसपास के क्षेत्रों में नए व्यावसायिक अवसर खुलेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यह पुल भारत की बदलती इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमताओं का प्रतीक है। आधुनिक तकनीक, सांस्कृतिक संवेदनशीलता और विकास की दृष्टि को एक साथ जोड़ते हुए, यह परियोजना भारत के विकास की कहानी का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।

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