Kamal Haasan: शनिवार की शाम जब अभिनेता और मक्कल नीधि मैयम के संस्थापक कमल हासन ने अपने X अकाउंट पर एक खुली चिट्ठी पोस्ट की, तो पूरे देश में उसकी चर्चा छिड़ गई। यह चिट्ठी किसी और को नहीं, बल्कि सीधे अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump को संबोधित थी। कमल ने बेबाकी से लिखा, “हम, भारत के लोग, एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र से हैं।
हम अब दूर-दराज के विदेशी किनारों से आदेश नहीं लेते। कृपया अपनी क्षमता के अनुसार अपने काम से काम रखें।” उन्होंने यह भी कहा, कि संप्रभु देशों के बीच परस्पर सम्मान ही स्थायी वैश्विक शांति की नींव है।
आखिर बात निकली कहां से?
इस चिट्ठी की जड़ उस खबर में है, जो शुक्रवार को आई। अमेरिका ने भारतीय तेल शोधनशालाओं को 30 दिन की “अस्थायी” छूट दी यानी वे इस दौरान रूस से तेल खरीदना जारी रख सकती हैं। यह फैसला अमेरिकी वित्त मंत्री Scott Bessent ने X पर साझा किया। उन्होंने लिखा, कि भारत अमेरिका का एक अहम साझेदार है और उन्हें पूरा भरोसा है, कि नई दिल्ली आगे चलकर अमेरिकी तेल की खरीद बढ़ाएगी।
To
— Kamal Haasan (@ikamalhaasan) March 7, 2026
The President of the United States of America @POTUS
Dear Mr. President,
We, the people of India, belong to a free and sovereign nation. We no longer take orders from distant foreign shores.
Please mind your own business to the best of your abilities.
Mutual respect…
लेकिन इससे पहले अमेरिका ने यह भी दावा किया था, कि भारत ने रूसी कच्चा तेल खरीदना बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है, एक ऐसा दावा जिसे भारतीय अधिकारियों ने अब तक न माना है, न नकारा है। पिछले महीने रूस ने भी इन खबरों को खारिज करते हुए कहा था, कि उसे भारत द्वारा तेल खरीद घटाने का कोई कारण नज़र नहीं आता।
पश्चिम एशिया में आग, दुनिया भर में तेल का संकट-
पूरे मामले की असली वजह पश्चिम एशिया में भड़की जंग है। 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान पर हमला किया, जिसमें वहां के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई मारे गए। इसके बाद से तनाव इतना बढ़ा, कि पूरा पश्चिम एशिया इस आग की चपेट में आ गया।
ईरान की जवाबी कार्रवाई में क्षेत्र के कई तेल और गैस कुएं बंद हो गए। सबसे बड़ी चिंता यह है, कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य. जिससे दुनिया की पांचवीं हिस्से तेल आपूर्ति गुज़रती है, सुरक्षा कारणों से बंद पड़ा है। इससे तेल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं और अमेरिका को मजबूरन दखल देना पड़ा।
ये भी पढ़ें- मंदिर के बाथरुम में मिले दो छात्राओं के शव, AI पर सर्च किया था मरने का…
कमल की बात में दम है-
भारत सरकार ने इस पूरे मामले पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन कमल हसन ने जनता की भावना को आवाज़ दे दी। एक गर्वित भारतीय नागरिक के रूप में उन्होंने जो लिखा, उसमें साफ संदेश था, भारत अपने फैसले खुद लेता है। रूस से तेल खरीदना हो या न हो, यह भारत की ज़रूरत और नीति पर निर्भर करता है, किसी और की मर्ज़ी पर नहीं।
ये भी पढ़ें- Rahul Gandhi ने क्यों कहा कोई नहीं देखेगा Kerala Story 2? जानिए क्यों



