Japanese Lifestyle: आपने कभी सोचा है, कि जापान में 90 साल के बुजुर्ग भी साइकिल चलाते, बगीचे में काम करते और बिना किसी की मदद के अपनी रोजमर्रा की जिंदगी जीते नजर आते हैं? न कोई जिम, न कोई महंगा डाइट प्लान, फिर भी उनका शरीर हमारी सोच से कहीं ज्यादा एक्टिव रहता है। यह कोई मैजिक नहीं, बल्कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों का नतीजा है, जो सालों से जापानी कल्चर का हिस्सा रही हैं। आइए जानते हैं. वो पांच आदतें जो उम्र बढ़ने की रफ्तार को धीमा कर देती हैं।
“हारा हाची बू” यानी पेट भर से थोड़ा कम खाना-
ओकिनावा के बुजुर्गों का एक फेमस नियम है, “हारा हाची बू”, यानी पेट को सिर्फ 80% तक भरना, पूरा नहीं। यह छोटी सी आदत शरीर पर ज्यादा दबाव नहीं डालती और पाचन तंत्र को हेल्दी रखती है। दरअसल ओवरईटिंग ही सबसे पहले शरीर को बूढ़ा बनाने लगती है, इसलिए हल्का खाना और समय पर खाना उनकी लॉन्ग लाइफ का बड़ा राज माना जाता है।
चलना ही सबसे बड़ी एक्सरसाइज-
जापानी बुजुर्ग जिम की मशीनों पर भरोसा नहीं करते, बल्कि रोजाना पैदल चलना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है। बाजार जाना हो या मंदिर, ज्यादातर काम पैदल या साइकिल से ही होते हैं। यह नैचुरल मूवमेंट जोड़ों को लचीला रखता है और दिल की सेहत को भी मजबूत बनाता है, वो भी बिना किसी हैवी वर्कआउट के।
“इकिगाई” यानी जीने की एक वजह-
जापानी फिलॉसफी में एक कॉन्सेप्ट है “इकिगाई” यानी हर सुबह उठने की एक वजह होना। चाहे वो बागवानी हो, पोते-पोतियों के साथ समय बिताना हो या कोई शौक, एक मकसद होने से दिमाग एक्टिव रहता है और स्ट्रेस कम होता है। मेंटल हेल्थ अच्छी होने का सीधा असर शरीर की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया पर भी पड़ता है।
सोया और मछली से भरपूर सादा खाना-
जापानी थाली में तला-भुना कम, बल्कि मछली, सोया प्रोडक्ट्स जैसे टोफू, मिसो सूप और ढेर सारी सब्जियां होती हैं। यह डाइट शरीर में सूजन (इंफ्लेमेशन) कम करती है, जो झुर्रियों और बुढ़ापे की बड़ी वजह मानी जाती है। कम शुगर और कम प्रोसेस्ड फूड की आदत उनकी स्किन और शरीर दोनों को जवां बनाए रखती है।
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सामाजिक जुड़ाव और तनाव से दूरी-
जापान के “ब्लू जोन” इलाकों में बुजुर्ग अकेले नहीं रहते, बल्कि पड़ोसियों और दोस्तों के साथ मजबूत रिश्ते बनाए रखते हैं। सामाजिक जुड़ाव अकेलेपन को दूर रखता है, जो सीधे तौर पर तनाव और डिप्रेशन को कम करता है। कम स्ट्रेस मतलब शरीर में कम कॉर्टिसोल, और यही हार्मोन असल में तेजी से बुढ़ापा लाने का काम करता है।
तो अगली बार जब आप जिम मेंबरशिप के बारे में सोचें, तो इन आसान लेकिन असरदार आदतों को भी अपनी जिंदगी में शामिल करने की कोशिश करें।
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