JEE Main Session 2 Preparation Tips
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    JEE Main Session 2 Preparation Tips: जब महीनों की कड़ी मेहनत के बाद JEE Main Session 1 का रिज़ल्ट उम्मीद के मुताबिक नहीं आता, तो दिल टूटना स्वाभाविक है। कई स्टूडेंट्स को लगता है, कि सब कुछ बर्बाद हो गया। लेकिन रुकिए एक एग्ज़ाम का रिज़ल्ट न आपकी काबिलियत तय करता है, न आपका भविष्य। JEE Main में दो सेशन इसीलिए होते हैं, ताकि आपको दूसरा मौका मिले। Session 2 अभी भी आपके हाथ में है।

    घबराहट को दूर भगाइए, पहले खुद को समझिए-

    Result देखकर निराश होना गलत नहीं है, लेकिन उस निराशा को अपने अगले अटेंप्ट पर हावी होने देना ज़रूर गलत है। कई बार एक खराब स्कोर स्टूडेंट की असली क्षमता नहीं दर्शाता, एग्ज़ाम का प्रेशर, टाइम मैनेजमेंट की कमी, अन एक्सपैक्टिड सवला या बस एक बुरा दिन भी इसकी वजह हो सकता है। इसलिए खुद को दोष देने की बजाय ठंडे दिमाग से सोचिए, कि आखिर हुआ क्या।

    Scorecard खोलिए और खुद से ऑनेस्ट रहिए-

    अगला कदम है honest self-analysis। अपना स्कोरकार्ड ध्यान से देखिए और एग्ज़ाम के दिन को याद करिए। कहां मार्क्स गए? कौन से कॉन्सेप्ट में दिक्कत हुई? क्या कैल्कुलेशन में गलतियां ज़्यादा थीं? क्या मुश्किल सवालों पर ज़्यादा वक्त लगा और आसान सवाल छूट गए? जो स्टूडेंट्स सेशन 2 में बड़ा इंप्रूवमेंट करते हैं, वो ज़्यादा घंटे पढ़ने की बजाय स्मार्ट तरीके से पढ़ते हैं।

    नई किताबें नहीं, NCERT पर फोकस करो-

    बहुत से छात्र घबराहट में नई किताबें खरीद लेते हैं, ढेरों वीडियो देखने लगते हैं और हर हफ्ते अपना तरीका बदलते रहते हैं, यह सब वक्त और एनर्जी दोनों बर्बाद करता है। Chemistry के लिए NCERT को बहुत ध्यान से पढ़िए, क्योंकि बड़ी संख्या में डायरेक्ट सवाल वहीं से आते हैं। Physics और Maths में उन टॉपिक्स पर ध्यान दीजिए, जिनका महत्व ज़्यादा है और जहां आप सुधार कर सकते हैं।

    Mock Tests दीजिए और उन्हें एनालिसिस भी कीजिए-

    पुराने JEE पेपर्स और मॉक टैस्ट से एग्ज़ाम पैटर्न, क्वश्चन टाइर और डिफिकलिटी लेवल की समझ आती है। लेकिन सिर्फ mock test देना काफी नहीं है, हर test के बाद उसे carefully analyse करना ज़रूरी है। हर गलती के पीछे की वजह समझिए, चाहे वो concept की कमी हो, calculation error हो या time management की गड़बड़ी, जिससे वही गलती दोबारा न हो।

    Mindset सही रखिए, नींद और आराम भी ज़रूरी है-

    ज़रूरी बातक्यों ज़रूरी है
    पर्याप्त नींददिमाग तेज़ रहता है, याददाश्त बेहतर होती है
    छोटे-छोटे breaksburnout से बचाव होता है
    Timed mock practiceexam anxiety कम होती है, confidence बढ़ता है
    Positive self-talkJanuary का result भूलकर आगे बढ़ने में मदद मिलती है

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    बहुत से छात्र अच्छी तरह पढ़े होते हैं, लेकिन exam hall में नर्वस हो जाते हैं। टाइम्ड प्रैक्टिस और एग्ज़ाम जैसे माहौल में बैठकर टैस्ट देने से यह डर धीरे-धीरे कम होता है। Session 1 का अनुभव अब आपकी सबसे बड़ीताकत है, आप जानते हैं एग्ज़ाम कैसा होता है। एक गहरी सांस लीजिए और नए सिरे से शुरुआत कीजिए। Session 2 अभी भी आपका है।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।