Noida Labour Violence: नोएडा और गाज़ियाबाद की सड़कों पर सोमवार को जो आग भड़की, उसकी तपिश इतनी तेज़ थी, कि उत्तर प्रदेश सरकार को उसी रात बड़ा फैसला लेना पड़ा। हिंसक विरोध प्रदर्शन के ठीक एक दिन बाद देर रात सरकार ने न्यूनतम वेतन में संशोधन का ऐलान कर दिया। यह फैसला उन मज़दूरों के बढ़ते दबाव का नतीजा है, जो बेहतर वेतन और काम की बेहतर परिस्थितियों की माँग को लेकर सड़कों पर उतर आए थे।
नई वेतन संरचना?
संशोधित दरों के अनुसार नोएडा और गाज़ियाबाद में अकुशल कामगारों की मासिक तनख्वाह 11,313 रुपये से बढ़ाकर 13,690 रुपये कर दी गई है। यह बदलाव 1 अप्रैल से प्रभावी माना जाएगा। अर्धकुशल और कुशल कामगारों के वेतन में भी बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य नगर निगमों और ज़िलों में भी अलग-अलग स्तर पर वेतन वृद्धि की घोषणा की गई है। यह कदम हरियाणा की 35 प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी के बाद भड़के असंतोष को शांत करने की कोशिश है।
जब सड़कों पर जली पुलिस की गाड़िया-
सोमवार को नोएडा के फेज 2 में जो हुआ, वह किसी के लिए भी चौंकाने वाला था। सैकड़ों मज़दूर बेहतर वेतन की मांग को लेकर इकट्ठा हुए और देखते ही देखते प्रदर्शन हिंसक हो गया। पुलिस की एसयूवी समेत कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और औद्योगिक इलाकों में पत्थरबाज़ी की घटनाएं सामने आईं। पुलिस ने भारी फोर्स तैनात की और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। हिंसा दोपहर में शुरू हुई और शाम करीब 5 बजे तक छिटपुट घटनाएं होती रहीं। इसके बाद अधिकारियों ने बताया कि हालात काबू में आ गए।
पुलिस बोली बाहरी लोगों ने भड़काई हिंसा-
गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया, कि शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। लेकिन बाद में जिले के बाहर से आए कुछ लोगों ने सीमावर्ती इलाकों में तनाव भड़काने की कोशिश की। इन लोगों में से कुछ को हिरासत में लिया गया है, जबकि बाकियों की पहचान की जा रही है। पुलिस कमिश्नरेट के कई थानों में सात एफआईआर दर्ज की गई हैं और कई असामाजिक तत्वों को भी हिरासत में लिया गया है।
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मज़दूरों की जीत या अधूरा इंसाफ?
सरकार का यह फैसला भले ही राहत की एक किरण है, लेकिन मज़दूरों की मांग 18,000 से 20,000 रुपये की थी। 13,690 रुपये की नई दर उस मांग से अभी भी काफी कम है। देखना यह होगा, कि यह बढ़ोतरी मज़दूरों का गुस्सा शांत कर पाती है या नोएडा की सड़कें एक बार फिर गरम होती हैं।
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