Delhi Metro: सोमवार को दिल्ली मेट्रो के किराए में हुई बढ़ोतरी के बावजूद भी यह देश की सबसे महंगी मेट्रो सेवा नहीं बनी है। हालांकि, इसका मतलब यह भी नहीं है, कि दिल्ली मेट्रो अब भी सबसे सस्ती है। देश की विभिन्न मेट्रो सेवाओं के किराए का तुलनात्मक अध्ययन करने पर पता चलता है, कि बेंगलुरु मेट्रो अभी भी देश की सबसे महंगी मेट्रो सेवा बनी हुई है।
नई किराया संरचना क्या बदला है?
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (डीएमआरसी) द्वारा सोमवार को लागू की गई नई किराया संरचना के अनुसार, अब यात्रियों को 0-2 किमी की यात्रा के लिए 11 रुपये का भुगतान करना होगा, जो पहले 10 रुपये था। वहीं 32 किमी से अधिक की यात्रा के लिए अधिकतम किराया 60 रुपये से बढ़कर 64 रुपये हो गया है। एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर भी प्रति यात्रा 5 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।
डीएमआरसी का कहना है, कि यह बढ़ोतरी “न्यूनतम” है और इसका उद्देश्य परिचालन लागत को संतुलित करते हुए “किफायती” सार्वजनिक परिवहन प्रदान करना है। स्मार्ट कार्ड इस्तेमाल करने वालों को पहले की तरह 10% की छूट मिलती रहेगी और कम भीड़भाड़ के समय में अतिरिक्त 10% की छूट भी मिलेगी।
देश की अन्य मेट्रो सेवाओं से तुलना-
विभिन्न मेट्रो नेटवर्क की आधिकारिक वेबसाइटों से मिली जानकारी के अनुसार, बेंगलुरु मेट्रो में एक यात्रा की लागत दूरी के आधार पर 10-90 रुपये है, जबकि दिल्ली मेट्रो में यह 11-64 रुपये और मुंबई मेट्रो में 10-60 रुपये है। इस तुलना में कोलकाता मेट्रो सबसे सस्ती साबित होती है, जहां किराया केवल 5-25 रुपये है। जयपुर मेट्रो भी काफी किफायती है, जहां यात्रा की लागत 6-23 रुपये है।
दिलचस्प बात यह है, कि 2 किमी की यात्रा के लिए दिल्ली मेट्रो का न्यूनतम किराया 11 रुपये देश में सबसे अधिक है। हालांकि, स्मार्ट कार्ड इस्तेमाल करने वालों के लिए यह 9 रुपये हो जाता है। मुंबई मेट्रो में प्रति किलोमीटर सबसे अधिक किराया 3.50 रुपये है, जो अन्य शहरों से अधिक है।
बेंगलुरु बनाम दिल्ली कौन है महंगा?
फरवरी 2024 में बैंगलोर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने नम्मा मेट्रो के किराए में कुछ रूटों पर 50% तक की बढ़ोतरी की थी। जबकि न्यूनतम किराया 10 रुपये ही रहा, लेकिन अधिकतम किराया 60 रुपये से बढ़कर 90 रुपये हो गया। इससे नम्मा मेट्रो देश की सबसे महंगी मेट्रो सेवा बन गई।
इस पर बेंगलुरु साउथ के सांसद तेजस्वी सूर्या ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर टिप्पणी करते हुए कहा, “दिल्ली मेट्रो की इन उचित बढ़ोतरी की तुलना बीएमआरसीएल द्वारा बेंगलुरु में की गई वृद्धि से करें। बेंगलुरु में तीव्र बढ़ोतरी बिल्कुल अनुचित है और इससे बेंगलुरु मेट्रो देश की सबसे महंगी हो गई है। यह और भी शर्मनाक है, कि उन्होंने अभी तक किराया निर्धारण समिति की रिपोर्ट प्रकाशित नहीं की है!”
यात्री संख्या और आय का खेल-
बेंगलुरु मेट्रो में दैनिक यात्री संख्या 7,75,000 से 8,04,000 यात्रियों की है। वहीं दिल्ली मेट्रो की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें रोजाना 46.3 लाख यात्री सफर करते हैं। इससे पता चलता है, कि दिल्ली मेट्रो की सवारी बेंगलुरु मेट्रो से कई गुना अधिक है, जिससे राजस्व उत्पादन में भी महत्वपूर्ण अंतर होता है।
यात्री संख्या का यह बड़ा अंतर दिखाता है, कि दिल्ली मेट्रो जनता की पहली पसंद है। इतनी अधिक सवारी के बावजूद दिल्ली मेट्रो का किराया अपेक्षाकृत कम रखा गया है, जो इसकी लोकप्रियता का मुख्य कारण है। बेंगलुरु मेट्रो को भी इस बात पर ध्यान देना चाहिए, कि कहीं अधिक किराया लोगों को इससे दूर न कर दे।
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आम आदमी पर क्या होगा प्रभाव?
किराया वृद्धि का सबसे अधिक प्रभाव उन लोगों पर पड़ता है, जो रोज़ाना काम पर जाने के लिए मेट्रो पर निर्भर हैं। हालांकि डीएमआरसी का कहना है, कि यह बढ़ोतरी न्यूनतम है, लेकिन मासिक बजट पर इसका संचयी प्रभाव जरूर महसूस होगा। फिर भी, यदि हम अन्य परिवहन साधनों जैसे कि निजी कार, टैक्सी या ऑटो-रिक्शा से तुलना करें, तो मेट्रो अभी भी सबसे किफायती विकल्प है।
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