India Pakistan Tension
    Photo Source - Google

    India-Pakistan Tension: गुरुवार को भारत ने पाकिस्तान के देश के 15 अलग-अलग स्थानों पर हमला करने के प्रयासों को विफल कर दिया। यह तनाव जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले का परिणाम है, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा इस प्रकार के एस्केलेशन के बाद, भारतीय नौसेना ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है।

    एनडीटीवी के मुताबिक, अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर भारी गोलाबारी हो रही है, और जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान के कई शहरों में ब्लैकआउट लागू किया गया है। यह कदम पाकिस्तानी ड्रोन के अवरोधन और विस्फोटों की आवाज़ के बाद उठाया गया है। बढ़े हुए तनाव के बीच देशभर के हवाई अड्डे हाई अलर्ट पर हैं। कई सीमावर्ती जिलों में स्कूल और कॉलेज भी बंद कर दिए गए हैं।

    India Pakistan Tension भारत का ‘ऑपरेशन सिंदूर’-

    एनडीटीवी के मुताबिक, बुधवार की सुबह, भारत ने पहलगाम हमले के जवाब में पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर हमला करने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। भारतीय सेना के अनुसार, पाकिस्तान के अंदर गहराई में स्थित नौ आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया गया।

    इस ऑपरेशन ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का यह कदम पहलगाम हमले के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    India Pakistan Tension सीमावर्ती राज्यों में हाई अलर्ट-

    पाकिस्तान से बढ़ते खतरे के बीच, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कई इलाकों में रात के समय ब्लैकआउट का आदेश दिया गया है ताकि पाकिस्तानी ड्रोन के लिए टारगेटिंग मुश्किल हो जाए।

    राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, श्री शर्मा ने पूरे राज्य, विशेषकर सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द करने का भी निर्देश दिया।

    नागरिकों पर पड़ा प्रभाव-

    इस तनावपूर्ण स्थिति का सबसे ज्यादा असर सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों पर पड़ा है। स्कूल-कॉलेज बंद होने से शिक्षा प्रभावित हुई है, और लोगों को अपने घरों में ही रहने की सलाह दी गई है।

    “हमें अचानक स्कूल से घर भेज दिया गया। हमारे टीचर ने बताया कि सुरक्षा कारणों से स्कूल बंद किया जा रहा है,” जम्मू के एक 12 साल के छात्र राहुल ने बताया। सीमावर्ती गांवों के कई परिवारों ने सुरक्षित स्थानों पर जाना शुरू कर दिया है।

    विमानन क्षेत्र पर प्रभाव-

    देश भर के हवाई अड्डों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यात्रियों को अतिरिक्त सुरक्षा जांच का सामना करना पड़ रहा है, और कुछ उड़ानों में देरी की सूचना भी मिली है। हालांकि, अभी तक किसी भी उड़ान को रद्द नहीं किया गया है।

    दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक अधिकारी ने बताया, “हम स्थिति पर नज़र रख रहे हैं और सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं। यात्रियों को थोड़ा अधिक समय लग सकता है, लेकिन यह उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक है।”

    अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया-

    भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर दुनिया भर के देशों ने चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के माध्यम से मुद्दों को हल करने का आग्रह किया है।

    अमेरिका, रूस, चीन और यूरोपीय संघ जैसे बड़े देशों ने भी इस स्थिति पर नज़र रखी हुई है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा, “हम स्थिति पर करीब से नज़र रख रहे हैं और दोनों पक्षों से संयम बरतने का आग्रह करते हैं।”

    भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी “जीरो टॉलरेंस” नीति पर कायम रहेगा और जरूरत पड़ने पर और कार्रवाई कर सकता है। भारतीय सेना के एक पूर्व अधिकारी ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर एक स्पष्ट संदेश है कि भारत अब पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा।”

    ये भी पढ़ें- भारत ने पाकिस्तान पर हमला किया तेज़, पाकिस्तान की राजधानी समेत इन शहरों पर किया हमला

    जनता से अपील-

    सरकार ने नागरिकों से अफवाहों से दूर रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, “सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और फेक न्यूज़ से बचें। हम स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण में हैं और नागरिकों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है।”

    सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां 24×7 अलर्ट पर हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। नागरिकों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों को देने की अपील की गई है।

    ये भी पढ़ें- JF-17 मार गिराने के बाद पाकिस्तानी पायलट गिरफ्तार, अब क्या होगा उसके साथ?