Lalbaugcha Raja Controversy: मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा मंडल में एक बार फिर भीड़ नियंत्रण की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव का मामला सामने आया है। सूरत के एक रेडिट यूजर ने अपना दर्दनाक अनुभव साझा करते हुए बताया, कि कैसे चरण दर्शन के लिए गई उनकी आध्यात्मिक यात्रा एक बुरे सपने में बदल गई।
यह घटना तब हुई, जब एक पूरा परिवार भगवान गणेश के दर्शन के लिए दूर से सफर करके मुंबई पहुंचा था। जो यात्रा आस्था और श्रद्धा से शुरू हुई थी, वह अव्यवस्था और असंवेदनशीलता के कारण एक भयानक अनुभव बन गई।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़-
सूरत के इस परिवार के साथ जो कुछ हुआ, वह किसी भी श्रद्धालु के साथ नहीं होना चाहिए। भीड़ की अनियंत्रित भागदौड़ में परिवार की छोटी बेटी के सिर में चोट आई। स्थिति इतनी भयावह थी, कि मां का कुर्ता फट गया और स्टाफ के धक्का-मुक्की के कारण उन्हें गंभीर चोट लगने से बचाया जा सका।
सबसे दुखदायी बात यह रही, कि घुटन के कारण परिवार के पिता अंदर ही बेहोश हो गए। इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद न तो मंडल के आयोजकों की तरफ से और न ही मुंबई पुलिस की तरफ से कोई मदद मिली। पानी तक उपलब्ध नहीं कराया गया।
सेलिब्रिटी बनाम आम भक्त का भेदभाव-
इस दुखदायी अनुभव को बयान करते हुए रेडिट यूजर ने लिखा, कि सेलिब्रिटी को शांतिपूर्वक दर्शन मिलता है और उनके लिए पूरा मंडप खाली कर दिया जाता है। लेकिन जो सामान्य श्रद्धालु मीलों का सफर करके आस्था लेकर आते हैं, उनके साथ जानवरों जैसा व्यवहार किया जाता है।
यह भेदभाव दिखाता है, कि आज के समय में धार्मिक स्थानों पर भी पैसा और प्रसिद्धि का प्रभाव कितना गहरा है। जहां एक तरफ बॉलीवुड सितारों के लिए विशेष व्यवस्था की जाती है, वहीं आम भक्तों को भीड़ में धक्के खाने के लिए छोड़ दिया जाता है।
दर्शन से वंचित रह गया परिवार-
पिता की तबीयत बिगड़ने के कारण पूरे परिवार को बिना दर्शन किए ही वापस लौटना पड़ा। जिस आस्था और उम्मीद के साथ वे घर से निकले थे, वह टूट गई।
करोड़ों के दान के बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव-
रेडिट यूजर ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा, कि हर साल करोड़ों रुपए का चंदा आता है, फिर भी बुनियादी भीड़ नियंत्रण, पीने का पानी या मेडिकल सहायता की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा, कि भक्त इससे बेहतर व्यवहार के हकदार हैं।
सोशल मीडिया पर मिली समर्थन की आवाज़-
इस पोस्ट पर कई लोगों ने अपनी सहानुभूति व्यक्त की। एक यूजर ने कहा, कि भगवान उस जगह को बहुत पहले छोड़ चुके हैं, लोगों को भी छोड़ देना चाहिए। दूसरे यूजर ने कहा, कि बप्पा बहुत पहले चले गए हैं, अब यह सिर्फ धंधा है। उन्होंने माफी मांगते हुए कहा, कि यह अब एक स्टेटस सिंबल बन गया है। कई लोगों ने सुझाव दिया, कि स्थानीय गणेश मंदिरों में जाकर पूजा करना बेहतर है।
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जाह्नवी कपूर का लालबागचा राजा दर्शन-
27 अगस्त को कई बॉलीवुड सितारे लालबागचा राजा के दर्शन के लिए पहुंचे थे। इनमें परम सुंदरी की स्टार जाह्नवी कपूर और सिद्धार्थ मल्होत्रा भी शामिल थे। भारी भीड़ में जाह्नवी असहज दिख रही थीं, जब तक कि सिद्धार्थ ने उनकी सुरक्षा नहीं की। एक यूजर ने टिप्पणी की, कि जाह्नवी की भीड़ में परेशानी से ज्यादातर महिलाएं रिलेट कर सकती हैं।
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